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क्या कारण है कि कामकाजी महिलाओं को प्रतिदिन कम से कम 7 घंटे सोना ही चाहिए

जिस प्रकार आपके स्वास्थ्य के लिए खाना महत्वपूर्ण है उसी प्रकार नींद भी महत्वपूर्ण है। यदि आपकी नींद पूरी नहीं होती है तो यह आपके जीवन को सभी संभव तरीकों जैसे शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक से प्रभावित करता है।
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इसके अलावा यदि आपकी नींद पूरी नहीं होती तो आपकी रचनात्मकता और उत्पादकता बहुत हद तक प्रभावित होती है। स्वास्थ्य संबंधी इन समस्याओं से बचने के लिए यहाँ 10 कारण बताए गए हैं कि कामकाजी महिलाओं के लिए प्रतिदिन 7 घंटे की नींद क्यों अनिवार्य है। आइए देखें:

1. थकान: जब आप सोती हैं तब आपका शरीर जैविक रखरखाव से गुज़रता है तथा आपको अगले दिन के लिए तैयार करता है। परंतु जब आपकी नींद पूरी नहीं होती तो अगली सुबह आप थकान महसूस करते हैं। कामकाजी महिलाओं को उर्जा के पुन:संग्रहण के लिए कम से कम सात घंटे की नींद की आवश्यकता होती है।

2. चिडचिडापन: जब नींद पूरी नहीं होती तब ब्रेन (मस्तिष्क) ठीक से काम नहीं करता और आपकी ज्ञान संबंधी क्षमता कम हो जाती है। इससे आप अक्सर चिडचिडापन महसूस करते हैं।

3. इम्यूनिटी कम होना: जब आप सोते हैं तो आपका शरीर महत्वपूर्ण एंटीबॉडीज़ साइटोकाइन का उत्पादन करता है जो प्रतिरक्षा स्तर को बढाता है तथा वायरस से लड़ता है। जब आपकी नींद पूरी नहीं होती तो इसके कारण शरीर का प्रतिरक्षा स्तर कम होता है जिसके कारण आप कई प्रकार के संक्रमणों के शिकार हो सकते हैं।

4. श्वसन संबंधी समस्याओं का खतरा: जब नींद की कमी के कारण आपका प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर हो जाता है तो आपको श्वसन संबंधी समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है। अत: श्वसन संबंधी बीमारियों से बचने के लिए महिलाओं को कम से कम सात घंटे सोना आवश्यक है।

5. वज़न बढ़ना: जब आपकी नींद पूरी नहीं होती तब आपके शरीर में दो केमिकल्स का स्तर प्रभावित होता है। एप्टिन (जो आपको पूर्णता का एहसास कराता है) कम होता है और घ्रेलिन (भूख को उत्तेजित करने वाला हार्मोन) बढ़ जाता है। अत: ऐसी महिलायें जो प्रतिदिन सात घंटे से कम सोती हैं उनका वज़न बढ़ने की संभावना अधिक होती है तथा उनके मोटे होने का खतरा भी अधिक होता है।

6. डाइबिटीज़ होने का खतरा बढ़ जाता है: जब नींद पूरी नहीं होती तब आपको टाइप 2 डाइबिटीज़ होने का खतरा बढ़ जाता है। जब आपकी नींद पूरी नहीं होती तो आपका शरीर आवश्यकता से अधिक इन्सुलिन स्त्रावित करता है जिसके कारण डाइबिटीज़ होने का खतरा बढ़ जाता है।

7. दिल की बीमारियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है: हृदय को ठीक तरह से काम करने के लिए तथा रक्त वाहिकाओं में सुधार के लिए उचित नींद होना आवश्यक है। तो जब आपकी नींद पूरी नहीं होती तो आपको हृदय संबंधी समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है

8. उच्च रक्तचाप होने की संभावना: जब आपके शरीर को सामान्य रूप से काम करने के लिए तथा रक्त वाहिकाओं में सुधार के लिए जितना आराम चाहिए उतना नहीं मिलता तो आपको हाईब्लडप्रेशर होने की संभावना बढ़ जाती है।

9. ध्यान केन्द्रित करने में कमी: जब आप सोते हैं तो आपका मस्तिष्क आराम करता है तथा आपके शरीर में कुछ जैविक प्रबंधन होता है ताकि आप दूसरे दिन उठकर तरोताज़ा महसूस कर सकें। परन्तु जब आपकी नींद पूरी नहीं होती तो आपको ध्यान केंदित करने में समस्या आती है।

10.तनाव: नींद की कमी के कारण होने वाला सबसे बुरा प्रभाव तनाव है। यदि बहुत अधिक दिनों तक आपकी नींद पूरी नहीं होती तो आपको तनाव की समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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