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हर समय भूख लगी रहती है तो जानें इसका कारण

भूख लगना हमारे शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है और यह दर्शाता है कि शरीर को सुचारू रूप से चलाने में एनर्जी की कमी हो रही है इसलिए आप खाना खाएं जिससे शरीर को उर्जा मिले।
सही समय पर भूख लगना तो ठीक है लेकिन कुछ लोगों को पूरे दिन ही भूख जैसा महसूस होता रहता है और इस वजह से वे ज़रूरत से ज्यादा खाना खा लेते हैं। भूख लगने पर खुद को खाने से रोक पाना काफी मुश्किल होता है।

बार बार भूख लगने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कई बार मस्तिष्क को मिलने वाले सिग्नल में गड़बड़ी हो जाती है जिस वजह से आपको बार बार ऐसा महसूस होने लगता है कि आप भूखे हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसा एक ख़ास तरह के हार्मोन के कारण होता है जिसका नाम लेप्टिन है। यह शरीर में मौजूद फैट सेल्स से बना हुआ प्रोटीन है।
इस आर्टिकल में हम आपको बार बार भूख लगने के कुछ ख़ास कारणों के बारे में बता रहे हैं।

1. लेप्टिन क्या है :
सबसे पहले आपको बता दें कि लेप्टिन क्या है और इसका क्या काम है। लेप्टिन भूख को कंट्रोल करने वाला हार्मोन है, जब आपका पेट भर जाता है तो फैट सेल्स लेप्टिन हार्मोन का स्त्राव करती हैं जिससे यह खून में मिलकर जब दिमाग तक पहुंचता है तो दिमाग को यह मेसेज मिलता है कि आपका पेट भर चुका है। इसके बाद आप खाना खाना बंद कर देते हैं।

2. लेप्टिन रेजिस्टेंस क्या है :
कई तरह की बीमारियों के कारण लेप्टिन का उत्पादन रुक जाता है या उसमें बाधा उत्पन्न होने लगती है जिससे मस्तिष्क को यह मेसेज ठीक से नहीं पहुंच पाता है कि पेट भरा है या नहीं। टाइप-2 डायबिटीज, थायराइड, मोटापा या अधिक ट्राईग्लेसराइड के कारण यह समस्या ज्यादा उत्पन्न होती है और इसी वजह से इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों को ज्यादा भूख लगती है।

3. लेप्टिन रेजिस्टेंस का पता कैसे करें :
सबसे ज्यादा ज़रूरी है यह पता करना कि क्या आप भी लेप्टिन रेजिस्टेंस की समस्या से पीड़ित हैं। इसे ऐसे पहचानें कि अगर आप कुछ भी खाते हैं लेकिन तुरंत थोड़ी देर बाद ही आपको भूख लग जा रही है और फिर आप कुछ खाते हैं लेकिन फिर भी भूख शांत नहीं हो रही है तो इसका मतलब है कि आपको लेप्टिन रेजिस्टेंस की समस्या है। इसके लिए नजदीकी डॉक्टर के पास जाकर अपनी जांच करवाएं।

4. लेप्टिन रेजिस्टेंस का इलाज :
इसके लिए किसी तरह का कोई इलाज नहीं है बल्कि अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव लाकर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। वर्कआउट करने और एरोबिक एक्सरसाइज करने से लेप्टिन सेंसिटिविटी बढ़ती है। इसलिए रोजाना वर्कआउट करें और डाइट में ताजे फलों और सब्जियों को शामिल करें।

5. लेप्टिन पर विमर्श :
अभी भी लेप्टिन रेजिस्टेंस को लेकर कुछ ख़ास शोध नहीं हुए हैं और डॉक्टरों के बीच यह बहस का मुद्दा बना रहता है। कई डॉक्टरों का मानना है कि लेप्टिन रेजिस्टेंस की वजह से ही अधिकतर लोग मोटापा के शिकार होते हैं। वहीँ कईयों की राय इससे काफी अलग है।



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