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रमजान के दौरान कैसे रहें स्वस्थ
वे लोग जो रमदान के दौरान उपवास करते हैं वे अक्सर आवश्यकता से अधिक खा लेते हैं जिससे वज़न बढ़ना, एसीडिटी और पाचन आदि की समस्याएं आ सकती हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि आपको उचित आहार लेना चाहिए, तला हुआ खाना और रेड मीट (मटन) नहीं खाना चाहिए तथा नियमित तौर पर व्यायाम करना चाहिए। अधिकांश लोग रमजान की आड़ में नियमित किये जाने व्यायाम करने से बचते हैं। हालांकि यह आवश्यक है कि कुछ शारीरिक हलचल की जाए; क्योंकि खाने के दैनिक तरीके में परिवर्तन होने से चयापचय शक्ति कम हो जाती है जिसके कारण वज़न बढ़ता है। हमारे फिटनेस एक्सपर्ट आपको व्यायाम और पोषण से संबंधित कुछ सलाह दे रहे हैं जिससे आप इस पवित्र महीने में स्वस्थ और आनंदित रह सकें।

व्यायाम से संबंधित सलाह
1. कार्डियो एक्सरसाइज (हृदय से संबंधित व्यायाम) जैसे चलना या साइकिलिंग आदि करें। इससे आपकी कैलोरीज़ बर्न होंगी और आपकी काम करने की क्षमता भी बढ़ेगी।
2. आप रमदान के पहले हलके फुल्के व्यायाम का प्रशिक्षण भी ले सकते हैं। इससे आपकी मांसपेशियों की ताकत बढ़ेगी।
3. वार्म अप और स्ट्रेचिंग के व्यायाम करें। संपूर्ण शरीर की स्ट्रेचिंग करने से शरीर की तन्यता बढ़ती है और शरीर का डिटाक्सीफिकेशन (शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालना) भी होता है।
4. आप चटाई पर बैठकर किये जाने वाले व्यायाम भी कर सकते हैं जैसे फ्री स्कवॉट, एब्स और पुश अप्स।
5. योग और ध्यान शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने में सहायक हैं। (इसे भी पढ़ें : महिलाओं के लिए पांच आवश्यक योग)
6. समूह बनाकर व्यायाम करें - इससे कैलोरी भी बर्न होगी और दूसरों के साथ व्यायाम करने में आनंद भी आएगा।
7. कम से कम 20 से 40 मिनिट तक व्यायाम करें।
8. जब आप भूखे हैं तब व्यायाम न करें। आपको सेहरी (सूर्योदय के पहले का भोजन) के पहले या इफ़्तार (सूर्यास्त के बाद का भोजन) के बाद व्यायाम करना चाहिए।
9. अधिक तीव्रता वाले व्यायाम न करें जैसे बहुत तेज़ी से दौड़ना, स्टेपर या भारी वज़न उठाना क्योंकि जोड़ों या मांसपेशियों को चोट पहुँच सकती है और ब्लडप्रेशर लो होना (कम होना), हाइपोग्लाइसीमिया (रक्त में शर्करा की कमी होना) या चक्कर आना जैसी समस्याएं आ सकती हैं।
आहार संबंधित सलाहें
1. विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ और अनाज जैसे जौ, गेहूं, ओट्स, बाजरा, सूजी, फलियाँ, दालें, चोकर, हरी मटर, खुबानी, आलूबुखारा और बादाम खाएं।
2. बहुत अधिक भोजन न करें और धीरे धीरे खाएं। (इसे भी पढ़ें - रमदान के दौरान स्वस्थ आहार कैसे लें - आहार विशेषज्ञों द्वारा आहार योजना)
3. पाचन से संबंधित समस्याओं को टालने के लिए आलूबुखारे का रस पीयें।
4. तला हुआ भोजन और रेड मीट (मटन) न खाएं क्योंकि इनके कारण एसीडिटी और पाचन से संबंधित समस्याएं आ सकती हैं।
5. व्यायाम करने के बाद उचित प्रोटीन आहार लें।
6. डाईबिटीज़ (मधुमेह) के रोगियों को अधिक सावधान रहना चाहिए और हाइपोग्लाइसीमिया (रक्त में शर्करा की कमी होना) को टालना चाहिए। क्योंकि रमदान के समय पूरे एक महीने का उपवास होता है अत: अपना ध्यान रखें और अपने नियमित व्यायाम को कम करें तथा बहुत अधिक परिश्रम वाले व्यायाम न करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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