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पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होना एक हद तक सामान्य है लेकिन अगर हर बार ऐसा होता है तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने की समस्या को मेनोर्रहाजिया कहा जाता है। महिलाओं को ज्यादा ब्लीडिंग होने का पता आसानी से चल जाता है। अगर आपको दिन में कई बार पैड या टैम्पोन बदलने की जरूरत महसूस हो रही है तो जरूर कुछ गड़बड़ है। इसके साथ ज्यादा ब्लीडिंग होने से महिलाओं को एनीमिया और शरीर में हार्मोनल इम्बैलेंस की शिकायत होने लगती है। आयुर्वेदिक में इसे मेनोर्रहाजिया कहते हैं जिसे रक्तप्राधारा या असृग्धारा के नाम से जाना जाता है। असृग का मतबल है रक्त और धारा का मतलब है अत्यधिक बहाव।

आइए जानें पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने के क्या कारण हो सकते हैं
1. भोजन में लहसुन और सरसों जैसे डीप पेनिट्रेटिव चीज़ों को खाना।
2. तनाव
3. रोज़ ज्यादा व्यायाम करना
4. अधिक यौन सम्बन्ध बनाना जिससे वात दोष में वृद्धि हो जाती है।
5. लंबे समय के लिए उपवास करना, जिससे वात और पित्त दोषों में वृद्धि होती है। दोनों दोषों का संबंध मेनोर्रहाजिया से है।
महिलाओं में यह समस्या काफी आम है और गंभीर भी, यही कारण है कि बाजार में इसके लिए कई सारी दवाएं मिलती है। ये दवाएं पीरियड्स के दर्द को कुछ समय के लिए कम कर देती है। लेकिन लंबे समय के लिए नहीं और अगर इसे ठीक करना है तो इसका इलाज जड़ से करना होगा। इसके लिए आयुर्वेद में बहुत अच्छा उपाए है जिससे इसे ठीक किया जा सकता है।

सामग्री
- 1 चम्मच शहद
- केसर

बनाने की विधि
1. थोड़ी केसर लें और उसे अच्छे से टुकड़ों में तोड़ लें।
2. अब इसमें एक चम्मच शहद मिला कर खाएं।
आप इसे दिन में एक या दो बार ले सकते हैं।

आप यह कब खा सकती हैं?
1. पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग के दौरान खा सकती है।
2. पीरियड्स के दर्द में
3. प्रीमेस्वास्ट्रल सिंड्रोम
4. पीरियड्स में होने वाले मूड स्विंग में
5. यदि आप के शरीर में ज्यादा पित्त की शिकायत रहती है।
6. नाक से खून बहाना
7. अवसाद

यह उपाय कैसे काम करता है?
केसर में एंटीस्पास्मोडिक की तरह काम करता है जिससे पीरियड्स में होने वाले दर्द में आराम मिलता है। इसके साथ यह रक्तस्राव को भी कम करता है।

यह उपाए कब तक करना है?
अगर आप के आमतौर पर पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होती है तो आप पीरियड्स की तारीख से तीन या चार दिन पहले शहद में केसर का सेवन करना शुरू कर दें और तब तक खाएं जब तक पीरियड्स हो रहें हैं। लेकिन अगर आपके ज्यादा ब्लीडिंग नहीं होती है तो और सिर्फ दर्द होता है तो इसे आप ज्यादा पीरियड्स और दर्द के समय पर खा सकती हैं।

कब होगा खराब?
क्योंकि इसमें केसर और शहद है तो यह ख़राब नहीं होता है। लेकिन साथ में यह भी याद रखें कि आप असली केसर का इस्तेमाल करें और उसे एयर टाइट कंटेनर में रखें। इससे आप इसे साल भर इस्तेमाल कर सकती हैं।

क्या बच्चों के लिए यह सुरक्षित है?
- आगरा आपके बच्चे की उम्र तीन साल से ज्यादा है और उसे स्पासमोडिक पेट दर्द होता है तो आप इस उपाए को कर सकती हैं।
- यह गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी सुरक्षित है।
- इस दवा की ज्यादा खुराक सुरक्षित नहीं है क्योंकि इसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

ज्यादा ब्लीडिंग को रोकने के लिए कुछ अन्य उपाय
1. अशोक छाल महिलाओं की सेहत के लिए बहुत उपयोगी है। इससे मासिक धर्म का दर्द कम होता है। इसके बनाने के लिए 25 ग्राम अशोक की छाल का पाउडर और 500 ml पानी में इसे उबाल लें। जब यह 50ml रह जाए तब इसमें 50 m दूध मिलाएं और फिर से इसे उबालें। अब इसे छनि से छान लें। अब इस मिश्रण का 20-30 ml रोज़ सुबह खाली पेट पीएं। जब तक आपके पीरियड्स चल रहें हैं।
2. छुई-मुई की पत्तियों को पीस कर उसमें ताज़ा दूर्वा (सिन्नोन डैक्टाइलॉन) या टंडुलोडका (धोये हुए चावल का पानी) बना लें। और इसे खा सकती हैं।
3. नियमित रूप से किशमिश खाने से शरीर का पित्त शांत होता है और ज्यादा ब्लीडिंग नहीं होती है।
इन सारे आयुर्वेदिक उपचारों को आज़माएँ। और नीचे अपने विचार और टिप्पणियाँ जरूर दें।



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