वेटलॉस के ल‍िए रॉकेट साइंस नहीं ट्राय करें रॉकेट योगा, इस फार्मूले से मिलेगी मनचाही काया

योगा आजकल हर तरह की समस्‍या का समाधान बन गया है। फिट रहने के ल‍िए आजकल लोग योग का ज्‍यादा सहारा रहने लगे है। इस कोरोना में आधी आबादी स्‍वस्‍थ रहने के ल‍िए योग का सहारा ले रही थी। चाहे वो ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज हो या फिट रहने के ल‍िए अलग-अलग आसान। स्‍वस्‍थ रहने के साथ फिट रहने के ल‍िए भी योगा सबसे आसान और सही उपाय है।
लॉकडाउन में बैठे-बैठे वजन बढ़ गया हैं और अब फिर से शेप में आने का तरीका ढूंढ रहे हैं। तो हम आपको एक ऐसा योगा बता रहे है जो जो वजन घटाने के साथ आपको फिर से पुरानी शेप में ले आएगा। आज हम आपको बता रहे हैं रॉकेट योगा, जि‍सकी डेली प्रैक्टिस से आप एक्‍स्‍ट्रा फैट घटा सकते हैं।

क्‍या है रॉकेट योगा

क्‍या है रॉकेट योगा

रॉकेट योगा अष्टांग योग का आधुनिक रूप है जो तेजी से वजन घटाता है। ऐसे लोग जो पतला होने के ल‍िए दवाओं, सप्लीमेंट, डाइटिंग और जिम जैसे हथकंडे अजमा चुके हैं। रॉकेट योगा उनके ल‍िए बहुत फायदेमंद है। चाहे आपको फेशियल फैट कम करना हो, बैली फैट करना हो, जांघों का फैट कम करना हो या पूरी शरीर का वजन घटाना हो। रॉकेट योगा को कर के आप पूरी तरह फिट रह सकते हैं।

अष्टांग योग का आधुनिक रूप

अष्टांग योग का आधुनिक रूप

रॉकेट योग पारंपरिक अष्टांग योग का एक आधुनिक रूप है जिसमें शरीर के आठ अंगों से जमीन को स्पर्श करते हैं इसलिए इसे अष्टांग योगा कहते हैं। इस योग को करते वक्त शरीर रॉकेट की तरह आसमान में उड़ता है। इसलिए इसे रॉकेट योग भी कहते हैं। इस आसन में जमीन का स्पर्श करने वाले अंग चिन, चेस्‍ट, दोनों हाथ, दोनों घुटने और दोनों पैर हैं। इस आसन को करते वक्त इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि पेट से शरीर का स्पर्श बिलकुल ही न होने पाए। अष्टांग आसन मुद्रा में टेबल मुद्रा, श्वान मुद्रा और सर्प मुद्रा के आसनों का अभ्यास किया जाता है। इस आसन को जमीन पर करने से पहले अपने घुटने के नीचे कंबल अथवा तौलिया मोडकर रख लीजिए इससे घुटने आरामदायक स्थिति में रहेंगे और आप ज्यादा देर तक योगा कर सकते हैं। अष्टांग योगा करने से पीठ और गर्दन में मौजूद तनाव दूर होता है और अष्टांग आसन को हर रोज करने से शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं और शरीर लचीला होता है।

रॉकेट योग करने का तरीका

रॉकेट योग करने का तरीका

रॉकेट योग को करने के लिए टेबल के समान दोनों हथेलियों और घुटनों पर शरीर को स्थापित कर दीजिए। उसके बाद हाथ की कोहनियों को हल्का मोड़े और हाथ के साइड के हिस्से को नीचे थोड़ा झुकाएं। फिर सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों के बीच चेस्ट को नीचे की तरफ झुकाइए। गर्दन को आगे की ओर खींचते हुए चिन को जमीन से लगाइए। हांथों को कंधे से नीचे झुकाते हुए पीछे की ओर ले जाइए। पैर की उंगलियों को मोड़कर तलवे के ऊपरी भाग को जमीन से छूने दीजिए। कूल्हों को ऊपर की दिशा में उठाते हुए रीढ की हड्डियों को सीधा रखिए। इसके बाद इस मुद्रा में 15 से 30 सेकेंड तक बने रहिए।

जानें इसके दूसरे फायदे

जानें इसके दूसरे फायदे

सर्दियों में लोग शरीर के अलग-अलग दर्द से परेशान रहते है लेकिन यदि आप नियमित रूप से योगा करते हैं तो आपको ना सिर्फ किसी भी दर्द से निजात मिलेगी बल्कि सर्दियों में होने वाली परेशानियों से भी आप दूर रहेंगे।

आप सैर पर नहीं जा पाते या फिर आपको दिनभर बैठे रहना पड़ता है या आपको भूख बहुत अधिक लगती है तो ऐसे में योगा से आप फिट रह सकते हैं। दरअसल, योग के माध्यम से आप शरीर की अतिरिक्त कैलोरी को आसानी से कम कर सकते हैं।

मसल्‍स को स्‍ट्रॉन्‍ग बनाएं

मसल्‍स को स्‍ट्रॉन्‍ग बनाएं

योग हमारे मसल्‍स को मजबूत बनाने का काम करती है। इससे हमारे शरीर में अध‍िक लचीलापन आता है। हम बेहतर काम कर सकते हैं। हमारी पकड़ मजबूत होती है। मांसपेश‍ियों से जुड़े काम करना आसानी से हो जाते है। इससे चोट लगने के खतरे भी कम हो जाते हैं। योग हमारे शरीर के लिए सबसे बेस्‍ट एक्‍सरसाइज है।

एकाग्रता बढ़ाए

एकाग्रता बढ़ाए

मस्तिष्क जब तक शांत नहीं होता है तो आप चीजों पर बेहतर ढंग से ध्‍यान नहीं कर पाएंगे। इसका असर आपकी याददाश्‍त पर पड़ेगा। योग और ध्यान की वजह से आप चीजों पर बेहतर और लंबे समय तक ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। इससे आपकी कार्यक्षमता में भी इजाफा होता है। और आप अपनी रोजमर्रा की कार्य-योजना को बेहतर तरीके से क्रियान्वित कर पाते हैं।

Desktop Bottom Promotion