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अच्छी नींद या वर्कआउट क्या है फिट रहने के लिए ज्यादा जरुरी, रिसर्च से जानें
भारत की आधी आबादी मोटापे से परेशान है। अधिकतर लोगों के दिमाग में बस यही चलता रहता है कि वजन कैसे कम किया जाए। मोटापा घटाने के लिए लोग हर तरह की नई डाइट और महंगे जिम ट्राई करने से भी चूकते हैं लेकिन इससे उन्हें फायदा बहुत ही कम मिलता है। जिम ट्रेनर के अनुसार वजन कम करने में वर्कआउट सबसे महत्वपूर्ण होता है जबकि न्यूट्रिशनिस्ट डाइट पर ध्यान देने की सलाह देते हैं लेकिन क्या आपको सच में पता है कि वजन कम करने के लिए क्या सबसे ज्यादा जरूरी है।
वर्कआउट और डाइट की बजाय एक और तरीका है जो वजन कम करने के लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है।
नेशनल स्लीप फाउंडेशन का कहना है कि 18 से 64 वर्ष की आयु के वयस्कों को हर रात सात से नौ घंटे की नींद लेनी चाहिए। रात में ली गई अच्छी नींद वजन कम करने और वजन को संतुलित बनाए रखने में प्रमुख भूमिका निभाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जो लोग हर दिन पांच से छह घंटे से कम सोते हैं, उनके मोटे होने की संभावना 45 फीसदी अधिक होती है।
कई देशों में, नींद से वंचित लोगों की संख्या मोटे लोगों की संख्या के लगभग बराबर है। इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता कि नियमित रूप से व्यायाम करना संतुलित वजन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन नींद में वजन कम करने और टाइप 2 डायबिटीज एवं हृदय रोगों के खतरे से दूर रखने की अनूठी क्षमता है।

कम नींद लेने से क्या होता है
विशेषज्ञों की माने तो नींद आपके शरीर के प्रत्येक ऊतक में ऊर्जा के संतुलन और कार्य को प्रभावित करती है। अच्छी कसरत या स्वस्थ आहार आपकी नींद पर निर्भर करता है क्योंकि खराब नींद की वजह से आप ओवीईटिंग करने लगते हैं या बिलकुल ही खाना छोड़ देते हैं। इससे आपको कसरत करने के लिए आवश्यक ऊर्जा नहीं मिल पाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि नींद की कमी भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोनों को प्रभावित करती है।
रिसर्च क्या कहती है?
मायो क्लीनिक द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, जो पुरुष और महिलाएं अपने नियमित नींद के चक्र से 80 मिनट कम सोए, उन्होंने अगले दिन 549 अतिरिक्त कैलोरी खाई। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के एक अन्य अध्ययन बर्कले ने मस्तिष्क के सामने वाले हिस्से में नींद की कमी के असर का पता लगाने के लिए लोगों के मस्तिष्क को स्कैन किया। मस्तिष्क का ये हिस्सा कठिन निर्णय लेने और दिमाग के महत्वपूर्ण केंद्र की गतिविधियों को संभालने का काम करता है।

नींद की कमी होने पर दिमाग को ऊर्जा के लिए ज्यादा एनर्जी वाले फूड की जरूरत पड़ती है। इसलिए इस बात में कोई शक नहीं है कि रात में 2 या 3 बजे उठने पर आपको सलाद के बारे ख्याल न आए। अगर कोई कम नींद लेने पर भी अपने वेट लॉस रूटीन को बनाए रखता है कि तो इससे वजन घटने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। शिकागो विश्वविद्यालय के नेतृत्व में एक अध्ययन किया गया जिसमें डाइट करने वाले लोगों को दो सप्ताह के लिए हर दिन 8.5 घंटे सोने के लिए कहा गया। इससे उन्हें वजन घटाने में मदद मिली। हालांकि, जब उन्हें 5.5 घंटे की नींद मिली, तो उसी आहार का पालन करते हुए उनके फैट लॉस की दर में 55 प्रतिशत की गिरावट आई।
इतना ही नहीं, जर्नल डायबेटोलॉजिया में प्रकाशित एक शोध से पता चलता है कि चार दिन तक कम नींद लेने से शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता भी कम होती है, जिससे फैट बढ़ने की संभावना अधिक रहती है। बेहतर नींद की मदद से आप अपनी डाइट के साथ-साथ वर्कआउट रूटीन फॉलो करने में मदद मिलती है। खराब नींद की वजह से आप थका हुआ महसूस करते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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