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टेम्पोन का इस्तेमाल करने से चली जाती है वर्जिनिटी, जानें इससे जुड़ी गलतफहमियों के बारे में
मासिक धर्म में महिलाएं सेनेटरी पैड को सबसे सुरक्षित उपाय मानती हैं। मार्केट में मासिक धर्म में पैड इस्तेमाल करने के अलावा टैम्पॉन और मेन्स्ट्रुअल कप भी उपलब्ध हैं। ये पैड की तरह ही काम करते हैं। लेकिन इन्हें लेकर महिलाओं के मन में कई तरह की गलतफहमी मौजूद होती है जिसकी वजह से वो इनका इस्तेमाल करने से बचती हैं। जहां विदेशों में महिलाओं में टेम्पॉन और मेन्स्ट्रुअल कप को लेकर भरोसा बढ़ता जा रहा हैं वहीं हमारे देश में लोग अभी भी टेम्पॉन और मेन्स्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करने से कतराते हैं, इसकी वजह से इन्हें लेकर प्रचलित मिथक बातें।
जैसे कई लोगों को लगता है कि इसका इस्तेमाल कुंवारी लड़कियों को नहीं करना चाहिए इससे उनकी वर्जिनिटी चली जाती हैं। ऐसी ही कई गलत धारणाएं महिलाओं के बीच बनी हुई हैं। आइए जानते है टैम्पॉन के इस्तेमाल को लेकर क्या धारणाएं मौजूद हैं।

मिथक 1 : मेन्स्ट्रुअल कप और टैम्पॉन से जा सकती है 'वर्जिनिटी'
ये बहुत ही आम मिथक है। इसलिए कई लड़कियां इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से डरती हैं। क्योंकि उन्हें लगता है कि इसके इस्तेमाल से वजाइना में मौजूद झिल्ली, जिसे हाईमन कहते हैं, फट जाएगी। महिलाएं हाईमन को वर्जिनिटी से जोड़कर देखती हैं। मगर आपको ये जानना बहुत जरुरी है कि हाइमन वक्त के साथ बहुत पतला होता जाता है। हाइमन सामान्य गतिविधि जैसे वर्कआउट, साइकिलिंग और स्वीमिंग से भी फट सकता हैं। लेकिन इसका आपकी वर्जिनिटी से कोई लेना-देना नहीं हैं।

मिथक 2 : मेन्स्ट्रुअल कप और टैम्पॉन पहनकर पेशाब करने में दिक्कत होती है
आप मेन्स्ट्रुअल कप और टैम्पॉन पहनकर पेशाब कर सकती हैं। आपको हर बार उन्हें निकालना या बदलना नहीं पड़ता है। इसकी वजह है कि वजाइना की ओपनिंन और आपका मूत्रमार्ग यानी यानी यूरिनरी ट्रैक्ट अलग-अलग होते हैं. यानी जहां पर आप मेन्स्ट्रुअल कप और टैम्पॉन लगाते हैं, वहां से पेशाब नहीं करते हैं. उसके लिए हमारी बॉडी में एक दूसरी ओपनिंग होती है. इसलिए टैम्पॉन या मेंस्ट्रुअल कप लगाने पर पेशाब का मूवमेंट ब्लॉक नहीं होता।

मिथक 3: मेन्स्ट्रुअल कप और टैम्पॉन आपके अंदर फंस जाते हैं
कई महिलाओं को लगता है कि मेन्स्ट्रुअल कप और टैम्पॉन का इस्तेमाल करने से ये वजाइना के अंदर चली जाती हैं। तो ये जान लें कि आपकी वजाइना की गहराई सिर्फ़ तीन से पांच इंच होती हैद्य हां, ये अपनी जगह से थोड़ा हिल ज़रूर सकते हैं. पर अंदर कहीं फंस नहीं सकता हैं। अगर आपको ऐसा लग रहा है कि ये अंदर फंस रहा है तो आपको बस अपनी वजाइना की मांसपेशियों पर थोड़ा ज़ोर डालना है। ये अपने आप नीचे आ जाएंगे।

मिथक 4 : मेन्स्ट्रुअल कप पहनकर सोने से ब्लड वापस गर्भाशय की तरफ़ जा सकता है
ये बात भी पूरी तरह गलत हैं। आपका गर्भाशय फ्लूइड को आपकी वजाइना के बाहर पुश करता है। सर्विक्स आपके गर्भाशय का निचला हिस्सा होता है, इसका आकार बिल्कुल डोनट जैसा होता है। इस आकार की वजह से फ्लूइड शरीर के बाहर आ सकता है, अंदर नहीं जा सकता।

मिथक 5: एक ही साइज़ सबको फ़िट आता है
हर महिला या लड़की की वजाइनल वॉल अलग होती है। एक साइज़ ज़्यादातर लोगों को फिट आ जाता है। पर सबको नहीं। आपकी सर्विक्स की लंबाई पर निर्भर करता है आपको किस साइज़ का मेन्स्ट्रुअल कप और टैम्पॉन पहनना चाहिए।



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