Latest Updates
-
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं
जानिए वजन कम करने के लिए इन्टर्मिटन फास्टिंग सही है या गलत
लोग वजन कम कम करने के लिए विभिन्न तरह की डायट लेते हैं। आजकल वजन घटाने के लिए इन्टर्मिटन फास्टिंग यानि अनिरंतर उपवास रखने का विचार भी तेजी से बढ़ रहा है।
यह एक प्रकार का उपवास है जो आपको 12 से 16 घंटों तक खाने से बचाता है। ऐसा कहा जाता है कि इससे वजन घटाने के अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं।

इन्टर्मिटन फास्टिंग क्या है?
यह एक ऐसा उपवास है जिसमें आप 12 से 16 घंटे का उपवास रखते हैं। इसमें आप केवल पानी पी सकते हैं। आप चाय, कॉफी नहीं पी सकते और ना ही फल खा सकते हैं।
यह सिर्फ आपके भोजन को शेड्यूल करने का एक तरीका है। इससे बदलाव आपके खाने-पीने की चीजों में नहीं आपके समय में होता है। यह उपवास रात को 9 बजे खाना खाने के बाद ही शुरू हो जाता है और अगले 12 से 16 घंटों तक जारी रहता है।
इससे आपको क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं
चयापचय को प्रभावित करता है
जब आप आंतरायिक उपवास पर होते हैं तो आप अपना नाश्ता छोड़ते हैं। लेकिन जागने के एक घंटे के भीतर नाश्ता करना महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे शरीर के चयापचय को शुरू करने में मदद मिलती है। इसलिए जब आप नाश्ते से बचते हैं तो यह आपके चयापचय दर को प्रभावित करता है और इसके आपको कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
एसिडिटी को बढ़ाता है
यदि आप आंतरायिक उपवास पर हैं तो यह पूरे सिस्टम को प्रभावित करता है और पेट की एसिडिटी को जन्म देता है। इसलिए यदि आप वजन कम करने के लिए इस तरह के आंतरायिक उपवास का पालन करते हैं तो यह एक स्वस्थ विकल्प नहीं है।
ब्लड शुगर कम हो सकता है
लंबे समय तक उपवास से शरीर में ग्लाइसेमिक सूचक को प्रभावित कर सकता है। समय पर नहीं खाने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है, इससे आपको अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
