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हेल्दी वैजाइना के लिये खाएं ये फूड... हमेशा रहेंगी खुश
क्या आपने कभी सोचा है कि वैजाइना को हल्दी रखने के लिये आप ऐसा क्या खा सकती हैं, जिससे आपको बीमारी ना हो। तो आइये बिना देर किये हुए जानते हैं....
एक सही डाइट आपकी वैजाइना को हेल्दी बनाए रखने में काफी उपयोगी साबित हो सकती है।है। महिलाओं में वाइट डिस्चार्ज, सेक्स के बाद भी चरम पर ना पहुंच पाना, यूटीआई या फिर यीस्ट इंफेक्शन जैसी तमाम समस्याओं से महिलाएं आये दिन परेशान ही रहती हैं।
यदि वैजाइना से जुड़ी कोई समस्या होती भी है तो भी महिलाएं उसे खुद तक ही रखने की कोशिश करती हैं। लेकिन ऐसा करना बड़ी ही गलत बात है क्योंकि इससे छोटी समस्या कब बड़ी बीमारी का रूप ले ले, यह कोई नही जान सकता।
क्या आपने कभी सोचा है कि वैजाइना को हल्दी रखने के लिये आप ऐसा क्या खा सकती हैं, जिससे आपको बीमारी ना हो। तो आइये बिना देर किये हुए जानते हैं....

वैजाइनल ड्राइनेस
क्या आप जानती हैं कि मेनोपॉज, स्तनपान या बच्चे के जन्म की वजह से वैजाइना में सूखापन आ जाता है। इसके लिये आपको ज्यादा से ज्यादा सोया वाले आहार और टोफू खाने चाहिये। इसमें एक प्रकार का कंपाउंड होता है, जिसे इसोफ्लेविन कहते हैं, जो कि टिशू को गीला और लचीना बनाए रखने में मदद करता है।

ऑर्गैज़्म पाने के लिये
एक स्टडी में पाया गया है कि जो महिलाएं एक सेब रोज़ खाती हैं वे उनके मुकाबले सेक्चुअल फंक्शन में ज्यादा बेहतर होती हैं, जो सेब नहीं खाती। सेब में पॉलिफिनॉल्स होता है जो वैजाइनल टिशु को मजबूत करके सेक्स को क्लाइमेक्स तक पहुँचने में करता है मदद।

यीस्ट इंफेक्शन
रोजाना प्रोबायोटिक फूड जैसे दही खाने से वैजाइना में हेल्दी बैक्टीरिया की संख्या बढ़ जाती है। इससे वैजाइना का पीएच लेवल सही होता है, जिससे लैक्टोबैकिलस के उत्पादन में मदद मिलती है। इस तरह से वैजइना में यीस्ट इंफेक्शन नहीं होता।

यूटीआई से बचाए
ग्रीन टी में कैटचीन पाया जाता है जो आपको एंटीबैक्टीरियल गुण से भरा होता है और यूटीआई से लड़ने में मदद करता है। कैटचीन यूरीनरी ट्रैक्ट से प्रभावित होता है जो बैक्टीरिया को पनपने से रोकने के साथ इंफेक्शन होने के खतरे को कम करता है। कोशिश करें कि दिन में दो या तीन कम ग्रीन टी जरुर पिएं।

पीरियड का दर्द कम करने के लिये
जब आपको लगे कि आपके पीरिड्स आने वाले हैं और दर्द बढ़ने वाला है तो, उस दौरान मछली का सेवन शुरु कर दें। इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो एंटी इंफ्लेमेटरी कंपाउंड से भरा होता है और परेशानी को कम करना है।



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