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Lassa Fever: कोरोना के बाद इस जानलेवा वायरस का फैला आतंक, जानें इसके लक्षण और बचाव
कोरोना वायरस का कहर पूरी तरह से ठीक भी नहीं हुआ था कि इसी बीच एक और नए खतरे की आहट सामने आई है। 11 फरवरी को ब्रिटेन में लासा बुखार से एक इंसान की मौत हुई है। ब्रिटेन में साल 2009 के बाद लासा बीमारी के तीन मामले सामने आए हैं, जिसमें से एक मरीज की मौत से ब्रिटिश में हड़कंप मच गया है। तीनों संक्रमित एक ही परिवार से हैं। यह परिवार हाल ही में साउथ अफ्रीका से लौटा था। बता दें कि वायरस का पहला केस नाइजीरिया के लासा नाम की जगह पर मिला था जिसके बाद इसका नाम लासा बुखार रख दिया है। लासा वायरस भी इबोला और मार्गबर्ग फैमिली का वायरस है। आइए जानते हैं क्या है लासा बुखार।

क्या है लासा बुखार
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड पॉल्यूशन के अनुसार लासा वायरस का पहला मामला साल 1969 में नाइजीरिया में सामने आया था। लासा बीमारी के बारे में पहली बार तब पता चला था जब नाइजीरिया में दो नर्सों की मौत हुई थी। लासा बुखार चूहे से फैलता है। शुरुआत के समय में यह वायरस साउथ अफ्रीका देशों में सामने आया था।

कैसे फैलता है लासा वायरस
लासा वायरस चूहों के मल मूत्र से फैलता है। संक्रमित चूहों के मल मूत्र के संपर्क में आने से लासा वायरस मनुष्यों में फैलता है। संक्रमित चूहों के मल मुत्र की जगह पर एरोसोलाज्ड तत्व बनता है जो कि हवा में मिक्स हो जाता है जो कि सांसों के द्वारा शरीर में प्रेवश करता है जिससे इंसान इस वायरस से संक्रमित हो जाते है। वहीं संक्रमित चूहों को भोजन के रूप में सेवन करने से भी यह वायरस इंसान में फैल जाता है।

लासा बुखार के लक्षण
लासा बुखार के लक्षण हल्के होते हैं। लासा बुखार में हल्का बुखार, कमजोरी, गले में दर्द, सिर दर्द, उल्टी, दस्त और खांसी होती है। वायरस का असर बढ़ने पर फेफड़ो में पानी भरना, चेहरे पर सूजन और आंतों से खून आने लगता है। वायरस के अंतिम चरण में दौरे, कंपकंपी, सदमा और कोमा की शिकायत हो सकती है।

एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कैसे फैलता है वायरस
लासा वायरस हाथ मिलाने, गले लगने या फिर पास बैठने से नहीं फैलता है। वहीं संक्रमित व्यक्ति के लक्षण आने से पहले व्यक्ति से मिलने से वायरस नहीं फैलता है। लासा वायरस के लक्षण सामने आने में 1 से 3 हफ्ते समय लगता है।

लासा वायरस से बचाव
इस वायरस से बचाव के लिए चूहों के संपर्क में आने से बचें। न केवल चूहों बल्कि इनकी गंदगी से भी बचाव की जरूरत है। घर में कोशिश करें चूहें प्रवेश न कर पाएं। चूहों को प्रवेश से रोकने के लिए खाने का सामान बंद डब्बे में रखें। अगर चूहा किसी कारण घर में आ भी जाता है तो उसे पकड़ने के लिए हर तरह के तरीके अपनाएं।



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