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इलेक्ट्रानिक सिगरेट पीने से पड़ता है फेफड़ो पर बुरा असर
इलेक्ट्रानिक सिगरेट को ई-सिगरेट भी बोला जाता है। इसे 2003 में चीनी फार्मासिस्ट होन लिक द्वारा ईजाद किया गया था और फिर उसके अलगे साल उसे बाजार में पेश किया गया। इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक उपकरण है जो कि बैटरी से चलती है, जिसमें निकोटीन या गैर निकोटीन, ग्लाइकोल तथा अन्य रसायनों के वाष्पीकृत होने वाले घोल की सांस के साथ सेवन की जाने वाली खुराक प्रदान करता है। यह वाष्प पिये जाने वाले तम्बाकू के धुंएं के समान स्वाद और शारीरिक संवेदन भी प्रदान करती है जबकि इस क्रिया में दरअसल कोई धुंआ नहीं होता है।
इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट देखने में बिल्कुल सिगरेट जैसी होती है। साथ ही यह किसी बॉल प्वाइंट कलम की तरह भी दिखती है। इलेक्ट्रानिक सिगरेट के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव के अध्ययन काफी देशों में चल रहे हैं। कई रिसर्च में यह भी बात सामने आई है कि एलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पीने से फेफड़ों पर भी असर पड़ता है। आइये जानते हैं इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पीने से आपके स्वास्थ्य पर क्या क्या बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
ई-सिगरेट पीने का बुरा प्रभाव -
1. इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के सेवन से फेफड़े खराब हो सकते हैं। ऐसा इसलिये क्योंकि वह व्यक्ति जो ई सिगरेट पीता है वह धूएं के बजाए भाप को अंदर लेता है, इससे फेफड़े सही तरीके से कार्य नहीं कर पाते हैं।
2. यह पता लगा पाना मुश्किल होता है कि ई सिगरेट में कितनी मात्रा में निकोटीन मिली हुई है। इस प्रकार ई-सिगरेट पीने वालों को इस बात का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं चल पाता कि ई-सिगरेट से उन्हें कितना नुकसान पहुंच सकता है।
3. कहते हैं कि ई-सिगरेट से आपको कभी कैंसर नहीं हो सकता। लेकिन ई-सिगरेट उससे भी कहीं घातक हो सकती है क्योंकि इसके सेवन से आप हार्ट अटैक और अन्य बीमारियों से घिर सकते हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर गलती से यह ई-सिगरेट टूट गई तो इसके खतरनाक तत्व आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।
4. दूसरा खराब प्रभाव ई-सिगरेट का यह है कि इन सिगरेट में एंटी-फ्रीज तत्व हेाता है जिसे डाईथाइलीन ग्लाईकोल बोला जाता है। इसे अगर शरीर के अंदर लिया गया तो, यह मनुष्यों के लिये जानलेवा हो सकता है।
5. ई-सिगरेट में टेट्रामिथाइलपैराजीन नामक रसायन होता है। वे लेाग जो बहुत सालों से ई-सिगरेट का सेवन कर रहे हैं, उनका ब्रेन डैमेज होने का चांस बढ जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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