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इन 8 कारणों से हो जाते हैं आपके लिप्स ड्राई
होंठ फटने, लालपन, सूखे होंठ या त्वचा के फटने जैसी समस्याएं लड़कियों को ज्यादा परेशान करती हैं। इन्हें नज़रअंदाज़ करना भी आसान नहीं है। सूखे होठों की समस्या से निपटने के लिए आप कुछ टिप्स अपना सकती हैं।
फटे होंठों की समस्या काफी आम है। फटे होंठ न केवल आपको परेशान और असहज महसूस करवाते हैं बल्कि लोगों के सामने आपको शर्मिंदा होने पर भी मजबूर कर देते हैं।
होंठ फटने, लालपन, सूखे होंठ या त्वचा के फटने जैसी समस्याएं लड़कियों को ज्यादा परेशान करती हैं। इन्हें नज़रअंदाज़ करना भी आसान नहीं है। सूखे होठों की समस्या से निपटने के लिए आप कुछ टिप्स अपना सकती हैं।
क्यों सूख जाते हैं होंठ
सूखे होंठों की समस्या काफी परेशान कर देती है लेकिन ये तब और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है जब होठ फटने लगें और होठों पर दर्द महसूस हो। होंठों के सूखेपन के पीछे ये कारण हो सकते हैं।

शरीर में पानी की कमी
होठों के सूखने के पीछे डिहाइड्रेशन सबसे बड़ा कारण होता है। त्वचा की तरह होठों में कोई वसामय ग्रंथि नहीं होती है इसलिए होठों से नमी बहुत जल्दी गायब हो जाती है। शुष्क मौसम में होठों का फटना और सूखने की समस्या ज्यादा होती है। ऐसे में आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। प्यास तभी लगती है जब आपके शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ चुकी हो। इससे बचने के लिए एक दिन में कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पीएं।

होठ दबाना
कई लोगों को बार-बार होठों को लिकिंग करने की आदत होती है। इस वजह से होठों में पानी की कमी हो जाती है। पानी की कमी होने और होठों के सूख जाने पर मिनटों में सलाइवा की कोटिंग गायब हो जाती है। जब पानी का सलाइवा ही नहीं रहता तो होठों से नमी खोने लगती है। अगर आपको भी ये आदत है तो इसे अभी छोड़ दें।

गर्म मौसम
गर्मी के मौसम में गर्म और शुष्क हवाएं चलती हैं। इसके अलावा इस मौसम में और भी कई चीज़ें हैं जो होठों को नुकसान पहुंचाती हैं जैसे सूरज की हानिकारक किरणें और डिहाइड्रेटिंग ड्रिंक्स का सेवना करना आदि। इससे बचने के लिए गर्मी के मौसम में होठों की सही देखभाल बहुत जरूरी होती है।

लंबे समय तक बाहर रहना
हवा, ठंड और गर्मी में कई दिनों तक बाहर रहने या घूमने से भी होठों को नुकसान पहुंचता है। अगर आप इस मौसम में अपने होठों की सही देखभाल नहीं करेंगी तो उनका फटना और सूखना निश्चित है।

कैमिकल वाला टूथपेस्ट
कुछ टूथपेस्ट में ऐसे केमिकल मिले होते हैं जो होठों पर जलन पैदा करते हैं और इस वजह से होंठ फटने शुरु हो जाते हैं। इस केमिकल को सोडियम लॉरेल सल्फेट कहते हैं। ऐसा टूथपेस्ट इस्तेमाल करने की भूल कभी न करें जिसमें सोडियम लॉरेल सल्फेट हो। किसी प्राकृतिक टूथपेस्ट का इस्तेमाल करना बेहतर होगा। इसके अलावा च्युंइगम मिठाई और टूथपेस्ट में प्रयोग होने वाला सिन्नामेट्स भी होठों को नुकसान पहुंचाता है।

एलर्जी
कोबाल्ट और निकोल से एलर्जी होने पर भी होंठ फट जाते हैं। कुछ टूथपेस्ट में गुआईजुलिन पाया जाता है वहीं कुछ लिपस्टिक में प्रॉपेल गैलेट और फिनाइल सालिसिलेट होता है जो होठों पर एलर्जी कर सकते हैं। जिस टूथपेस्ट और लिपस्टिक में ये सामग्री हो उसका प्रयोग न करें। कुछ खाने-पीने की चीज़ों में फूड डाई भी होती है जिससे होठों को एलर्जी हो सकती है। अगर आपको नहीं पता चल पा रहा है कि आपको किस चीज़ से एलर्जी है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

मुंह से सांस लेना
मुंह से सांस लेने पर होठों का हवा के साथ संपर्क बढ़ जाता है जिस वजह से होंठ सूख सकते हैं। स्लीप एप्निया, साइनसाइटिस और सर्दी में भी मुंह से सांस लेनी पड़ती है जिसका बुरा असर होठों पर पड़ता है। ऐसे में आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और चिकित्सकीय इलाज करवाना चाहिए।

दवाएं
डिप्रेशन, बेचैनी, दर्द, मुहांसे, जुकाम और नाक की एलर्जी की दवाओं का होठों पर हानिकारक असर पड़ता है। अगर आपको लगता है कि आपके होठों के फटने के पीछे इन दवाओं का असर नहीं है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

ये भी हो सकते हैं कारण
अगर उपरोक्त दिए गए कारणों में से कोई भी कारण आपके लक्षणों से मेल नहीं खा रहा है तो आपकी समस्या के पीछे ये वजहें भी हो सकती हैं।
- विटामिन बी12 की कमी
- नियासिन की कमी : इसमें मुंह की तरफ ज्यादा दरारें पड़ जाती हैं।
- यीस्ट इंफेक्शन
- हाइपरविटामिनोसिस ए
- डायबिटीज़
- कवास्की बीमारी जैसे रक्त संबंधी विकार
- स्जोग्रेन सिंड्रोम
- मैक्रोसिटोसिस : रक्त कोशिकाओं के बढ़ने पर ऐसा होता है।
- यौन रोग जैसे एड्स।



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