भोजन जो आपको दे सकता है सिरदर्द

सिरदर्द सिर में होने वाली एक प्रकार की बेचैनी अथवा दबाव जैसी अनुभूति है। माइग्रेन एक सामान्य तौर पर होने वाला सिरदर्द है जो सिर के किसी एक तरफ होता है। तनाव के अलावा पारिवारिक पृष्ठभूमि में पहले से चला आ रहा माइग्रेन, भोजन व शराब 30 प्रतिशत माइग्रेन के कारण होते हैं। यदि आप कुछ और बातों जैसे हार्मोनल बदलाव, तनाव, सोने की आदतें तथा अवसाद को भी शामिल कर लें, तो यह प्रतिशत और बढ़ सकता है।

क्या आप अक्सर सिरदर्द अथवा माइग्रेन से पीड़ित रहते हैं? तो आप अकेले नहीं हैं, बहुत सारे लोग इस समस्या से पीड़ित हैं। साइनसिटस, तनाव तथा मानसिक तनाव जैसे कारणों को छोड़ दें तो बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका भोजन भी इसका एक कारण हो सकता है। आश्चर्यचकित हुए ? हम बताते हैं कि आपको सिरदर्द को दूर रखने के लिए अपने भोजन के बारे में क्यों अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

1- क्रैश डाइट

1- क्रैश डाइट

भोजन के कारणों में सिरदर्द का सबसे ज्यादा आम कारण भोजन में अचानक कम कैलोरी वाले भोजन का परिवर्तन है, दूसरे शब्दों में, क्रैश डाइट है। इसके अलावा, यदि आप भोजन बीच-बीच में छोड़ दें या लम्बे अन्तराल पर भोजन करें, तो सिरदर्द शुरू हो जाता है। यहां तक कि कम पानी पीने से भी सिरदर्द चालू हो सकता है।

2-टायरामीन, एक दोषी कारक

2-टायरामीन, एक दोषी कारक

टायरामीन एक अमीनो अम्ल है जो मस्तिष्क में सेरोटनिन के स्तर को कम करके रक्त कोशिकाओं में विलयन क्षमता को प्रभावित करता है और सिरदर्द उत्पन्न करता है। माइग्रेन से सम्बद्ध होने की वजह से, टायरामीन वाला भोजन सिरदर्द का बड़ा कारण होता है। इन भोजनों में रेड वाइन, पनीर, चाकलेट, एल्कोहलिक शराब तथा कुछ प्रसंस्कृत मीट शामिल हैं

3- अल्कोहल शराब

3- अल्कोहल शराब

डा. ड्यूब का कहना है कि रेड वाइन में टायरामीन, फिनाल नामक फोटोकेमिकल्स होते हैं, जो सिरदर्द का मुख्य कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों के लिए, किसी भी प्रकार का अल्कोहल माइग्रेन पैदा कर सकता है। बीयर में दूसरे घटक, व्हिसकी तथा शराब जो मस्तिष्क में सेरोटनिन के स्तर को कम करते हैं, सिरदर्द के कारण बन सकते हैं।

4-चाकलेट

4-चाकलेट

चाकलेट भी सिरदर्द को शुरू कर सकती है क्योंकि इनमें भी टायरामीन होता है। लेकिन यह भी ध्यान रखें कि तनाव व हार्मोनल परिवर्तनों के समय महिलाओं की चाकलेट खाने की इच्छा होती है तथा ये सिरदर्द का कारण बन सकता है। चाकलेट की मात्रा भी एक कारण हो सकती है क्योंकि माइग्रेन के रोगी जो भारी भोजन करने के आदी हैं, उनको बार-बार सिरदर्द का सामना करना पड़ सकता है।

5-काफी

5-काफी

इसका जिक्र खास तौर पर होना चाहिए क्योंकि अचानक से काफी से दूर रहना सिरदर्द पैदा कर सकता है। काफी कुछ हद तक अडिक्टिव होती है तथा यह अस्थायी तौर पर मानसिक सचेतना व एकाग्रता को बढ़ा देती है। अचानक से काफी से दूर हो जाना सिरदर्द, चिड़चिड़ाहट तथा अन्य लक्षण जो अलग अलग लोगों में अलग-अलग हो सकते हैं, का कारण हो सकती है

6-चीनी

6-चीनी

प्राकृतिक चीनी महत्वपूर्ण होती है क्योंकि सभी पौधे तथा पशु रासायनिक तौर पर शर्करा के रूप में ऊर्जा का संचयन करते हैं। सभी प्रकार की प्राकृतिक शर्करा वही ऊर्जा प्रदान करती है- चार कैलोरी प्रति ग्राम। प्राकृतिक शर्करा कृत्रिम चीनी से बेहतर होती है। देसाई करते हैं कि बहुत कम प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो मिठास को बर्दाश्त न कर पाने के कारण सिरदर्द के शिकार हो जाते हैं। हालांकि, यह अधिकतर मीठे से दूर रहने वालों के लिए आम है न कि नई प्रकार की शर्करा जिसमें सुक्रोज का प्रयोग होता है।

Story first published: Saturday, November 30, 2013, 20:02 [IST]
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