सावन के इस चौथे सोमवार को ऐसे करें पूजा कि बन जाएंगे करोड़ों के मालिक

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आज सावन का चौथा सोमवार है। इसके साथ-साथ श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी भी है। इस दिन सावन माह में आने वाली दुर्गा अष्टमी भी मनाई जाएगी। जिससे ये सोमवार असाधारण बन जाता है। इस सोमवार पर भक्तों को भोले बाबा के साथ-साथ मां गौरी की भी असीम कृपा प्राप्त होगी। ज्योतिषशास्त्र अनुसार इस दिन सूर्योदय से लेकर दिन 2:29 तक शुभ नाम का विशिष्ट योग बन रहा है।

ना करे शिवलिंग की पूर्ण परिक्रमा नहीं तो लगेगा पाप

इसके बाद 2:30 बजे से शुक्ल नाम का खास योग भी बन रहा है। जो पूजा-पाठ अनुष्ठान के लिए खास माना जाता है। सुबह 9:46 मिनट तक शेर की भांति शक्तिशाली बाल्व नाम का करण रहेगा। इसके बाद चीते के समान शक्तिशाली बाल्व नाम का करण रहेगा। ये दोनों करण विजय के सूचक हैं।

घर पर शिवलिंग रखते हुए रखें इन बातों का ध्‍यान

असीम धन सम्पदा

असीम धन सम्पदा

इस विशिष्ट पर्व पर शिव और शक्ति का खास पूजन करने से शत्रुओं से छुटकारा मिल सकता है तथा गाड़ी-बंगले की इच्छा भी पूरी हो सकती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार चन्द्रमा कुण्डली के चौथे भाव का प्रतिनिधित्व करता है। चौथा भाव गाड़ी-बंगले और माता का प्रतीक माना जाता है। जिस किसी व्यक्ति की कुण्डली में चौथा भाव कमजोर है या बलहीन है, उन लोगों को विशेष पूजन से शीघ्र ही असीम धन सम्पदा मिलेगी।

ऐसे करें पूजन

ऐसे करें पूजन

सोमवार को उस शिवालय में जाएं जहां सफेद रंग का शिवलिंग स्थापित हो। वहां जाकर शिव गौरी और चन्द्रमा का पूजन करें। सर्वप्रथम शिवलिंग और गौरी की प्रतिमा पर जल चढ़ाएं। दूध में शहद मिलाकर शिव और गौरी का अभिषेक करें। शिवलिंग पर बेल पत्र और गौरी पर सफेद रंग के फूल अर्पित करें। फिर शिवलिंग पर चंदन से त्रिपुण्ड बनाएं। देवी गौरी पर चंदन से लेप लगाएं। दूध से बना कोई भी मिष्ठान शिव और गौरी को अर्पित करके बांट दें। तथा इस मंत्र का जाप करें।

मंत्र: ह्रीं गौरीशंकराय नमः ह्रीं॥

मिलेगा वैभव

मिलेगा वैभव

इस मंत्र का उच्चारण करते हुए चांदी का एक चौकोर टुकड़ा गौरी और शिवलिंग पर स्पर्श करवाकर किसी पारदर्शी कांच की बोतल में डालकर गंगा जल भरकर घर की उत्तर पश्चिम दिशा में छिपा कर रख दें। अगले सावन तक आपको अति धन सम्पदा वैभव का सुख मिलेगा।

कावड़ का महीना

कावड़ का महीना

सावन के महीने में भक्त, गंगा नदी से पवित्र जल या अन्य नदियों के जल को मीलों की दूरी तय करके लाते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। कलयुग में यह भी एक प्रकार की तपस्या और बलिदान ही है, जिसके जरिए देवो के देव महादेव को प्रसन्न करने का प्रयास किया जाता है।

इस बार सावन का अंत- 7 अगस्त 2017 को है।

English summary

Process to Worship Shiva On Fourth Monday Of Sawan

On the fourth Monday of Sawan, offer a handful of barley on Lord Shiva's Shivling. This time it is very special.
Story first published: Monday, July 31, 2017, 9:30 [IST]
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