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40 के बाद भी कैसे बरकरार रखें अपनी प्रजनन क्षमता
30 की उम्र पार पहुंचने के बाद तक जब गोद सूनी रह जाती है, तब मन में एक अजीब सा डर सताने लगता है, कि क्या मैं 40 के बाद गर्भवती हो पाउंगी?
इस बारे में आपने इंटरनेट पर जितना भी सर्च किया होगा, आपने केवल यही पाया होगा कि उम्र ढलते-ढलते महिलाओं और पुरषों की प्रजनन क्षमता में गिरावट आ ही जाती है।
जल्द गर्भवती बनने के लिये खाएं ये 21 आहार
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि महिलाओं की प्रजनन क्षमता 35 की उम्र आते-आते कम होना शुरु हो जाती है। लेकिन इस बात को हमेशा के लिये सच मान बैठना आपकी भूल हो सकती है। हर व्यक्ति की प्रजनन क्षमता अलग-अलग होती है। कई महिलाएं आराम से 40 के पार भी प्रेगनेंट हो जाती हैं, तो कई 30 की उम्र पर भी मां नहीं बन पाती।
अपनी प्रजनन क्षमता को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने के उपाय
आइये जानते हैं कि 40 साल की उम्र के बाद भी अपनी प्रजनन क्षमता को कैसे बरकरार रखा जा सकता है।

स्वस्थ रहें
खुद को पूरी तरह से स्वस्थ रखने का मतलब है कि मधुमेह या (पीसीओएस) पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम से बच कर रहें। इन बीमारियों के लक्षणों को पहचानने के लिये अपने डॉक्टर से मिलें और इसका पूरा ट्रीटमेंट करवाएं। इसके अलावा आपको अपनी लाइफस्टाइल में अच्छा खाना तथा व्यायाम जोड़ने की भी आवश्यकता है।

फर्टिलिटी जांच
हर महिला एक निश्चित अंडों की संख्या के साथ पैदा होती है और जीवन काल बढ़ते-बढ़ते उसकी प्रजनन क्षमता में कमी आ जाती है। महिलाओं में रजोनिवृत्ति होने के 10 साल पहले अंडों की संख्या में गिरावट होनी शुरु हो जाती है, जिससे उसकी प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है। लेकिन फर्टिलिटी टेस्ट के जरिये आप उन सेहतमंद अंडों की जांच से पता कर सकती हैं, जो आपको मां बनने का सुख दे सकते हैं। आप ब्लड टेस्ट से अपने हार्मोन लेवल का भी पता लगा सकती हैं।

सेफ सेक्स
गोनोरिया और कैलामाइडिया नामक यौन संचारित रोगों का अगर सही से ट्रीटमेंट ना करवाया गया तो, पेडु में सूजन की बीमारी हो सकती है। इस बीमारी से फैलोपियन ट्यूब में घाव हो जाता है, जिससे बाझपन होने की संभावना होती है। इसलिये ये बेहद जरुरी है कि आप खुद की और अपने पार्टनर की भी ठीक से जांच करवाएं।

विटामिन्स का सेवन
हर वह महिला जो अपनी प्रजनन क्षमता को बरकरार रखना चाहती है, भले ही वह आगे चल कर गर्भवती ना भी बनना चाहे, तो भी उसे मल्टीविटामिन की गोलियां जरुर लेनी चाहिये, खासतौर पर फोलिक एसिड की मात्रा वाली। गर्भवस्था के दौरान फोलिक एसिड भ्रूण को विकसित करता है तथा जन्म दोष को मिटाता है। आपको फोलिक एसिड हरी पत्तेदार सब्जियों, संतरों, साबुत अनाज और दालों से प्राप्त हो सकता है।

वजन नियंत्रित रखिये
यदि आप ओवरवेट हैं तो बच्चा जनने की क्षमता अपने आप कम हो जाएगी। तो अगर आप कंसीव करने की सोच रही हैं तो अभी से ही वजन कंट्रोल में करना शुरु कर दें।



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