हेल्‍थ और ब्‍यूटी पाने के लिये महिलाओं के लिये जरुरी 10 विटामिन्‍स

By Staff

आज की महिलाएं स्वास्थ्य के प्रति सजग हैं और आपने खाने का ध्यान रखती हैं। क्या है यह स्वास्थवर्धक भोजन? स्वास्थवर्धक भोजन वह है जिसमें बहुत सारे विटामिन्स मौजूद हों।

जिससे खाने से किसी भी उम्र और वजन की महिला स्वस्थ रहें, और किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से दूर रहें। विटामिन आर्गेनिक कंपाउंड्स होते हैं जो शरीर विभिन्न अंगों में पाया जाता है, जिससे हर अंग ठीक से काम करता है और हर विटामिन अलग तरह से काम करता है।

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लेकिन अगर इन विटामिन में कमी आ जाती है तो आपको कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पढ़ सकता है। इसलिए यह जरुरी है कि आप अपने रोज़ के आहार के जरिये अपने विटामिन्स की कमी को पूरा करें।

1. विटामिन ए

1. विटामिन ए

विटामिन ए में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जिसकी जरुरत है उम्र की महिलाओं को होती है। यह आपकी हड्डियों, दांत, टिशू, त्वचा और म्यूकस मेम्ब्रेन को मजबूत बनता है। गाजर, तरबूज, कद्दू, टमाटर, तरबूज, अमरूद, ब्रोकोली, पपीता, आड़ू, लाल मिर्च, पालक, अंडे, लिवर, दूध और फॉर्टफाइड अनाज में विटामिन ए पाया जाता है।

2. विटामिन बी 2

2. विटामिन बी 2

विटामिन बी 2 शरीर की कोशिकीय प्रक्रियाओं के लिए बहुत ही आवश्यक होता है। इसकी कमी से होंठ और मुह सूखने लगते है साथ ही दरार (क्रेक्स) हो जाते है। और इसका असर त्वचा, आँख और खून पर भी पढता है। इसकी कमी से गले में सुजन, खुजान और त्वचा पर झुर्रियों का आना, एनीमिया (खून की कमी), थकावट, आँखों का भारी होना, नींद न आना, और कपकपी आना। विटामिन बी 2 दूध और दूध से बनाई गई चीज़े जैसे- दही, पनीर, आदि, केले (बनाना), पॉपकॉर्न, सेम (बीन्स), नॉनवेजिटेरियन खाना, अंडे आदि से आपको विटामिन बी 2 मिल सकता है।

3. विटामिन बी -6

3. विटामिन बी -6

हमारे मजबूत पाचन तंत्र के लिए विटामिन बी -6 बहुत जरुरी है, यह शरीर में हार्मोन्स और ब्रेन केमिकल को बनता है जिससे आप अवसाद, हृदय रोग और भूलने की बीमारी से दूर रहते हैं। यह शरीर ब्लड शुगर लेवल को भी ठीक रखता है। गर्भवती महिलाएं अगर वह भोजन करती हैं जिसमें विटामिन बी -6 हो तो वे मॉर्निंग सिकनेस से बच जारी हैं। इसकी कमी से खून की कमी हो सकती है। इसकी कमी को आप अनाज, एवोकाडो, केले, मांस, सेम, मछली, दलिया, नट्स , बीज, और किशमिश से पूरा कर सकते हैं।

4. विटामिन बी-7

4. विटामिन बी-7

विटामिन बी7 को बाओटिन भी कहते हैं, यह बालों के लिए बहुत ज़रूरी विटामिन है। इसे विटामिन एच भी कहते हैं। बाओटिन फैडी एसिड के निर्माण में सहायता करता है जो कोशिकाओं के विकास के लिए जिम्मेदार होता है। यह सिर्फ रुखे बालों को रिपेयर ही नहीं करता, बल्कि बालों के टेक्सचर को भी सुधारता है। बाओटिन की कमी से सिर की त्वचा ड्राइ और परतदार हो जाती है जिससे खुजली होने लगती है। इसकी कमी को पुअर अकरने के लिए आप मछली, मीठे आलू, बादाम, गाजर, केले, खरबूजा, पीले फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, ब्राउन चावल, मिर्च, अंडा, सोयाबीन, दलिया, दूध, पनीर, दही और नट्स खा सकते हैं।

5. विटामिन बी-9

5. विटामिन बी-9

इसे फोलेट भी कहा जाता है। यह डीएनए संश्लेषण, विटामिन बी12 के साथ मिलकर लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और एमिनो एसिड के चयापचय के लिए आवश्यक है। यह गर्भ में पल रहे बच्चे के न्यूरल ट्यूब दोष के जोखिम को कम करने में सहायक है। यह बच्चे की रीढ़ की हड्डी और नर्वस सिस्टम के गठन के लिए महत्वपूर्ण है। ब्रोकली, स्प्राउट्स, पालक, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, मटर, चना, ब्राउन ब्रेड, दूध और दूध से बने पदार्थ, चुकंदर, खजूर आदि इसके अच्छे स्रोत हैं

6. विटामिन बी 12

6. विटामिन बी 12

यह विटामिन एक टीम खिलाड़ी है और शरीर में भोजन से एनर्जी रिलीज करने का मुख्य स्रोत है। यह हमारे मस्तिष्क, स्पाइनल कॉर्ड और नर्व्स के कुछ तत्वों के निर्माण में भी सहायक है। लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, हीमोग्लोबिन बनाने और नर्वस सिस्टम में प्रोटीन की आपूर्ति कर स्वस्थ रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दूध और दूध से बने पदार्थ, मीट, साल्‍मन मछली और कॉड जैसी मछलियां, अंडे विटामिन बी12 के अच्छे स्रोत हैं।

7. विटामिन सी

7. विटामिन सी

यह कैंसर की संभावना को कम कर सकता है और आपकी आँखों की दृष्टि में सुधार ला सकता है। साथ ही रक्त में कोलेस्ट्रोल के स्तर में कमी ला सकता है। आपकी स्किन के स्वास्थ्य में सुधार व कई अन्य महत्वपूर्ण लाभ दे सकता है। विटामन-सी फ्री रेडिकल्स से सुरक्षा देता है व कई गम्भीर रोगों की सम्भावना को कम करता है। विटामिन सी की कमी से स्कर्वी नामक रोग हो सकता है, जिसमें शरीर में थकान, मासंपेशियों की कमजोरी, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, मसूढ़ों से खून आना और टांगों में चकत्ते पड़ने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। विटामिन सी ब्रोकोली, पके फल, कीवी, संतरा, मिर्च, आलू, स्ट्रॉबेरी, और टमाटर में पाया जाता है।

8. विटामिन डी

8. विटामिन डी

हर इंसान को विटामिन की जरूरत होती है, लेकिन खासतौर से महिलाओं को पुरुषों की तुलना में विटामिन डी की अधिक जरूरत होती है, क्योंकि महिला को अपने जीवनकाल में जिन चरणों से गुजरना पड़ता है, वैसे पुरुषों के साथ नहीं होता। विटामिन-डी शरीर के विकास, हड्डियों के विकास और स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। धूप के संपर्क में आने पर त्वचा इसका निर्माण करने लगती है। हालांकि यह विटामिन खाने की कुछ चीजों से भी प्राप्त होता है, लेकिन इनमें यह बहुत ही कम मात्रा में होता है। केवल इनसे विटामिन-डी की जरूरत पूरी नहीं हो जाती है। छली का तेल, वेसीय मछली, अण्डा, मक्खन पनीर, वसायुक्त दूध तथा घी हैं। सूर्य की किरणों के द्वारा भी हमें विटामिन डी मिलता है। इसका सबसे अच्छा और सस्ता स्रोत धूप है।

9. विटामिन ई

9. विटामिन ई

विटामिन ई हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है। विटामिन ई वसा में घुलनशील विटामिन है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है। इसके आठ अलग-अलग रूप होते हैं। कोशिकाएं एक दूसरे से इंटरएक्ट करने में विटामिन ई का उपयोग करती हैं और कई महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। विटामिन ई अंडे, सूखे मेवे, बादाम और अखरोट, सूरजमुखी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, शकरकंद, सरसों, शलजम, एवोकेडो, ब्रोकली, कड लीवर ऑयल, आम, पपीता, कद्दू, पॉपकार्न में पाया जाता है।

10 विटामिन के

10 विटामिन के

विटामिन ‘के' वसा में घुलनशील विटामिन है। इससे हड्डियों की सेहत में सुधार होता है, धमनियों में कैल्शियम को जमने से रोकने में मदद मिलती है, जिससे अचानक हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है। इसके अलावा यह बुढ़ापे को दूर रखने में भी सहायक है। इसके मुख्‍य स्‍त्रोत साबुत अनाज, हरी पत्‍तेदार सब्‍जियां, सोयाबीन तेल और फिश ऑइल हैं।

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