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ना सिर्फ वेट लॉस बल्कि आपकी त्वचा पर भी चमत्कार दिखाती है कीटो डाइट: अध्ययन से हुआ साबित
कीटो डाइट पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो गयी है क्योंकि उन्होंने दावा किया है कि इस डाइट से कई बीमारियों का उपचार किया जा सकता है। उन सभी लोगों के लिए जो कीटो डाइट शुरू करने वाले हैं, एक बहुत अच्छी खबर है कि नए अध्ययनों से पता चला है कि अच्छी तरह से संतुलित कीटोजनिक डाइट में जब तेल का सेवन संतुलित मात्रा में किया जाता है तो यह आपकी त्वचा के लिए बहुत लाभकारी होता है।

कीटो का जादू
साल्जबर्ग, ऑस्ट्रिया की पेरासेलसस मेडिकल यूनिवर्सिटी के बाल रोग विभाग की बारबरा कोफ्लर, पी.एच.डी. जो रिसेप्टर बायोकेमिस्ट्री और ट्यूमर मेटाबोलिज्म के अनुसंधान कार्यक्रम की उप मुख्य शोधकर्ता हैं, ने बताया कि "इस अध्ययन से त्वचा की सूजन पर तथा बहुत अधिक वसा वाले पदार्थों पर कीटोजनिक डाइट के संभावित प्रभावों के बारे में बताया गया है तथा आहार में फैटी एसिड्स की संरचना के महत्व को रेखांकित किया गया है।"

कीटो आपकी त्वचा से प्यार करती है
कोफ्लर ने बताया कि "अच्छी संतुलित कीटोजनिक डाइट जो मुख्य रूप से लंबी श्रृंखला वाले ट्राइग्लिसराइड्स (एलसीटी) जैसे जैतून का तेल, सोयाबीन का तेल, मछली, नट्स, अवोकेडो और मीट तक सीमित है, जो सूजन को कम नहीं करता।"

द जर्नल ऑफ़ इन्वेस्टिगेटिव डर्मेटोलॉजी
यह अध्ययन "इन्वेस्टिगेटिव डर्मेटोलॉजी" के जर्नल में प्रकाशित हुआ है। कोफ्लर ने बताया कि "हालांकि कीटोजनिक डाइट में उच्च मात्रा में मध्यम-श्रृंखला ट्राइग्लिसराइड्स (एमसीटी) होते हैं जिनका सेवन विशेष रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड्स के साथ सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए क्योंकि वे त्वचा में पहले से ही उपस्थित सूजन को अधिक बढ़ा सकते हैं।"

यह डाइट इतनी लोकप्रिय क्यों है?
कीटोजनिक डाइट कई बीमारियों के इलाज और वजन घटाने के अपने दावे के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही है। वर्तमान में विभिन्न प्रकार की बीमारियों में संभावित चिकित्सा के रूप में इसका मूल्यांकन किया जा रहा है और कुछ परिस्थितियों में इसका उपयोग सूजन कम करने वाली औषधि के रूप में किये जाने की सलाह दी जा रही है।

स्वास्थ्य के लिए लाभदायक प्रभाव
आहार संबंधी उत्पाद जिनमें नारियल तेल (उच्च मात्रा में एमसीटी) या फिश ऑइल (ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से समृद्ध) का उपयोग कीटोजनिक डाइट में किया जाता है। इनका उपयोग सामान्य लोग कर रहे हैं क्योंकि ये स्वास्थ्य पर बहुत अच्छा प्रभाव डाल रहे हैं।

त्वचा की सूजन से लड़ने में सहायक
शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि हाई-फैट कीटोजनिक डाइट सोरायसिस जैसी त्वचा की सूजन वाली तकलीफों को कम करेगी तथा लंबी-श्रृंखला ट्राइग्लिसराइड्स (एलसीटी) या ओमेगा-3 फैटी एसिड्स इस प्रभाव को और बढ़ाएंगे।

त्वचा के लिए उत्तम आहार
हालांकि अध्ययन से इस परिकल्पना की पुष्टि नहीं होती फिर भी यह देखने में आया है कि एलसीटी - आधारित कीटोजनिक आहार त्वचा की सूजन को बढ़ाता नहीं है।

शोध
रोलैंड लंग, पीएच.डी. जो पेरासेलसस मेडिकल यूनिवर्सिटी, साल्जबर्ग, ऑस्ट्रिया में त्वचा विज्ञान विभाग में उप-मुख्य अन्वेषक हैं, ने अध्ययन के परिणामों पर विस्तार से बताते हुए कहा है कि: "एमसीटी के साथ पूरक कीटोजनिक आहार न केवल सूजन उत्पन्न करने वाले साइटोकाइन्स को प्रेरित करते हैं बल्कि त्वचा में न्यूट्रोफिल्स के संचय को भी बढ़ाते हैं जिस कारण चूहों की त्वचा में खराबी दिखाई देती है।"

कीटो समस्या का समाधान है
रोलैंड लंग ने कहा, "न्यूट्रोफिल्स का अपना विशेष महत्व है क्योंकि ये एमसीटी के रिसेप्टर माने जाते हैं और इसलिए कीटोजनिक डाइट जिनमें एमसीटी हो, का प्रभाव त्वचा से संबंधित बीमारी के अलावा न्यूट्रोफिल्स की मध्यस्थता से संबंधित बीमारियों पर भी हो सकता है।"



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