जानिए तेजी से वजन घटाना क्यों है खतरनाक और एक हफ्ते में कितना वजन घटाना है सही?

By Lekhaka
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वजन बढ़ना एक गंभीर समस्या है जिससे आपको कई गंभीर रोगों का खतरा होता है। कुछ लोग एक हफ्ते में पांच किलो वजन कम करने या जो मर्जी खाएं लेकिन वजन घटाएं जैसे उपायों का लालच देते हैं।

Losing Weight Drastically, then see Doctor | Boldsky
बेशक वजन घटाने के यह शोर्टकट तरीके आकर्षक लगते हैं लेकिन इनके चक्कर में फंसकर क्रैश डायट लेने या अन्य उपाय से आपकी सेहत को बड़ा नुकसान हो सकता है। जाहिर है तेजी से वजन घटाना स्वस्थ नहीं है।
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1) मेटाबोलिज्म कम हो सकता है

अध्ययन बताते हैं कि तेजी से वजन घटाने से आपका मेटाबोलिज्म रेट 14 दिनों के भीतर 86 फीसदी तक कम हो सकती है। आपको बता दें कि आपका मेटाबोलिज्म रेट जितना अधिक होगा आप उतनी अधिक कैलोरी बर्न कर सकते हैं। लेकिन तेजी से वजन घटाने से थायरॉयड हार्मोन (टी 3) का उत्पादन कम हो जाता है, जो आपके मेटाबोलिज्म को कंट्रोल करता है। अध्ययनों से पता चलता है कि तेजी से वजन घटाने से टी 3 का लेवल 72 फीसदी तक कम हो सकता है और इससे 14 दिनों के भीतर मेटाबोलिक रेट 86 फीसदी तक गिर सकती है। जाहिर है मेटाबोलिज्म रेट कम होने से कम कैलोरी बर्न होगी आपके वजन घटाने की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।

2) त्वचा ढीली हो सकती है

आपकी त्वचा में इलास्टिक फाइबर होते हैं जो इसे विस्तार और सिकुड़ने देते हैं। लेकिन जब आप अपना वजन बहुत तेज़ी कम करते हैं, तो आपकी त्वचा तेज़ी से नहीं सिकुड़ती है और इसलिए आपको अपनी त्वचा ढीली महसूस होने लगती है। अनुसंधान से पता चलता है कि लोचदार फाइबर के नुकसान के कारण वजन घटाने वाले लोगों की त्वचा कमजोर हो सकती है। इसलिए आपको अपनी त्वचा को ठीक करने के लिए समय देने की आवश्यकता होती है।

3) मांसपेशियों की हानि

जब आप एक लंबे समय तक स्वस्थ वजन घटाने की योजना का पालन करते हैं, तो आप अपने वज़न का 75 फीसदी वजन फैट से कम कर्रे हैं। लेकिन जब आप अपने कैलोरी सेवन को न्यूनतम करके कैलोरी बर्न करने लगते हैं, तो आपका शरीर आवश्यक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए आपकी मसल्स को ब्रेक डाउन करने लगता है। अनुसंधान से पता चलता है कि तेजी से वज़न कम करने से आपको स्वस्थ तरीके से वजन घटाने की तुलना में लगभग 3 गुणा अधिक मांसपेशियों को खोना पड़ता है।

4) लीवर को नुकसान

तेजी से वजन घटाने से लीवर को नुकसान हो सकता है, यहां तक कि लीवर फेलियर की समस्या भी हो सकती है। शोधकर्ताओं ने कम-कैलोरी की डायट लेने के प्रभाव और तेजी से वजन पर अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि 24 फीसदी ऐसे लोग जिन्होंने एक हफ्ते में 1।6 किलो से अधिक वजन कम कर लिया था, उनमें अधिक वजन घटाने के कारण फाइब्रोसिस का जोखिम देखा गया था।

5) दिल पर बुरा असर

क्रैश डाइटिंग और तेजी से वजन घटाने से दिल की धड़कन, हृदय तनाव, और हृदय की अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने अपने एक अध्ययन में पाया कि तेजी से वजन करने वाले लोगों को एथेरोसलेरोसिस और अन्य प्रकार के हृदय रोग का खतरा अधिक होता है। प्रारंभिक शोध में यह भी पता चलता है कि अत्यधिक प्रकार की डायट से कोलेस्ट्रॉल लेवल प्रभावित होता है और दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

एक हफ्ते में कितना वजन घटाना सही है?

अधिकतर विशेषज्ञों का सुझाव है कि वजन घटाने के जोखिमों से बचने के लिए आपको प्रति सप्ताह 0.5 किग्रा और 1 किग्रा के बीच वजन घटाएं। यह बेहद धीमी गति से लग सकती है, लेकिन इसका यह भी मतलब होगा कि आप अच्छे से अपना वजन कम रखने की संभावना रखते हैं।

तेजी से वजन घटाने के अन्य दुष्प्रभाव

तेजी से वजन घटाने के इन गंभीर दुष्प्रभावों में आपको थकावट, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और चक्कर आना, साथ ही बालों के झड़ने और अनियमित माहवारी जैसे अन्य अल्पकालिक समस्याओं का अनुभव भी हो सकता है।

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    English summary

    Why Rapid Weight Loss Poses A Serious Health Risk

    ‘Drop 5 kgs in a week’, ‘Eat as much as you want and still lose weight’ – even though we know that losing weight quickly is not healthy, we are still enticed by these offers.
    Story first published: Thursday, September 7, 2017, 10:00 [IST]
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