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क्यों 35 पार महिलाओं के लिए बेस्ट बर्थ कंट्रोल है मिनी पिल्स, जानें कैसे करता है काम
प्रोजेस्टोन-ओनली पिल्स या प्रोजेस्टिन-ओनली पिल्स मौखिक तौर पर सेवन की जाने वाली गर्भनिरोधक गोलियां होती है जिन्हें मिनी पिल्स भी कहते हैं। बाकी गर्भनिरोधक गोलियों की तरह मिनी पिल्स में प्रोजेस्टिन या प्रोजेस्टोजन नामक एक ही हार्मोन होता है और इसलिए इसका दुष्प्रभाव कम होता है।
35 से अधिक उम्र की महिलाएं नियमित रूप से गर्भनिरोधक गोलियां नहीं ले सकती हैं इसलिए वे मिनी पिल्स का उपयोग कर सकती है। ये गर्भनिरोधक गोलियां 28 दिनों के अंतराल में ली जा सकती है।

मिनी पिल्स कैसे काम करता है
अन्य सभी गर्भनिरोधक गोलियों की तरह मिनी पिल्स भी आपके अंडाशय में अंडा बनने से रोकता है। यह गर्भाशय के आकार को बदलता है जिससे कि यह निषेचित अंडे के आरोपण के लिए प्रतिकूल हो जाता है। इनमें प्रोजेस्टिन हॉर्मोन होता है। इन गोलियों में दूसरे मिश्रित गर्भ निरोधक गोलियों की तुलना में बहुत कम प्रोजेस्टिन होता है। इसके उपयोग के बाद, आपके गर्भाशय और आपकी योनि के बीच का म्यूकस मोटा हो जाता है। यह शुक्राणुओं को अंडे तक नहीं पहुंचने से रोकता है।
महिलाओं को प्रतिदिन एक गोली की खुराक लेने की सलाह दी जाती है। यदि आप इन गोलियों को लेना भूल जाते हैं या अपनी समय-सारणी पर टिके नहीं रह पाते हैं तो उन दिनों के लिए वैकल्पिक तरीकों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

मिनी पिल्स का प्रभाव
मिनी पिल्स मौखिक तौर पर सेवन की जाने वाली गर्भनिरोधक गोलियों की तरह होता है। प्रोजेस्टिन-ओनली पिल्स लगभग 28 दिनों तक लेनी चाहिए। मासिक धर्म के दौरान भी इसका सेवन करना बंद नहीं करना चाहिए वरना गर्भवती होने की संभावना बढ़ जाएगी।

कौन ले सकती हैं मिनी पिल्स
स्तनपान कराने वाली माताएं प्रोजेस्टिन ओनली गोलियां ले सकती हैं। युवा महिलाएं और 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं जो गर्भवती नहीं हैं, उन्हें भी यह गोलियां लेने की अनुमति है। ये गोलियां उन माताओं के लिए सबसे अच्छा काम करती हैं जो छह महीने से स्तनपान करा रही हैं। लेकिन फिर भी इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरुर लें।

इन गोलियों को कौन नहीं ले सकता?
यदि आपके कार्य की समय-सारणी अनियमित है, आप मतली या उल्टी का अनुभव करती हैं, यदि आपके शरीर का वजन 70 किलोग्राम से ऊपर है तब आप यह गोलियां नहीं ले सकती । योनि रक्तस्राव, पुराना यकृत रोग, उच्च रक्तचाप और अन्य पुराने / अलिंद संबंधी रोगों के इतिहास वाली स्त्रियों को इन गोलियों को नहीं लेने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, अगर आपको इन गोलियों को लेते समय पेट में दर्द, योनि से रक्तस्राव या मतली का अनुभव होता है, तो उन्हें लेना तुरंत बंद कर दें और चिकित्सक से परामर्श करें।
स्तन कैंसर के रोगियों को इन गोलियां को लेने से बचना चाहिए और साथ ही इन गोलियों को लेने से अन्य जटिलताएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

मिनी पिल्स के लाभ:
- प्रोजेस्टोजन-ओनली पिल्स में एस्ट्रोजन नहीं होते हैं, इसलिए यह दिल के दौरे के खतरे को कम करता है।
- मिनी पिल्स का उपयोग पेल्विक इंफ्लेमेट्री डीजिज होने की संभावना को कम करता है।
- मिनी पिल्स लेने वाली महिलाओं को एनीमिया होने की संभावना कम होती है।
- मिनी पिल्स लेने वाली महिलाओं को अन्य गर्भनिरोधक की गोलियां लेने वाली महिलाओं के मुकाबले मासिक धर्म के दौरान कम ऐंठन और दर्द होता है।
- मिनी पिल्स फर्टिलिटी को प्रभावित नहीं करता है।

मिनी पिल्स के दुष्प्रभाव:
- प्रोजेस्टोजन-ओनली पिल्स का उपयोग स्तन को ढीला करता है और व्यवहार में बदलाव लाता है।
- मिनी पिल्स का सेवन करने से भूख अधिक लगने लगती है जिसकी वजह से वजन बढ़ जाता है।
- कुछ महिलाओं को मिचली और चक्कर आने जैसी समस्या भी उत्पन्न होने लगती है।
- मासिक धर्म अनियमित हो सकता है।
- प्रोजेस्टोजन-ओनली पिल्स आपको यौन संचारित रोगों से नहीं बचाता है।
कुछ महिलाओं को अत्यधिक नींद आने की समस्या हो जाती है।



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