Latest Updates
-
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना
रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये?
अगर आप शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की सोच रहे हैं तो जरुरी है कि आप अपने आहार में कुछ प्रकार के पोषक तत्वों को शामिल करें जैसे, विटामिन डी, एंटीऑक्सीडेंट या फिर विटामिन सी आदि।
एक स्वस्थ जीवनशैली आपके इम्यून सिस्टम को बढ़ाने, संक्रमणों से रक्षा करने में, सूक्षम जीवों से और बीमारी पैदा करने वाले वायरसों से रक्षा करने में मदद करता है।
शारीरिक व्यायाम, सही वजन, धूम्रपान छोडना, सही वजन रखना और सही ब्लड प्रेशर रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अनुकूल है, साथ ही बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक खाना रोग प्रतिरोधकता बढ़ाता हैं। फैट सोल्यूबल विटामिन ई रोग प्रतिरोधक सिस्टम के लिए बेहतर है।

एक प्राकृतिक एंटी-ओक्सीडेंट्स के रूप में विटामिन ई फ्री रेडिकल्स का ओक्सीकरण कर वसा की झिल्ली की रक्षा करता है, साथ ही कोशिकाओं की रक्षा भी करता है।
एंटी-ओक्सीडेंट्स तत्वों के कारण विटामिन ई आपको कैंसर, दिल की बीमारियों और अर्थेरोसक्लेरोसिस से बचा सकता है, साथ ही यह धमनी की दीवारों की फैटी मेटेरियल्स से रक्षा करता है जिनसे कि रक्त संचार रुक सकता है।

आपको वेजीटेबल ऑयल, ब्रोक्कोली, बादाम और मूँगफली बटर से पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई मिल सकता है। विटामिन सी एंटी-माइक्रोबियल और कोशिकाओं को नष्ट करने वाकई गतिविधियों को बढ़ाता है और लिम्फोसाइट पैदा करता है, जो कि सफ़ेद रुधिर कोशिकाएं हैं जो की शरीर की रोग प्रतिरोधकता बढ़ाती हैं।

विटामिन से भरपूर आहार लेने से चेमोटाक्सिस बढ़ता है, यह सफ़ेद रुधिर कोशिकाओं की गतिविधि है जिसे संक्रमण की जगह न्यूटरोफिल्स कहते हैं। खरबूजा, ब्रोकोली, कीवी, संतरे का रस और लाल मिर्च जैसे खाद्य पदार्थों से आपको भरपूर विटामिन सी मिल सकता है।
कैरोटेनोड्स आपके इम्यून सिस्टम पर अनुकूल प्रभाव डालता है। साथ ही यह लिम्फोसाइटों को भी बढ़ाता है। यह साइटोकिन्स और प्रोटीन है को भी बढ़ाता है जिससे रोग प्रतिरोधकता बढ़ती है और जलन आदि भी नहीं होती है।

यह बलगम, पेट में एसिड और त्वचा व आंसुओं के एंजाइम के द्वारा शरीर में हानिकारक चीजों को जाने से रोकता है। साथ ही कई तरह के एंटीजन, प्रतिरक्षा में फायदेमंद सूक्ष्मजीवों और वायरसों को बढ़ाकर इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है। आपका शरीर एंटीबॉडी का निर्माण करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

विटामिन डी स्वाभाविक और अनुकूल दोनों तरह की रोग प्रतिरोधकता बढ़ाता है। विटामिन डी का फोर्टिफाइड जूस, डेयरी उत्पाद, मछली और दही में भरपूर विटामिन डी होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
