मधुमेह के बारे में 10 मिथक

By Aditi Pathak

क्‍या आप जानते हैं कि भारत में 61 मिलियन लोग और अमेरिका में 24 मिलियन लोग, मधुमेह से ग्रसित हैं, ऐसा हाल ही में हुई एक रिर्सच से पता चला है। इतनी भारी संख्‍या में लोग इस बीमारी से घिरे हुए है लेकिन इसके बावजूद भी इस बीमारी के बारे में कई मिथक व्‍याप्‍त हैं। पढ़े - लिखे लोग भी इस प्रकार के मिथकों को मानते हैं। मधुमेह के बारे में कई मिथक हैं और इस बीमारी से ग्रसित लोगों के खान - पान के बारे में भी कई मिथक हैं।

मधुमेह की बीमारी में मरीज को अपना विशेष ध्‍यान हमेशा रखना पड़ता है जिसके कारण लोग कई बातों पर गौर करने लगते है कि उन्‍हे कैसे भी आराम मिल जाएं। नि:संदेह, मधुमेह के रोगी को कार्बोहाइड्रेट के सेवन से बचना चाहिए और संतुलित खुराक का सेवन करना चाहिए।

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नियमित रूप से सुगर के स्‍तर की जांच करवाना चाहिए और समस्‍या बढ़ने पर डॉक्‍टर से सम्‍पर्क करना चाहिए। यहां मधुमेह के बारे में कुछ मिथक बताएं जा रहे हैं जो आपको इस बीमारी के बारे में अच्‍छी तरह बताने में मदद करेगें : -


 1) ज्‍यादा वजन अर्थात मधुमेह :

1) ज्‍यादा वजन अर्थात मधुमेह :

कई लोगों का ऐसा मानना होता है कि मोटापा बढ़ने के कारण, डायबटीज हो जाती है। वैसे यह बात ठीक है कि मोटे लोगों में इंसुलिन प्रतिरोध की मात्रा ज्‍यादा बढ़ जाती है लेकिन इसका मतलब यह बिल्‍कुल नहीं है कि मोटापा ही डायबटीज की वजह है। कई बार दुबले - पतले लोगों को भी मधुमेह का रोग हो जाता है।

2) फल न खाएं :

2) फल न खाएं :

डायबटीज होने पर खान - पान के बारे में सबसे ज्‍यादा मिथक फैलते हैं। इसी तरह कई लोग मानते हैं कि फलों में कार्बोहाइड्रेट होता है, जिससे ब्‍लड़ सुगर स्‍तर बढ़ जाता है। ऐसा सिर्फ फल के जीआई इंडेक्‍स पर निर्भर करता है। सामन्‍यत: फलों में कम जीआई इंडेक्‍स होता है, इसलिए डायबटीज की बीमारी में फलों का सेवन आराम से किया जा सकता है।

3) ज्‍यादा काम करें :

3) ज्‍यादा काम करें :

ऐसा माना जाता है कि डायबटीज की बीमारी में ज्‍यादा से ज्‍यादा काम करना चाहिए ताकि शरीर से ज्‍यादा कैलारी बर्न हो, ब्‍लड़ सुगर स्‍तर कम हो। इसलिए, हमेशा अपने दिल की धड़कन को मॉनिटर करें और आवश्‍यक मात्रा में ही वर्कआउट करें।

4) एक्‍सरसाइज न करें :

4) एक्‍सरसाइज न करें :

डायबटीज के बारे में एक मिथक यह भी है कि डायबटीज मरीज को एक्‍सरसाइज नहीं करना चाहिए। ऐसा कतई नहीं है, आपको एक्‍सरसाइज करना चाहिए और नियमित रूप से करना चाहिए। इससे आपको वजन कम संतुलित रहेगा और ब्‍लड़ सुगर स्‍तर कंट्रोल में रहेगा।

5) सुगर - फ्री लाइफ

5) सुगर - फ्री लाइफ

जब आपको डायबटीज हो, तो आप सुगर फ्री बिस्किट, कुकीज और मिठाईयां आसानी से खा सकते हैं। लेकिन अगर उन प्रोडक्‍ट में सुगर न हो, पर कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में हो, तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्‍योंकि इससे भी ब्‍लड़ सुगर का स्‍तर बढ़ेगा ही।

6) इंसुलिन इंजेक्शन जरूरी होते हैं :

6) इंसुलिन इंजेक्शन जरूरी होते हैं :

ऐसा लगभग सभी लोग मानते है कि डायबटीज होने पर इंसुलिन इंजेक्शन का उपयोग जरूरी होता है। यह सच है लेकिन जिन लोगों को टाइप 1 प्रकार की डायबटीज होती है और दवाईयों से उनका उपचार नहीं किया जा सकता है, ऐसे लोगों इंसुलिन इंजेक्शन देना जरूरी होता है। टाइप 2 डायबटीज में गोलियां ही असरदार होती हैं।

7) डायबटीज कोई गंभीर बीमारी नहीं है :

7) डायबटीज कोई गंभीर बीमारी नहीं है :

डायबटीज यानि मधुमेह को हल्‍की में नहीं लेना चाहिए, यह एक गंभीर बीमारी होती है। यह सबसे बड़ी समस्‍या है कि लोग इसे लाइटली लेते है और आम बीमारी समझते है। वास्‍तव में, डायबटीज होने पर शरीर के इम्‍यून सिस्‍टम पर प्रभाव पड़ता है। कई बार इस बीमारी से किडनी और अन्‍य अंग के फेल और खराब होने का ड़र रहता है।

8) टाइप 1, टाइप 2 के मुकाबले जानलेवा होता है :

8) टाइप 1, टाइप 2 के मुकाबले जानलेवा होता है :

डायबटीज के बारे में लोग समझते है कि टाइप 1, टाइप 2 से ज्‍यादा खतरनाक होता है लेकिन सच्‍चाई यह है कि डायबटीज दोनों की प्रकार की खतरनाक होती है। टाइप 2 में इलाज दवाईयों से होता है और टाइप 1 में गंभीर स्थिति आने पर इंसुलिन इंजेक्शन लगाना पड़ता है।

9) दवाईयां पर्याप्‍त हैं :

9) दवाईयां पर्याप्‍त हैं :

यह मिथक सबसे ज्‍यादा व्‍याप्‍त है, लोग समझते हैं कि डायबटीज होने पर दवाईयों का सेवन पर्याप्‍त है। ऐसा कतई नहीं है, डायबटीज होने पर आपको परहेज भी रखना पड़ता है। इलाज से ज्‍यादा परहेज रखने में बीमारी के दुष्‍प्रभावों से आराम मिलता है।

10) इंसुलिन से समस्‍याएं होती हैं :

10) इंसुलिन से समस्‍याएं होती हैं :

डायबटीज के इलाज में इंसुलिन का इस्‍तेमाल किया जाता है, जिसके बारे में लोगों मानते है कि यह बेहद नुकसानदायक इंजेक्शन होता है। हालांकि, ऐसा नहीं है, इंसुलिन का इंजेक्शन बॉडी में ब्‍लड़ सुगर स्‍तर को नियंत्रित करता है।

Story first published: Tuesday, January 14, 2014, 14:02 [IST]
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