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क्या शरीर के अंग ख़राब होने पर हमें पुन: नए अंग मिल सकते हैं?
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि यदि किसी चोट, बीमारी या अन्य किसी कारण से शरीर का कोई अंग ख़राब हो गया हो तो हमारे शरीर में कुछ महत्वपूर्ण अंगों की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने की योग्यता होती है। जिस प्रकार हमारे बाल और नाखून बढ़ते हैं उसी प्रकार हमारे शरीर के कुछ अंगों में यह क्षमता होती हैं कि ख़राब हो जाने पर वे नई कोशिकाओं से स्वयं को पुनर्जीवित कर सकते हैं।
इसका अर्थ यह है कि नई कोशिकाएं बनती हैं जो स्वस्थ कोशिकाओं की तरह ही कार्य करती हैं। नैसर्गिक रूप से हमारे शरीर में क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने की क्षमता होती है।
जब हम बीमार होते हैं तो हमारी कोशिकाओं में विकार आने लगता है। ऐसी स्थिति में हमें शरीर को सेहतमंद आहार, जडी बूटियाँ और पोषक तत्व देने चाहिए ताकि हमारा शरीर जल्दी स्वस्थ हो सके।
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दुर्भाग्य से बीमारियों के इलाज में जिन दवाईयों का उपयोग किया जाता है उनमें पुनर्जीवित या सुधार करने का गुण नहीं होता। आधुनिक दवाईयां सिर्फ संबंधित लक्षणों से राहत दिलाती हैं।
हालाँकि कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो जो शरीर को अंगों के पुनर्जीवन में सहायता प्रदान करते हैं। आइए उन अंगों के बारे में तथा उन खाद्य पदार्थों के बारे में जाने जो क्रमश: पुनर्जीवित हो सकते हैं तथा जो अंगों के पुनर्जीवन में सहायता प्रदान करते हैं।

ब्रेन पुनर्जीवित हो सकता है
एक अध्ययन से पता चलता है कि किसी चोट या नुकसान के बाद ब्रेन की कोशिकाओं को पुनर्जीवित किया जा सकता है। यदि किसी दुर्घटना में ब्रेन की कोशिकाओं (न्यूरान्स) का रक्षा कवच जिसे माइलिन कहा जाता है ख़राब हो गया हो तो इसे ठीक किया जा सकता है।

ऐसे खाद्य पदार्थ जो ब्रेन की कोशिकाओं की मरम्मत करते हैं
खाद्य पदार्थ और हर्ब्स जैसे ब्लूबेरी, ग्रीन टी, जिन्सेंग, रेड सेज, अश्वगंधा, कॉफ़ी आदि मस्तिष्क की कोशिकाओं को पुनर्जीवित कर सकते हैं। यह बात जानना भी रोचक है कि प्यार में पड़ने या संगीत के द्वारा भी मस्तिष्क की कोशिकाओं को पुनर्जीवित किया जा सकता है।

लिवर (यकृत)
लिवर की कोशिकाएं भी प्राकृतिक रूप से पुनर्जीवित हो सकती हैं तथा ऐसे खाद्य पदार्थ जो लिवर की कोशिकाओं को सुधारने का काम करते हैं उनमें विटामिन ई, कोरियन जिन्सेंग, कर्कुमिन (हल्दी) और ऑरेगैनो शामिल हैं।

पैंक्रियास (पाचक ग्रंथि)
पाचक ग्रंथि की बीटा सेल्स (कोशिकाएं) इन्सुलिन नामक हार्मोन का स्त्राव करती हैं और यदि इनमें कोई खराबी आ जाती है तो इन्सुलिन का स्त्राव नहीं होता या उसके स्त्राव में कमी आ जाती है। यह टाइप-1 डाइबिटीज़ में होता है जिसमें बीटा सेल्स ख़राब हो जाती हैं।

खाद्य पदार्थ जो इन्सुलिन उत्पन्न करने वाली बीटा सेल्स को पुनर्जीवित करते हैं
यह जानना बहुत रोचक है कि आपका किचन ऐसी दवाईयों से भरा हुआ होता है जो इन्सुलिन उत्पन्न करने वाली बीटा सेल्स को पुनर्जीवित करने में सहायक होती हैं। इन खाद्य पदार्थों में ब्रोकोली, स्प्राउट्स, करेला, गोल्डनसील (पीतकंद), बार्बेर्री (दारुहल्दी), अवोकेडो, हल्दी, विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ और काला जीरा शामिल हैं।

हार्मोन पुनर्जनन
कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जो एंड्रोसिन ग्लैंड (अंत:स्त्रावी ग्रंथि) को अधिक सक्रिय बनाते हैं ताकि यह अधिक हार्मोन्स का उत्सर्जन कर सके। ये खाद्य पदार्थ एंड्रोसिन ग्लैंड की क्षमता को बढ़ाते हैं। विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ और अनार इस प्रकार के खाद्य पदार्थों के उत्तम उदाहरण है।

हृदय की कोशिकाओं का पुनर्जनन
ऐसा माना जाता है कि हृदय की कोशिकाओं का पुनर्जनन नहीं हो सकता। परन्तु एक नए अध्ययन से पता चला है कि हृदय की कोशिकाओं का प्राकृतिक रूप से पुनर्जनन हो सकता है। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो हृदय की नई कोशिकाओं के पुनर्जनन में सहायक होते हैं। इन खाद्य पदार्थों को नेओकार्डियोजेनिक पदार्थ कहा जाता है।

ऐसे खाद्य पदार्थ जो हृदय की कोशिकाओं के पुनर्जनन में सहायक होते हैं
रेड वाइन एक्सट्रेक्ट, साइबेरियन जिन्सेंग, गयूम जापोनिकुम जो एक हर्बल फूल वाला पौधा है, लहसुन और उच्च प्रोटीन युक्त आहार (जिसमें सिस्टाईन हो)

रीढ़ की हड्डी की चोट और जोड़ों का पुनर्जनन
क्या आप जानते हैं कि घायल रीढ़ की हड्डी, जोड़ों और उपास्थि को स्वाभाविक रूप से पुनर्जीवित किया जा सकता है। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो रीढ़ की हड्डी को ठीक करने की प्रक्रिया को तीव्र करते हैं और इन खाद्य पदार्थों में हल्दी, मुलैठी, अर्जिना इन युक्त खाद्य पदार्थ, चाइनीज़ स्कलकैप हर्ब, शहद, भांग, विटामिन बी12 और छांछ शामिल हैं।



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