Latest Updates
-
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग -
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश
साबुदाना खाने के स्वास्थ्य लाभ
साबुदाना, भारत में उपवास के दिनों में खाया जाने वाला प्रमुख भोजन है जो ऊर्जा और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है। इसे, स्टार्च के रूप में सागो पाम तने के केन्द्र से निकाला जाता है। इसे टोपिका पर्ल्स के नाम से भी जाना जाता है। इसे खाने से शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है। इसे कई प्रकार से बनाया जाता है। मीठा, नमकीन, खिचड़ी आदि रूपों में साबुदाना को खाना पसंद किया जाता है। कई प्रान्तों में तो इसका उपमा और सूप भी बनता है। खाने को बनाने में ग्रेवी को गाढ़ा करने में भी इसके रस का उपयोग किया जाता है।
साबुदाना को खाने के निम्न स्वास्थ्य लाभ होते हैं:
1. पाचन में सहायक- साबुदाना उस स्थिति में बेहद लाभकारी होता है, जब आपको पाचन में दिक्कत हों। पेट में किसी प्रकार की बीमारी होने पर भी साबुदाना लाभदायक होता है। इसे चीनी मिलाकर खीर बनाकर खाने से लाभ मिलता है। जानिये व्रत में खाये जाने वाले साबुदाने की कहानी

2. पोषक तत्वों से भरपूर: साबुदाने का आकार लगभग 2मिमी. व्यास का होता है। इसमें भरपूर मात्रा में कार्बोहाईड्रेट और ऊर्जा होती है। एक ग्राम साबुदाना में 355 कैलोरी होती है, साथ ही साथ 93 ग्राम कार्बोहाईड्रेट भी होता है।
3. साबुदाना और शरीर: सागो का मुख्य घटक, कार्बोहाईड्रेट है और इतिहास में इसे हर्बल मेडीसिन के रूप में जाना गया है। चावल के साथ इसका सेवन करने से शरीर में ठंडक बनी रहती है। कई देशों में भी इसे शरीर की प्रक्रिया को सुधारने के लिए उपयोग में लाया जाता है।
4. साबुदाना व्यंजन: साबुदाना को कई तरीकों से बनाया जाता है। इसे मीठा, नमकीन आदि हर तरह के स्वाद में बनाया जा सकता है। इसे बनाने से पहले भिगो दिया जाता है ताकि यह आसानी से पूरी तरह पक जाएं।
5. ऊर्जा से भरपूर: सागो भोजन, ऊर्जा से भरपूर होता है, यही कारण है कि इसे उपवास के दिनों में खाया जाता है। बीमार लोग भी इसे आसानी से खाकर हजम कर सकते है
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
