Latest Updates
-
इन 5 लोगों के लिए जहर है साबूदाना, व्रत में भूलकर भी न करें सेवन -
Sawan 2026 Last Somwar: सावन के आखिरी सोमवार पर करें ये खास उपाय, बरसेगी भोलेनाथ की कृपा -
दिल्ली-NCR में मूसलाधार बारिश का अलर्ट: 19 राज्यों में IMD की चेतावनी, घर से निकलने से पहले पढ़ें ये जरूरी गाइड -
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल?
हिंदी दिवस 2017..इस शहर में स्थित है हिंदी माता का मंदिर, इस पूर्व प्रधानमंत्री की होती है पूजा
हमारा देश अपनी संस्कृति, मंदिर और सर्व धर्म के लिए जाना जाता है। यहां पर आपको हर जगह अलग-अलग भगवानों के मंदिर मिल जाएंगे।
अगर आप से ये कहा जाए कि भारत में एक जगह ऐसी भी है जहां पर हमारी राजभाषा हिंदी का मंदिर है और वहां पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई जी की पूजा होती है तो आपको यकीन नहीं होगा, लेकिन ये सच है।
जैसा कि सभी जानते हैं कि 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसलिए आज हम आपको इस अनोखे मंदिर के बारे में बताएंगे....

एमपी के ग्वालियर में है हिंदी माता का मंदिर
हिंदी माता का ये मंदिर मध्यप्रदेश के ग्वालियर में स्थित है। इसको एडवोकेट विजय सिंह चौहान ने बनवाया था।
इस मंदिर में आज भी सुबह-सुबह राजभाषा हिंदी और प्रसिद्ध हिंदी कवियों में से एक अटल जी की पूजा की जाती है।

क्यूं बना ये मंदिर
दरअसल 1995 में पूर्व पीएम अटल जी ने यूएन में शुद्ध हिंदी में भाषण देकर पूरे विश्व में हिंदी का मान बढ़ाया था।
इस बात से प्रभावित होकर एडवोकेट विजय सिंह चौहान ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था।

क्यूं मनाया जाता है हिंदी दिवस
1949 में हिंदी भाषा को देवनागरी लिपि में भारत की राजभाषा के रुप में स्वीकार किया गया था। तब से लेकर आज तक 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications