Latest Updates
-
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
जानिए फिश ऑयल से कैसे बनती है आपकी बॉडी
इसे फिश ऑयल कहा जाता है क्योंकि यह तेल मछली के ऊतकों से प्राप्त होता है। ये आवश्यक फैटी एसिड हैं क्योंकि ये आपके शरीर के भीतर नहीं बन सकते हैं।
फिश ऑयल को आजकल फिटनेस के रूप में जोड़कर देखा जाता है। बॉडी बिल्डर से एकर सामान्य लोगों तक फिश ऑयल का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। चलिए जानते हैं कि क्या वाकई फिश ऑयल एक बेहतर चीज हैं या फिर सिर्फ एक मिथक है।
फिश ऑयल केवल बॉडी बिल्डर के लिए नहीं है
अधिकतर लोग ऐसा मानते हैं कि फिश ऑयल केवल जिम जाने वाले या वेट ट्रेनिंग करने वालों के लिए होता है, जबकि यह सच नहीं है। कोई भी ऐसा स्वस्थ व्यक्ति, जिसे आवश्यक फैटी एसिड नहीं मिल पाता है, वो फिश ऑयल सप्लीमेंट ले सकता है।

फिश ऑयल में क्या होता है
फिश ऑयल ईकोसैपेंटेनाओनिक एसिड (ईपीए), डोकोसेहेक्साइनाइक एसिड (डीएचए) और अन्य अनिवार्य ओमेगा 3 फैटी एसिड का संयोजन है। इसे फिश ऑयल कहा जाता है क्योंकि यह तेल मछली के ऊतकों से प्राप्त होता है। ये आवश्यक फैटी एसिड हैं क्योंकि ये आपके शरीर के भीतर नहीं बन सकते हैं। हालांकि फ्लैक्स सीड्स की तरह फैटी एसिड के अन्य स्रोत हैं लेकिन फिश ऑयल को सबसे शक्तिशाली में माना जाता है।

फिश ऑयल से मसल्स कैसे बनती हैं
ईपीए और डीएचए दोनों सेल सिंथेसिस दर में वृद्धि करके और पुरानी सेल्स की गिरावट को कम करके दुबले उत्तकों की दर को बढ़ाते हैं जिससे शरीर को सकारात्मक सेल संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। ये इंसुलिन फ़ंक्शन और फैटी एसिड मेटाबोलिज्म को भी सपोर्ट करते हैं।

एक अध्ययन में कहा गया है कि फिश ऑयल मसल्स प्रोटीन एनाबॉलिक को बढ़ाता है। एक अन्य अध्ययन के अनुसार, एक समूह को कुछ दिनों तक रोजाना छह ग्राम फिश ऑयल दिया गया जिससे उनका फैट औसतन 1.2 फीसदी तक कम होने लगा था। इसके अलावा, ईपीए और डीएचए भी कार्डियक आउटपुट और स्ट्रोक वॉल्यूम बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे ब्लड फ्लो में सुधार होता है और आपकी परफॉरमेंस में सुधार होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











