akshay tritiya 2018: 11 साल बाद आखातीज पर बन रहा है महासंयोग, ये है शुभ मुहूर्त

Akshay Tritiya 2018: अक्षय तृतीया 2018 पर सालों बाद पड़ेगा ये संयोग, जानें शुभ मुहूर्त | Boldsky

वैशाख शुक्ल तृतीया जिसे अक्षय तृतीया या आखातीज भी कहा जाता है। इस बार 18 अप्रैल को मनाया जाएगा। ज्योतिषशास्त्र की गणना के अनुसार लगभग 11 साल बाद अक्षय तृतीया पर 24 घंटे का सर्वार्थसिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है।

कहते है ये ऐसा दिन है जिस दिन विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त (बिना पूछे ही मूहूर्त) होता है। इस दिन विवाह करने के लिए किसी भी प्रकार के मुहुर्त या दोष व काल को नहीं देखना होता है। यह पूरा दिन पवित्र होता है और आप बिना किसी कुंडली मिलान के ही इस दिन शादी कर सकते हैं। कहते हैं कि यह दिन इतना पवित्र होता है कि ग्रहों का प्रभाव अपने आप कम हो जाता है।

 ये है मूहूर्त

ये है मूहूर्त

इस बार आखा तीज पर 18 अप्रैल को 4:47 मिनट से शुरू होकर रात 3:03 बजे तक रहेगी। लगभग 11 साल बाद अक्षय तृतीया पर 24 घंटे का सर्वार्थसिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है। इसमें दिनभर खरीदारी या कोई भी शुभकार्य किया जा सकता है।

 दान पुण्‍य करें

दान पुण्‍य करें

इस दिन व्रत करने वाले को चाहिए की वह सुबह स्नानादि से शुद्ध होकर पीले वस्त्र धारण करें। अपने घर के मंदिर में विष्णु जी को गंगाजल से शुद्ध करके तुलसी, पीले फूलों की माला या पीले पुष्प अर्पित करें। फिर धूप-अगरबत्ती, ज्योत जलाकर पीले आसन पर बैठकर विष्णु जी से सम्बंधित पाठ (विष्णु सहस्त्रनाम, विष्णु चालीसा) पढ़ने के बाद अंत में विष्णु जी की आरती पढ़ें।

साथ ही इस दिन विष्णु जी के नाम से गरीबों को खिलाना या दान देना अत्यंत पुण्य-फलदायी होता है।

यह है सर्वार्थ सिद्धि योग

यह है सर्वार्थ सिद्धि योग

सर्वार्थ सिद्धि योग किसी शुभ कार्य को करने का शुभ मुहूर्त होता है। इस मुहूर्त में शुक्र अस्त, पंचक, भद्रा आदि पर विचार करने की जरूरत नहीं होती है। इस दिन बहुत मांगलिक माना जाता है। इस दिन मांगलिक कार्य, विवाह, गृह निर्माण, गृह प्रवेश, देव प्रतिष्ठा, व्यापार आरंभ, मुंडन संस्कार आदि का शुभ मुहूर्त है। इसके अलावा व्यापार के लिए भी यह दिन विशेष माना जाता है।

मान्‍यताएं..

मान्‍यताएं..

शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से परशुराम का अवतार अक्षय तृतीया पर हुआ था। महाभारत युद्ध का अंत भी इसी दिन हुआ था। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभ देव ने गन्ने के रस को ग्रहण कर वर्षीतप का पारणा किया था। किंवदंतियों में कहा गया है कि इसी दिन माता मधुरा और भगवान सुंदरेषा, जो कि भगवान शिव का अवतार है, का विवाह हुआ था। इसीलिए, दम्‍पत्ति को इसी दिन विवाह करने की सलाह दी जाती है।

सोना खरीदना शुभ..

सोना खरीदना शुभ..

इस दिन सोने और चांदी के गहने खरीदें जाते है। माना जाता है कि इस दिन सोना या कोई धातु खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके अलावा घर के बर्तन या वाहन और मकान भी खरीदना शुभ होता है। इस दिन भूमि पूजन कराना भी शुभ माना जाता है।

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