तिरुपति लड्डू के बारे में यह बाते आप नहीं जानते होंगे

Posted By:
Subscribe to Boldsky

तिरुपति बालाजी मंदिर भक्‍तों के बीच जितना लोकप्रिय है, उतना ही मशहूर है इस मंदिर का खास भोग- तिरुपति लड्डू। जिसे वहां प्रसादम के नाम से भी जाना जाता हैं। यहां ये प्रसाद बहुत ही अलग तरीके से हर रोज यहां बांटा जाता हैं। ये गोलाकार आकार का स्‍वादिष्‍ट प्रसाद हर भक्‍त बहुत ही चाव से खाता हैं। पूरे विश्‍व में इस प्रसाद की अलग ही प्रतिष्‍ठा हैं। 300 सालों से बनते आ रहे इस लड्डूओं के बनाते समय क्‍वालिटी और क्‍वांटिटी दोनो का ध्‍यान दिया जाता हैं।

शायद यहीं वजह है कि इन लड्डूओं को अब पैटेंट करवा दिया गया हैं। आइए जानते हैं तिरुपति लड्डूओं के 300 साल के सफर से जुड़े कुछ तथ्‍यों के बारे में-

2009 में हुआ पैटेंड

2009 में हुआ पैटेंड

तिरुपति लड्डू को आमतौर पर श्रीवारी लड्डू के भी नाम से जाना जाता है। तिरुपति लड्डू को अपना नाम संरक्षित रखने के लिए साल 2009 में भौगौलिक अधिकार मतलब जीआई प्रमाण पत्र मिला था। इसका मतलब यह है कि तिरुपति मंदिर ट्रस्ट के अलावा और कोई भी अपने लड्डुओं को तिरुपति लड्डू के नाम से नहीं बेच पाएगा।

ऐसा इसलिए क्‍योंकि कई लोग गैर कानूनी तौर पर तिरुपति लड्डू के नाम पर नकली लड्डू बेच रहे थे।

रोज बनाए जाते हैं 1 लाख 50 हजार लड्डू

रोज बनाए जाते हैं 1 लाख 50 हजार लड्डू

इस मंदिर में रोजाना 1 लाख 50 हजार लड्डू बनाएं जाते हैं। सुनकर चौंक गए होंगे ना। इसमें से 50 हजार लड्डू तो उन लोगों के लिए बनाए जाते हैं। जो रोजाना श्रद्धापूर्वक दर्शन के लिए आते हैं। और देवस्‍थान कर्तव्‍यपूर्ण निशुल्‍क ए‍क लड्डू से रोजाना आने वाले श्रद्धालु को देता है।

दो लड्डु खरीद सकते हैं

दो लड्डु खरीद सकते हैं

अतिरिक्‍त रुप से श्रद्धालु एक लड्डू के अलावा दो लड्डू और खरीद सकते हैं।

लड्डूओं का वजन तय

लड्डूओं का वजन तय

सभी लड्डू देखने में एक जैसे होते हैं. यहां तक कि उनका वजन भी तय होता है। जब उसे कड़ाही से निकालकर गर्मागर्म तैयार किया जाता है तब उसका वजन 178 ग्राम होना चाहिए और ज्योंही यह ठंडा होगा इसका वजन कम होकर 174 ग्राम हो जाएगा। इस‍के अलावा यहां कल्‍याणा लड्डू प्रसादम में चढ़ाया जाता है जिसका वजन 500 ग्राम होता हैं और 750 ग्राम के लड्डू भी चढ़ाए जाते हैं।

प्रसादम में 32 किलो का लड्डू

प्रसादम में 32 किलो का लड्डू

तिरुपति में 32 किलोग्राम का लड्डू प्रसादम में चढ़ाया जा चुका। अममून एक बच्‍चें के वजन से भी ज्‍यादा वजन।

सदियों से वो ही स्‍वाद

सदियों से वो ही स्‍वाद

ऐसा नहीं है कि कोई भी मंदिर में जाकर लड्डू बना सकता हैं। यह प्रसादम विशेष तौर से प्राचीन काल से पुजारियों के एक वंश के द्वारा बनाया जाता है जिन्‍हें अचाकस कहा जाता हैं। ये पुजारी मंदिर परिसर में बने एक बड़े से गुप्‍त रसोईघर जिन्‍हें पोतु कहा जाता हैं, वहां इन्‍हें बनाते हैं। यहां आने जाने की अनुमति किसे को भी नहीं हैं।

इनसे बनाया जाता हैं

इनसे बनाया जाता हैं

यहां मिलने वाले लड्डू को चने के बेसन, मक्खन, चीनी, काजू, किशमिश और इलायची से बनाया जाता है।

2014 में 90 मिलियन लड्डू बेचने का रिकार्ड

2014 में 90 मिलियन लड्डू बेचने का रिकार्ड

बताया जाता है कि 2014 में तिरुपति देवस्‍थान ट्रस्‍ट ने 90 मिलियन लड्डू बेचने का रिकॉर्ड बनाया था। माना जाता है वर्ष 2014-15 में 2401 करोड़ रुपए के लड्डूओं की ब्रिकी हुई थी। 2014 के ब्रह्मोत्सवम के पहले हफ्ते में ही तिरुपति मंदिर में 1.8 मिलियन लड्डू की ब्रिकी हो गई थी। यह इस मंदिर के इतिहास में ऐसा रिकॉर्ड पहली बार बना था।

English summary

facts about the Tirupati Ladoo

Here are some facts about the popular Tirupati ladoo
Story first published: Monday, June 26, 2017, 13:00 [IST]
Please Wait while comments are loading...