Latest Updates
-
घर में क्लेश और बार-बार होने वाली बीमारियों के पीछे हो सकती है बुरी नजर, दूर करने के लिए अपनाएं ये वास्तु उपाय -
Bihari Style Crunchy Chivda Namkeen Recipe: चाय के साथ लें कुरकुरे स्नैक का मजा -
Telangana Formation Day: 2 जून को जन्मा था तेलंगाना; जानें कैसे संघर्षों से लिखी नए राज्य की कहानी -
IRCTC vs RailOne: टिकट बुक करने के लिए कौन सा ऐप है सुपरफास्ट? पीक ऑवर्स में भरोसेमंद कौन? -
कुछ मिनटों के लिए धरती पर छा जाएगा अंधेरा, जानें कब लगेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण? -
MBA ग्रेजुएट जो 25 लाख की नौकरी छोड़ बना कैब ड्राइवर, आज कमा रहा पहले से 4 गुना ज्यादा -
Kashmiri Style Dum Aloo Recipe: अब घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वाद -
इन 7 लोगों को गर्मियों में अंडों से करना चाहिए पूरी तरह परहेज, वरना बिगड़ सकती है तबीयत -
Global Parents Day पर हमारे पहले मेंटर, पहले लीडर और सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम माता-पिता को भेजें ये कोट्स -
World Milk Day पर अपनों को बताएं दूध पीने के 10 बेमिसाल फायदे, हड्डियां रहेंगी वज्र जैसी मजबूत
पेट में चर्बी जमना हो सकता है खतरनाक
आईएएनएस| यदि आपके पेट का आकार दिनों दिन बढ़ रहा है, तो आपके लिए सावधान हो जाने का समय है। वैज्ञानिकों ने उदर के मोटापे से संबंधित खतरे के बारे में आगाह किया है। साल 2012 में सिटी कॉलेज ऑफ न्यूयार्क के ग्रोव स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में सिविल इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर नीर क्रेकॉर और उनके पिता प्रबंध निदेशक जेस क्रेकॉर ने एक नई विधि विकसित की जिसके माध्यम से उदर के मोटापे से होने वाले खतरे के बारे में पता किया जा सकता है।
यह अध्ययन 20 फरवरी को ऑनलाइन पत्रिका प्लोस वन में प्रकाशित की गई। लेख में कहा गया कि 'ए बॉडी शेप इंडेक्स' (एबीएसआई) नाम की तकनीक मृत्यु दर का प्रभावी संकेतक है और बॉडी मास इंडेक्स से कहीं अधिक सक्षम संकेतक है, जिसका उपयोग आज तक मोटापे को मापने में सामान्य तौर पर किया जाता रहा है।

ताजा अध्ययन के परिणाम 1999 और 2004 के बीच नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एक्जामिनेशन सर्वे (एनएचएएनईएस) द्वारा किए गए अध्ययन से काफी मिलता-जुलता है। अध्ययन से यह साबित होता है कि एबीएसआई असमय मृत्यु के खतरे से आगाह करने वाला वैध संकेतक है। मोटापे को दूर करने के घरेलू उपचार
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि एबीएसआई में वृद्धि का संबंध असमय मृत्यु के खतरे से है और हालिया एबीएसआई अधिक विश्वसनीय संकेतक है। शोधकर्ता अब जीवनशैली या दूसरे कारकों के माध्यम से एबीएसआई को कम कर दीर्घायु प्राप्त करने की संभावनाओं की तलाश में जुटे हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications