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ये जड़ीबूटियां है देसी गर्भनिरोधक, न कोई अनचाहा गर्भ, न ही कोई साइड इफेक्ट्स
अनचाही प्रेगनेंसी से बचने के लिए आजकल लोग कंट्रासेप्टिव पिल्स और कंडोम का इस्तेमाल करते है। लेकिन इनके इस्तेमाल को लेकर महिलाओं के दिलोदिमाग में कई वहम भी सवार रहते है। जैसे दवाईयों के साइडइफेक्ट्स और कंडोम से एलर्जी। कई तरह की दिक्कतें तो है इन सबके साथ। आजकल मार्केट में इमरजेंसी पिल्स भी मिलने लगी है जो सेक्स
के 72 घंटे बाद अनचाहे प्रेगनेंसी को रोकने के लिए ली जाती है। अगर बार-बार इसका इस्तेमाल किया गया तो इसके बहुत साइड इफेक्ट होने लगते है। यानि इसके कारण पीरियड्स होने में प्रॉबल्म, सेक्स की इच्छा में कमी और मनोवैज्ञानिक आचरण में भी प्रॉबल्म होता है। अगर आप इन दवाईयों के साइड इफेक्ट्स से बचना चाहते हैं तो आयुर्वेदिक कंट्रासेप्टिव पिल्स लेकर अनचाही प्रेगनेंसी से बच सकती है। सिर्फ 30 सैकेंड में समझिए, गर्भ निरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं?
आज हम आपको कुछ ऐसी आयुवेर्दिक जड़ी बूटियों के बारे में बताने जा रहे जो गर्भनिरोधक दवाईयों की तरह काम करती हे और इसके कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं है।

नीम का तेल
नीम का तेल भी पुरुष और महिला दोनों के लिए गर्भनिरोधक समाधान के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। मार्केट में नीम का तेल आसानी से मिल जाएगा। महिलाओं को सेक्स से पहले इस योनि में लगाना चाहिए ताकि शुक्राणु आसानी से प्रवेश नहीं कर सकें। पुरुषों को इसकी कुछ बूंदे गटक जानी ताकि वो कुछ समय के लिए फर्टिलिटी की सम्भावनाओं को कम कर सकें।जानिये गर्भनिरोधक से जुड़े 5 तथ्य और मिथक

पपीते का बीज
पपीते का बीज एक दम सुरक्षित और प्रभावी गर्भनिरोधक है। इसका नतीजा देखने के लिए एक दिन में एक चम्मच पपीते का बीज खाइए और इसका चमत्कार देखिए। यह एक पुराना और प्रभावी नुस्खा है। लेकिन इसे अपना असर दिखाने में तीन महीनें लगेंगे।

अरंडी का बीज-
अरंडी किसी भी हर्बल स्टोर में आसानी से पाया जाता है। ये तकनीक कई प्रांतों में इस्तेमाल किया जाता है। यहां तक कि विज्ञान भी इसको प्रामाणिकता देती है। इसके लिए आप ताजे अरंडी के बीज को फोड़े। उसमें से एक सफेद रंग का बीज निकलेगा। सेक्स करने के 72 घंटे में लेने से ये इमरजेंसी पिल्स के रूप में काम करता है।

सूखा पुदीना का पत्ता-
आयुर्वेद के अनुसार पुदीना का पत्ता गर्भनिरोधक के रूप में काम करता है। सेक्स करने के तुरन्त बाद गुनगुने गर्म पानी में एक चम्मच पुदीने के पत्ते मिलाकर लेने से ये नैचुरल गर्भनिरोधक के रूप में काम करता है।

जपाकुसुम-
जपाकुसुम में बेन्जीन होता है जो गर्भनिरोधक के रूप में काम करता है। इस फूल का पेस्ट बनाकर इसको लेने से ये असरदार रूप में प्रेगनेंसी को रोकने में मदद करता है।

विडंगा-
विडंगा पेपरकॉर्न की तरह दिखने में लगता है। ये 83 प्रतिशत तक अनचाहे प्रेगनेंसी को रोकने में मदद करता है।

तालिस्पात्र-
ये आयुर्वेदिक हर्ब तालिस्पात्र एबीस विबियाना के नाम से जाना जाता है और इसको ओरल कंट्रासेप्टिव के रूप काम करता है। ये हर्ब अंडे को गर्भाशय के दिवार में चिपकने नहीं देता है और प्रेगनेंट होने की संभावना को कम करता है।

अदरक-
ये सूखा अदरक घरेलू नुस्खा है। इसका एन्टी इंफ्लैमटोरी इफेक्ट पीरियड को ठीक तरह से प्रवाहित करने में मदद करता है। इसके साथ ये कंट्रासेप्टिव पिल्स के रूप में भी काम करता है।



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