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अगर आप हैं इन बीमारियों के शिकार तो रोजाना डाइट में ज़रूर खाएं काला जीरा
हम आपको बता रहे हैं किकाले जीरे के सेवन से आपको क्या क्या फायदे हैं और यह किन बीमारियों से बचाने में मदद करती है।
जीरे के बारे में तो आप सभी जानते हैं लेकिन हम आज आपको काला जीरा (Black cumin seeds) के बारे में बता रहे हैं। ये साउथ एशिया और साउथवेस्ट एशिया में निगेला सैटिवा (Nigella Sativa) नामक पौधे से प्राप्त होता है। इस जीरे की महक काफी तीखी होती है और इसका स्वाद भी कड़वा होता है। प्राचीन काल से ही इस जीरे से बने तेल का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है।
आप इन काले बीजों को सीधे कच्चा खा सकते हैं या फिर इसे शहद के साथ मिलाकर खाएं। इसके अलावा आप इन्हें पानी में या दूध में उबालकर भी खा सकते हैं।
इसमें मौजूद थायमोल, थायमोक्वीनॉन (Thymoquinone) और थायमोहाइड्रोक्वीनॉन (Thymohydroquinone) नामक शक्तिशाली यौगिक आपको कई तरह की बीमारियों से बचाने में सक्षम हैं। काले जीरे में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बहुत अधिक होती है जो कैंसर जैसे रोगों से आपका बचाव करती है। इसके अलावा इसके सेवन से दांत दर्द और हेपेटाइटिस जैसे रोगों में भी आराम मिलता है।
अभी तक इसके किसी भी साइड इफ़ेक्ट के बारे में नहीं पता चला है फिर भी आप बहुत अधिक मात्रा में इसका सेवन ना करें। प्रेगनेंट महिलायें डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें। इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि इसके सेवन से आपको क्या क्या फायदे हैं और यह किन बीमारियों से बचाने में मदद करती है।

इम्यून सिस्टम:
शरीर को सभी प्रकार से रोगों से लड़ने के लिए इम्युनिटी पॉवर का मजबूत होना बहुत ज़रूरी है और कई शोधों में इस बात की पुष्टि हुई है कि काला जीरा खाने से या इसके तेल से आपकी इम्युनिटी पॉवर बहुत मजबूत होती है। इसमें एंटी बैक्टीरियल क्षमताएं होती हैं जो किसी भी तरह के इन्फेक्शन से आपका बचाव करती हैं। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए काले जीरे के तेल में शहद और दालचीनी मिलाकर उसका नियमित सेवन करें।

बुखार और फ्लू से राहत:
इन बीजों में एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल क्षमताएं होती हैं जिस वजह से यह बुखार, फ्लू या गलें में खरांश जैसी समस्याओं से आराम दिलाने में काफी असरदार है। इसके सेवन से शरीर का तापमान कम होता है और शरीर में मौजूद खराब टोक्सिन आसानी से बाहर निकल जाते हैं। इसलिए बुखार होने पर इसका नियमित सेवन करें।

दांत दर्द:
अगर आप दांतों में होने वाले तेज दर्द से अक्सर परेशान रहते हैं तो इसके तेल से रोजाना कुल्ला करें। ये न सिर्फ मसूड़ों में होने वाले इन्फेक्शन को खत्म करता है बल्कि इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी क्षमताएं दर्द में भी तुरंत आराम पहुंचाती हैं।

हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद:
रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई है कि काले जीरे के सेवन से सिस्टोलिक और डायास्टोलिक प्रेशर में कमी आती है। जिस वजह से जो लोग हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं उनका ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।

डायबिटीज ट्रीटमेंट:
इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के अनुसार, इसके सेवन से पैन्क्रीऐटिक बीटा सेल्स में कमी आती है और सीरम इन्सुलिन कंसंट्रेशन की कम हुई मात्रा बढ़ने लगती है साथ ही सीरम ग्लूकोज की बढ़ी हुई मात्रा कम होने लगती है। जिस वजह से डायबिटीज नियंत्रण में रहता है। रिसर्च के अनुसार काले जीरे का सेवन खासतौर पर टाइप -1 और टाइप-2 डायबिटीज मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है।

कब्ज़ से आराम :
काले जीरे के सेवन से आपकी आंतें और भोजन नली साफ़ होती है जिस वजह से पूरा पाचन तंत्र बेहतर होने लगता है। अगर आप भी कब्ज़, गैस या पेट फूलने की समस्या से परेशान रहते हैं तो इन बीजों का नियमित सेवन करें।

कान के दर्द से आराम :
इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल क्षमताएं होने के कारण यह आपको हर तरह के इन्फेक्शन से बचाता है। इसके अलावा इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी क्षमताएं कान में होने वाले दर्द से भी आराम दिलाती हैं।

हेपेटाइटिस से राहत:
काला जीरा लीवर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है और यह आपके लीवर को डैमेज होने से रोकता है। कई शोधों में इस बात की पुष्टि हुई है कि इसके सेवन से हेपेटाइटिस सी (Hepatitis C) के लक्षणों में कमी आती है और लीवर अपना काम और बेहतर तरीके से करने लगता है।



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