Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
पांव में मोच आने के बाद क्या नहीं करना चाहिए, ऐसे मोच और फ्रेक्चर में अंतर जाने
अक्सर खेलकूद या ऑफिस में कोई भारी काम करते हुए पांव में मोच आ जाती है। पांव में मोच आने के बाद कई बार लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं। जिसकी वजह से पांव में मोच का दर्द असहनीय हो जाता है। जिसकी वजह से दिक्कतें बढ़ सकती है। वैसे मोच अगर हल्की या ज़्यादा गंभीर न हो, तो घर पर ही उसका इलाज किया जा सकता है। इन बातों पर ध्यान देकर आप मोच को घर पर ही ठीक कर सकते हैं।

क्या करें ?
- मोच होने पर सबसे पहले उस हिस्से को आराम दे, और कोशिश करें कि उस पर किसी तरह का दबाव न पड़े।
- मोच आने के 48 से 72 घंटे ब़र्फ से 15-20 मिनट सिंकाई करें। ब़र्फ मोचवाली जगह पर सीधे लगाने की बजाय टॉवेल या कपड़े में बांध कर लगाएं।
- मोच वाले एरिया को नुक़सान न पहुंचे, इसलिए बैंडेज बांध दें। इससे सूजन कम होगी। बैंडेज कसकर ना बांधें, इससे रक्त-संचार बाधित होगा।
- मोच वाले हिस्से को तकिये की मदद से थोड़ा ऊपर रखें, इससे सूजन कम होगी।
पैरों में अगर मोच आई हो और पैर ज़ख्मी हो गया हो, तो ज़्यादा देर तकिये पर ना रखें।

क्या न करें ?
- मोच वाली जगह पर मसाज न करें.
- किसी भी तरह की एक्ससाइज़ न करें.
- मोच वाले हिस्से को गर्मी न दें, जैसे- स्टीम बाथ, सोनाबाथ न लें।
- शराब से दूरी बनाएं इससे अल्कोहल के सेवन से सूजन बढ़ सकती है और ठीक होने में ज़्यादा व़क्त लग सकता है।

फ्रैक्चर होने पर
- अगर आपको फ्रैक्चर का अहसास होता है तो उसे बिल्कुल न हिलाएं।
- फुलपट्टी या छड़ी जैसी सख़्त चीज़ से हड्डी को सपोर्ट देकर कपड़े से किसी अंग से बांध दें।
- हड्डी टूटते से ख़ून निकल रहा हो, तो पहले खून साफ़ पट्टी से हल्के से दबाकर रोकें।
- चोट लगी जगह को पानी से साफ़ करें।
- हड्डी के टुकड़े अलग हो गए हों, तो टुकड़े को रख लें।
- 5 कई बार टूटी हुई हड्डी को जोड़ा जा सकता है।
- जितना जल्दी हो सके, डॉक्टर के पास मरीज़ को ले जाएं, ताकि समय पर इलाज हो सके।
क्या न करें ?
- मरीज़ को खाने-पीने को कुछ न दें। कई बार मरीज़ को बेहोश कर हड्डी जोड़ी जाती है।
- जहां चोट लगी हो वहां कोई मलहम न लगाएं।



Click it and Unblock the Notifications
