Latest Updates
-
यूरिक एसिड को कम करने के लिए रोज करें ये 5 योगासन, जोड़ों के दर्द और सूजन से मिलेगी राहत -
मिलावटी मसाले बन सकते हैं गंभीर बीमारियों की वजह! जानें कैसे करें असली-नकली पहचान -
दिलजीत दोसांझ के गॉलब्लैडर में 10 साल से है पथरी, नहीं कराई सर्जरी; जानें इलाज टालने से क्या हो सकता है? -
मजार के सामने क्यों रुक जाता है भगवान जगन्नाथ का रथ? जानें मुस्लिम भक्त सालबेग की अद्भुत कहानी -
जुलाई में घूमने के लिए बेस्ट हैं भारत की ये 5 खूबसूरत जगहें, मानसून में दिखता है अलग नजारा -
अमरनाथ यात्रा के बीच में शुरू हो जाए पीरियड्स, तो बाबा बर्फानी के दर्शन करने चाहिए या नहीं? -
कौशांबी LPG ब्लास्ट के बाद वायरल हुई सुमित महाराज की भविष्यवाणी, बोले '1500 लोगों का आग से होगा अंत -
प्लास्टिक बैग छोड़िए! पुराने कपड़ों से लेकर फटी जींस तक, घर में रखी इन 5 चीजों से तैयार करें ट्रेंडी कैरी बैग -
एक दिन बाद गौरी संग निकाह करेंगे आमिर खान, जानें दोनों की उम्र में कितने साल का अंतर -
Swapna Shastra: सपने में बच्चे का जन्म देखना शुभ या अशुभ? जानिए किस बात का है संकेत
रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाये?
अगर आप शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की सोच रहे हैं तो जरुरी है कि आप अपने आहार में कुछ प्रकार के पोषक तत्वों को शामिल करें जैसे, विटामिन डी, एंटीऑक्सीडेंट या फिर विटामिन सी आदि।
एक स्वस्थ जीवनशैली आपके इम्यून सिस्टम को बढ़ाने, संक्रमणों से रक्षा करने में, सूक्षम जीवों से और बीमारी पैदा करने वाले वायरसों से रक्षा करने में मदद करता है।
शारीरिक व्यायाम, सही वजन, धूम्रपान छोडना, सही वजन रखना और सही ब्लड प्रेशर रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अनुकूल है, साथ ही बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक खाना रोग प्रतिरोधकता बढ़ाता हैं। फैट सोल्यूबल विटामिन ई रोग प्रतिरोधक सिस्टम के लिए बेहतर है।

एक प्राकृतिक एंटी-ओक्सीडेंट्स के रूप में विटामिन ई फ्री रेडिकल्स का ओक्सीकरण कर वसा की झिल्ली की रक्षा करता है, साथ ही कोशिकाओं की रक्षा भी करता है।
एंटी-ओक्सीडेंट्स तत्वों के कारण विटामिन ई आपको कैंसर, दिल की बीमारियों और अर्थेरोसक्लेरोसिस से बचा सकता है, साथ ही यह धमनी की दीवारों की फैटी मेटेरियल्स से रक्षा करता है जिनसे कि रक्त संचार रुक सकता है।

आपको वेजीटेबल ऑयल, ब्रोक्कोली, बादाम और मूँगफली बटर से पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई मिल सकता है। विटामिन सी एंटी-माइक्रोबियल और कोशिकाओं को नष्ट करने वाकई गतिविधियों को बढ़ाता है और लिम्फोसाइट पैदा करता है, जो कि सफ़ेद रुधिर कोशिकाएं हैं जो की शरीर की रोग प्रतिरोधकता बढ़ाती हैं।

विटामिन से भरपूर आहार लेने से चेमोटाक्सिस बढ़ता है, यह सफ़ेद रुधिर कोशिकाओं की गतिविधि है जिसे संक्रमण की जगह न्यूटरोफिल्स कहते हैं। खरबूजा, ब्रोकोली, कीवी, संतरे का रस और लाल मिर्च जैसे खाद्य पदार्थों से आपको भरपूर विटामिन सी मिल सकता है।
कैरोटेनोड्स आपके इम्यून सिस्टम पर अनुकूल प्रभाव डालता है। साथ ही यह लिम्फोसाइटों को भी बढ़ाता है। यह साइटोकिन्स और प्रोटीन है को भी बढ़ाता है जिससे रोग प्रतिरोधकता बढ़ती है और जलन आदि भी नहीं होती है।

यह बलगम, पेट में एसिड और त्वचा व आंसुओं के एंजाइम के द्वारा शरीर में हानिकारक चीजों को जाने से रोकता है। साथ ही कई तरह के एंटीजन, प्रतिरक्षा में फायदेमंद सूक्ष्मजीवों और वायरसों को बढ़ाकर इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है। आपका शरीर एंटीबॉडी का निर्माण करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

विटामिन डी स्वाभाविक और अनुकूल दोनों तरह की रोग प्रतिरोधकता बढ़ाता है। विटामिन डी का फोर्टिफाइड जूस, डेयरी उत्पाद, मछली और दही में भरपूर विटामिन डी होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications