Latest Updates
-
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व
महिलाएं हो जाती हैं मोटी
मोटापा वैसे तो किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन महिलाओं में यह ज्यादा देखने को मिलता है। जानकारी के अनुसार मोटापा, न केवल गलत खान-पान की आदत से होता है, बल्कि मासिक धर्म की अनियमितता से भी होता है।
READ: वजन कम करने के लिए लें ये 20 हर्ब
आज हम इसी बात पर चर्चा करेगें कि महिलाओं में मोटापा बढ़ने का क्या कारण है और इसको किस विधि से कम किया जा सकता है। अगर आप भी महिला हैं, और बढ़ते वजन से परेशान हैं, तो इसे पढ़े।

जांघे
थाई का स्थान सबसे पहले बढ़ता है, क्योंकि जो मासिक धर्म में अवरोध होता है खुल कर नहीं आ पाता है, तो जांघे मोटी होने लगती हैं और इतनी मोटी हो जाती हैं कि चलने फिरने में भी परेशानी आने लगती है।

पेट
पेट का बढ़ना आमतौर पर शौच और पीरियड पर ही निर्भर करता है और दर्द भी रहने लगता है। इससे भूख कम हो जाती है और गैस बनने लगती है। साथ ही पेट भारी रहने लगता है।

कमर
लंबे समय तक मोटापा कमर पर ही दिखाई देता है। फिर कमरे जैसा शरीर होने लगता है और बढ़े हुए वजन की वजह से घुटनों पर असर पड़ता है और वह दर्द होने लगता है।

छाती और पीठ
छाती और पीठ पर टाइट कपड़े पहनने से यह बढ़ता है।

इनपुट कम आउटपुट ज्यादा
इनपुट कम करें, आउटपुट बढ़ाएं यानी खाने में ऐसे पदार्थों का इस्मेमाल करें, जो आउटपुट बढ़ाते हैं। फल निष्कासन को तेज करते हैं जैसे नींबू पानी, गर्म पानी, छाछ, गुनगुना आंवला रस या कोई फल जैसे पपीता, अंगूर, अनार, संतरा, मौसमी आम या सब्जियां लौकी, पत्तागोभी, फूलगोभी और बैगन का प्रयोग करें।

योग
मोटापे को कम करने के लिए जितना मददगार योग होता है, उतना मददगार घूमना नहीं होता। योग में चक्की संचालन, साइकलिंग, धनुरासन और अश्वासन मुख्य है।

मासज-
मसाज पूरे शरीर के खून को सर्कुलेट करने में मदद करती है। इसके साथ ही मसाज मोटापे को कम करने का भी काम आसान करती है।

सूर्य स्नान
इससे जमा हुआ फैट बाहर निकलता है, कैल्शियम डी-1, डी-2, डी-3 की पूर्ती करता है। इसलिए 30 से 50 मिनट सूर्य स्नाना करना चाहिये। यह मोटापा कम करता है।

मोटापा बढ़ाने वाला तत्व
केला, अरबी, भिंडी, मैदा, मिठाइयां, सॉस, लंबे समय तक बैठना, दिन में सोना और बार बार खाना अधिक मोटापा बढ़ाता है। गरिष्ट और भारी भोजन शरीर में लंबे समय तक रुकता है।

क्या करें
1. दिनभर गर्म पानी पीने की उपेक्षा सूर्य की रोशनी में रखा हुआ पानी पीना फायदेमंद है।
2. नीबू को बार-बार गर्म पानी में डाल कर न पिंए, सादे पानी से लें। गर्म पानी से कभी कभी ले सकते हैं पर इससे कमजोरी आने लगती है।

क्या करें
3. चाय के साथ नमकीन, ब्रेड और बिस्कुट नहीं लेना चाहिये। सिंपल चाय पिंए और चाय पीने के 10 मिनट बाद पानी पींए, मोटापा कम होगा।
4. पेट में जमने वाली वस्तु जैसे चॉक्लेट, टॉफी, ब्रेड, बिस्कुट आदी से परहेज करें। इन्हें बार-बार नहीं खाएं।



Click it and Unblock the Notifications
