Latest Updates
-
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं
क्या गर्भावस्था के दौरान अमरूद खाना सुरक्षित है?
अमरूद को तमाम गुणों का खजाना माना जाता है। इसमें फोलेट की अच्छी मात्रा है, जिससे यह महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाता है। मां बनने की चाहत रखने वाली महिलाओं को अमरूद का सेवन जरूर करना चाहिए।
इससे शरीर का हार्मोनल संतुलन बना रहता है। अमरूद में संतरे के मुकाबले चार गुना अधिक विटामिन सी होता है। अमरूद में मौजूद पोटैशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को कम करता है जिससे ब्लड प्रेशर का संतुलन बना रहता है।
READ: गर्भावस्था के दौरान उल्टी होने से बचाएंगे यह खाद्य पदार्थ
इसमें पाये जाने वाला विटामिन सी और ए स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी होता। है। गर्भावस्था के दौरान अमरूद खाने के ऐसे ही और भी लाभ हैं, आइये जाने।

इम्यूनिटी को मजबूत करता है
गर्भवती महिलाओं में विभिन्न रोगों से लड़ने की शक्ति होनी चाहिए। अमरूद में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो कई प्रकार के रोगों से लड़ने में मदद करता है।

ज्यादा पोषकतत्व लें
गर्भवती महिला को, और उसके होने वाले बच्चे की वजह से सामान्य से अधिक पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है, इसलिए उसे ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्वों वाला आहार लेना चाहिए। इस दौरान अमरूद खाने से पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है।

ब्लड प्रेशर संतुलित रखता है
गर्भवती महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को रोज़ एक पका हुआ अमरुद खाना चाहिए इससे उनका ब्लड प्रेशर नियंत्रण रहता है।

नर्वस सिस्टम
शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास के लिए फोलिक एसिड बहुत महत्वपूर्ण है। अमरूद में फोलिक एसिड पाया जाता है जो कि गर्भावस्था के दौरान खाने से शिशु के लिए बहुत लाभदायक होता है।

मन को शांत रखता है
तनाव गर्भावस्था के दौरान शरीर में कोर्टिसोल बनाने लगता है जिससे गर्भाशय को नुक्सान पहुंच सकता है। इसलिए रोज़ एक अमरूद खाने से मन शांत रहता है और तनाव से मुक्ति मिलती है।

कब्ज से राहत मिलती है
अमरूद में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जिससे आतों पर दबाव बनता है और मल त्यागने में आसानी होती है। रोज़ एक अमरूद खाने से कब्ज़ ठीक रहता है।

ब्लड शुगर लेवल
गर्भावस्था के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज खतरनाक साबित हो सकती है, यह गर्भावस्था या प्रसव के दौरान परेशानी कर सकती है। रोज़ एक अमरुद खाने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है और डायबिटीज से बचाता है।

आँखों की रौशनी को बढ़ता है
अमरूद में विटामिन ए पाया जाता है जो माँ और बच्चे की आँखों को रौशनी को बढ़ाता है।

कैंसर से बचाता है
गर्भवती महिलाओं में स्तन कैंसर होने का खतरा रहता है। इसलिए इन्हें ऐसे फल खाने चाहिए जिनमें एंटीऑक्सीडेंट हों, जैसे अमरूद। अमरुद में लाइकोपीन और विटामिन सी होता है जो विषाक्त पदार्थों को शरीर में जमा नहीं होने देता है।

पाचन में लाभदायक
गर्भवती महिलाओं को अक्सर पेट की ख़राबी और ऐसिडिटी से परेशान देखा गया है। इसलिए गर्भावस्था के शुरवात में अमरूद खाएं इससे पाचन की प्रक्रिया अच्छी होगी और ऐसिडिटी से भी आराम मिलेगा।



Click it and Unblock the Notifications
