कीटो डाइट: Weight Loss का नया मंत्रा

कीटो डाइट के फायदे आसानी से दिख जाते हैं वहीं नुकसान के बारे में किसी को जानकारी नहीं। अगर ठीक तरीके से इसे फॉलो नहीं किया गया तो यह ख़तरनाक हो सकती है।

स्‍टैंडअप कॉमेडियन तनमय भट्ट के एक साल में 109 किलो वजन कम करने के बाद से किटोजेनिक डाइट (Ketogenic diet) कुछ दिनों से काफी चर्चा में है। लेकिन बहुत से लोगों को पता नहीं कि यह आमतौर पर उन बच्चों को दी जाती है जिन्हें मिरगी या एपलेप्सी (epilepsy) की समस्या है।

कम कार्बोहाइड्रेट वाली यह डायट झटपट वजन कम करने के लिए फायदेमंद मानी जाती है। लेकिन लोगों को पता नहीं कि इसे बहुत सlवधानी से फॉलो करना पड़ता है। इसके अपने फायदे और नुकसान हैं।

जहां इसके फायदे आसानी से दिख जाते हैं वहीं नुकसान के बारे में किसी को जानकारी नहीं। अगर ठीक तरीके से इसे फॉलो नहीं किया गया तो यह ख़तरनाक हो सकती है।

 क्‍या है kito diet.. ?

क्‍या है kito diet.. ?

kito diet में बहुत ही low कार्बोहाइड्रेट और हाई फैट डाइट ली जाती है,ताकि शरीर को kitosis स्थिति में लाया जा सके, kitosis शरीर की ऐसी matabolic स्थिति है जिसमें शरीर ब्लड गुल्कोस (कार्बोहाइड्रेट) की बजाय फैट के टुकडो (ketones) को तोड़ कर एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करता है ! ये होता है जब आप पूूरे दिन में 40 ग्राम से भी कम कार्बोहाइड्रेट डाइट में लेते है ! यहां तक की आपका दिमाग भी फैट से मिली एनर्जी से चल रहा होता है !

No कार्बोहाइड्रेट No Sugar

No कार्बोहाइड्रेट No Sugar

जब अपने एक बार कीटोजेनिक (Ketogenic) आहार को चुन लिया, तब आपको हर वक़्त इसके मंत्र को याद रखना है!

"कोई कार्बोहाइड्रेट नहीं और न ही चीनी"

मुख्‍य नियम करना होगा फॉलो

मुख्‍य नियम करना होगा फॉलो

हाई फैट,मध्यम प्रोटीन,और कम मात्र में कार्बोहाइड्रेट का सेवन मुख्य नियम है ,कीटो डाइट का ! आपकी रोजाना जरूरत की 70 से 75 % क्लोरी फैट से लेनी चाहिए ,20 से 25 % क्लोरी प्रोटीन से ,और मात्र 5 से 10 % क्लोरी ही हमें कार्बोहाइड्रेट से लेनी चाहिए !

हाई फैट और सीमित (मध्यम) प्रोटीन क्यों :

हाई फैट और सीमित (मध्यम) प्रोटीन क्यों :

क्यों की फैट बहुत कम या कहे की ना के बराबर ही हमारे ही इन्सुलिन लेवल और ब्लड सुगर को प्रभावित करता है !लेकिन यदि बड़ी मात्रा में प्रोटीन का सेवन किया जावे तो वो इन्सुलिन और ब्लड शुगर को अस्थायी रूप से बढ़ा सकता है !और बढ़ा हुआ इन्सुलिन लेवल आपकी द्वारा फैट बर्न को बंद कर देगा और आपकी बॉडी ketosis की स्थिथि से बाहर आ जाएगी !

कीटो डाइट और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स-

कीटो डाइट और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स-

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स और हाई फैट डाइट के बीच गहरा सम्बन्ध है यदि आप हाई फैट वाली डाइट लेते है तो आप का टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स लेवल उच्च स्तर पैर रहेगा और आप आसानी से फैट लूज़ करने के साथ साथ मसल गेन कर सकेंगे

एक्‍सपर्ट की देखरेख में

एक्‍सपर्ट की देखरेख में

किटो डायट केवल एक्सपर्ट की देखरेख में कुछ समय तक ही करनी चाहिए। इसी तरह यह डायट शुरू करने से पहले भी डायट में कुछ बदलाव करने पड़ते हैं। इस डाइट से काफी हद तक वेटलॉस किया जा सकता है।

भूख लगनी भी बंद

भूख लगनी भी बंद

इसकी वजह से आपको कभी भी भूखा रहने वाली स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। दरअसल जब आपका शरीर केटोसिस पर चला गया है तब हमें बहुत ज्यादा भूख महसूस होना भी बिलकुल बंद हो जाता है।

शरीर के गंध में हो सकता है बदलाव

शरीर के गंध में हो सकता है बदलाव

किटो डाइट से सिर्फ एक दुष्‍प‍रिणाम हो सकता है। हो सकता है आप मुंह मैं धातू के जैसा स्वाद महसूस करेंगे। और आपके साथी को आपके शरीर से अजीब सी गंध आ सकती है। वास्तव मे यह दुर्गन्ध नहीं होती है लेकिन यह सुगंध भी नहीं होती है। इससे बचने का इकलौता तरीका यही है कि आप अधिक मात्रा पानी पीते रहें। अपने साथ एक बोतल में नीबू का रस और नमक का घोल रखें।

फायदे -

फायदे -

कीटो आहार के बाद बाल झड़ना और मरी हुई त्वचा की समस्‍या से बचा जा सकता है।

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