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स्टडी, घर में जितने होंगे स्मोकर्स उतने कम समय के लिए शिशु करेगा स्तनपान
जो महिलाएं मां बनने के बाद धूम्रपान करती हैं उन्हें सिगरेट ना पीने वाली महिलाओं की तुलना में स्तनपान जल्दी बंद करना पड़ता है। ये बात हाल ही में हुई एक स्टडी में सामने आई है। इसके अनुसार नई माएं अगर घर पर सिगरेट पीती हैं तो उन्हें स्तनपान करवाना जल्दी बंद करना पड़ता है।
ब्रेस्टफीडिंग मेडिसिन के जर्नल में प्रकाशित हुई इस स्टडी के मुताबिक जो महिलाएं घर में धूम्रपान करती हैं उनकी स्तनपान करवाने की प्रक्रिया पर इसका गलत असर पड़ता है।

इस स्टडी के अनुसार अगर परिवार में से कोई भी सदस्य जैसे पति, मां या अन्य कोई व्यक्ति घर पर सिगरेट पीता है तो इसका असर बच्चे के दूध पीने पर पड़ता है।
यहां तक कि घर में जितने ज़्यादा स्मोकर्स होंगे उतने ही कम समय के लिए शिशु स्तनपान करेगा।
इस स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने हांगकांग के चार बड़े अस्पतालों में 1200 महिलाओं को शामिल किया था।
शोधकर्ताओं ने पाया कि एक तिहाई प्रतिभागियों के पार्टनर या घर का कोई अन्य सदस्य धूम्रपान करने का आदि है। अगर महिला धूम्रपान नहीं करती है लेकिन उसका पार्टनर स्मोकर है तो इससे भी शिशु के स्तनपान करने पर असर पड़ता है।
इस स्टडी में सामने आया है कि स्मोकिंग पार्टनर की वजह से मां स्तनपान बंद करने का निर्णय ले सकती है और पिता के घर में किसी भी सदस्य का सिगरेट पीना बच्चे के दूध पीने को किसी ना किसी तरह प्रभावित करता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार स्तन के दूध में निकोटिन मिलकर शिशु तक पहुंचता है और इस वजह से स्तन के दूध की मात्रा में कमी आ जाती है। इसके अलावा सेकेंड हैंड स्मोक का भी बच्चे पर असर पड़ता है।
हम जानते हैं कि युवा बच्चों पर पर्यावरणीय तम्बाकू के धुएं के प्रभाव बहुत हानिकारक होते हैं क्योंकि धूम्रपान के आसपास रहने वाले बच्चों को श्वसन संक्रमण और अन्य श्वसन समस्याओं का खतरा रहता है।
हालांकि, अगर मां स्तनपान करवा रही है तो वो कुछ बातों का ध्यान रखकर शिशु को इस मुश्किल से बचा सकती है। स्मोकिंग हाईजीन का ध्यान रखकर और तंबाकू के धुएं से शिशु को बचाकर आप धूम्रपान से होने वाले नकारात्मक असर से उसकी रक्षा कर सकती हैं।



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