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जानिए वजन कम करने के लिए इन्टर्मिटन फास्टिंग सही है या गलत
लोग वजन कम कम करने के लिए विभिन्न तरह की डायट लेते हैं। आजकल वजन घटाने के लिए इन्टर्मिटन फास्टिंग यानि अनिरंतर उपवास रखने का विचार भी तेजी से बढ़ रहा है।
यह एक प्रकार का उपवास है जो आपको 12 से 16 घंटों तक खाने से बचाता है। ऐसा कहा जाता है कि इससे वजन घटाने के अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं।

इन्टर्मिटन फास्टिंग क्या है?
यह एक ऐसा उपवास है जिसमें आप 12 से 16 घंटे का उपवास रखते हैं। इसमें आप केवल पानी पी सकते हैं। आप चाय, कॉफी नहीं पी सकते और ना ही फल खा सकते हैं।
यह सिर्फ आपके भोजन को शेड्यूल करने का एक तरीका है। इससे बदलाव आपके खाने-पीने की चीजों में नहीं आपके समय में होता है। यह उपवास रात को 9 बजे खाना खाने के बाद ही शुरू हो जाता है और अगले 12 से 16 घंटों तक जारी रहता है।
इससे आपको क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं
चयापचय को प्रभावित करता है
जब आप आंतरायिक उपवास पर होते हैं तो आप अपना नाश्ता छोड़ते हैं। लेकिन जागने के एक घंटे के भीतर नाश्ता करना महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे शरीर के चयापचय को शुरू करने में मदद मिलती है। इसलिए जब आप नाश्ते से बचते हैं तो यह आपके चयापचय दर को प्रभावित करता है और इसके आपको कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
एसिडिटी को बढ़ाता है
यदि आप आंतरायिक उपवास पर हैं तो यह पूरे सिस्टम को प्रभावित करता है और पेट की एसिडिटी को जन्म देता है। इसलिए यदि आप वजन कम करने के लिए इस तरह के आंतरायिक उपवास का पालन करते हैं तो यह एक स्वस्थ विकल्प नहीं है।
ब्लड शुगर कम हो सकता है
लंबे समय तक उपवास से शरीर में ग्लाइसेमिक सूचक को प्रभावित कर सकता है। समय पर नहीं खाने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है, इससे आपको अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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