Latest Updates
-
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना -
Happy Krishna Janmashtami 2026 Wishes: नंद के घर खुशियां आईं...जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर तुलसी तोड़ सकते हैं या नहीं? जानें क्या हैं धार्मिक नियम -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, दिखेगा कृष्ण भक्ति का खास रंग
2 मिनट में बनने वाली मैगी ले सकती है 1 मिनट में आपकी जान
हो सकता है कि यह खबर पढ़ कर आपका मूड खराब हो जाए क्योंकि मैगी हम सभी के बचपन की साथी है और हम इसके बारे में कुछ भी बुरा नहीं सुनना चाहते।
READ: अजीनोंमोटो के साइड इफेक्ट
मगर इस फास्ट फूड को लेकर अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मैगी में घातक कैमिकल होते हैं, जिसके चलते सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की गई है।

जानकारी के मुताबिक, बीते दिनों उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से मैगी के सैंपल लिए गए थे। प्रयोगशाला में जांच पर पाया गया कि इस फास्ट फूड में भारी मात्रा में मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) और लेड है। लेड की मात्रा 17 पार्ट्स प्रति मिलियन है, जबकि इसकी अनुमति महज 0.01 पीपीएम की है।
READ: चाइनीज डिश खाइये पर जरा संभल कर
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, लखनऊ फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफएसडीए) ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथोरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) को लिखा है कि कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यूपी के नियामक ने कहा है कि देशभर से सैंपल लेकर जांच की जाए, ताकि खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की सच्चाई सामने आ सके। एफएसडीए के सहायक कमिश्नर विजय बहादूर ने कहा है कि हमने मैगी की सैंपल की कोलकाता की लैब में जांच कराई है। इसमें कई हानिकारण कैमिकल मिले हैं।
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) एक अमिनो एसिड है, जिसे स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका ज्यादा सेवन करने से वजन बढ़ने के साथ ही दिमाग और किडनी को नुकसान भी पहुंच सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications