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हिंदी दिवस 2017..इस शहर में स्थित है हिंदी माता का मंदिर, इस पूर्व प्रधानमंत्री की होती है पूजा
हमारा देश अपनी संस्कृति, मंदिर और सर्व धर्म के लिए जाना जाता है। यहां पर आपको हर जगह अलग-अलग भगवानों के मंदिर मिल जाएंगे।
अगर आप से ये कहा जाए कि भारत में एक जगह ऐसी भी है जहां पर हमारी राजभाषा हिंदी का मंदिर है और वहां पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई जी की पूजा होती है तो आपको यकीन नहीं होगा, लेकिन ये सच है।
जैसा कि सभी जानते हैं कि 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसलिए आज हम आपको इस अनोखे मंदिर के बारे में बताएंगे....

एमपी के ग्वालियर में है हिंदी माता का मंदिर
हिंदी माता का ये मंदिर मध्यप्रदेश के ग्वालियर में स्थित है। इसको एडवोकेट विजय सिंह चौहान ने बनवाया था।
इस मंदिर में आज भी सुबह-सुबह राजभाषा हिंदी और प्रसिद्ध हिंदी कवियों में से एक अटल जी की पूजा की जाती है।

क्यूं बना ये मंदिर
दरअसल 1995 में पूर्व पीएम अटल जी ने यूएन में शुद्ध हिंदी में भाषण देकर पूरे विश्व में हिंदी का मान बढ़ाया था।
इस बात से प्रभावित होकर एडवोकेट विजय सिंह चौहान ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था।

क्यूं मनाया जाता है हिंदी दिवस
1949 में हिंदी भाषा को देवनागरी लिपि में भारत की राजभाषा के रुप में स्वीकार किया गया था। तब से लेकर आज तक 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।



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