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प्रेगनेंसी मे क्यूं हो जाती है अपने ही फेवरेट फूड से नफरत
जब भी आप प्रेगनेंट होने के बारे में बात करती है, तो सबसे ज़्यादा चर्चा जिस चीज की होती है वो है खाने की इच्छा। महिलाएं आपको बताएँगी कि कैसे वो इस समय कच्चा आम, इमली और अन्य चीजें खाती थी। कुछ महिलाएं तो अजीब कोंबिनेशन की चीजें खाती हैं जैसे आइस क्रीम और आचार। इस समय कुछ ऐसी चीजें खाने की इच्छा भी होती है जो नुकसानकारी हैं जैसे कीचड़, लोहा या प्लास्टर। लेकिन क्या आप जानती हैं कि इस समय महिलाओं को खाने से घृणा भी हो जाती हैं?
प्रेगनेंसी के दौरान खाने के प्रति नफरत इतनी सामान्य बात है जितना आप सोच भी नहीं सकती। महिलाओं को उस खाने से घृणा होने लगती है जिसे वे रोज़ाना खाती हैं। वे कई ऐसी चीजों को भी नापसंद करने लगती हैं जिन्हें वे पहले पसंद करती थी। अधिकतर महिलाओं को ऐसा गर्भावस्था की पहली तिमाही में ज़्यादा होता है। लेकिन अलग-अलग महिलाओं में यह गर्भावस्था के अनुसार अलग-अलग होता है।

आपको प्रेगनेंसी में खाने से नफरत क्यों होती है इसका कोई कारण साफ नहीं हैं। ऐसे कई सिद्धांत और अटकलें हैं जो ये बताते हैं कि महिलाओं को इस समय खाने से घृणा क्यों होती है, लेकिन इनमें से कोई भी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचता है। आज हम ऐसे सिद्धांतों पर चर्चा करेंगे जो बताते हैं कि प्रिग्नेंसी में ऐसा क्यों होता है। हम ऐसी चीजें भी देखेंगे जिन्हें करके आप इस इससे निजात पा सकती हैं। गर्भावस्था में खाने के प्रति नफरत क्यों होती है? अक्सर, खाने के प्रति घृणा आपको प्रेगनेंसी का पता चलने से पहले ही शुरू हो जाती है। सुबग तबीयत खराब होने के साथ पता चल जाता है कि आप प्रेगनेंट हैं। हैं। जब आपको खाने से घृणा होती है उसका पहला लक्षण है कि आपके मुंह में पहले से ज़्यादा लार बनना शुरू हो जाती है। इससे आपके मुंह में धातु का सा स्वाद आने लगता है। कई माएं बताती हैं कि यह एक कड़वा स्वाद होता है जो जाता ही नहीं है। जैसे जैसे प्रेगनेंसी बढ़ती है, आपको पता लगता है कि कुछ खादय पदार्थ आपको नहीं भा रहे हैं, चाहे वो आपको पहले कितने ही पसंद रहे हों। जैसे-जैसे सुबह तबीयत खराब सी रहती है वैसे आपको इन चीजों को खाने से उबाक या उल्टी आनी शुरू हो जाती है। यहाँ तक की इन खाद्य पदार्थों की खुशबू, देखने या सोचने से ही आपको उल्टी आने लगती है।
गर्भावस्था के दौरान खाने से घृणा
अधिकतर महिलाओं में, खाने के प्रति घृणा पहली तिमाही में ज़्यादा होती है। पहली तिमाही के बाद यह ठीक हो जाता है। लेकिन कई महिलाओं में यह पूरी प्रेगनेंसी में रहती है। कुछ खास मामलों में, बच्चे के जन्म के बाद भी ऐसा रहता है।
खाने की चीजें जिनसे प्रेगनेंसी में घृणा हो सकती है
जिन खाद्य पदार्थों की सुगंध या फ्लेवर तेज होता है उनसे ज़्यादा घृणा होती है। ऐसा भी हो सकता है कि प्रेगनेंसी के दौरान इसमें कुछ बदलाव हो जाये। ऐसा हो सकता है कि एक महिला को प्रेगनेंसी की शुरुआत में किसी चीज से नफरत होती है लेकिन प्रेग्नेंसी के अंत तक वो चीज अच्छी लगती है। इस दौरान खाने के प्रति नफरत का कोई खास नियम नहीं होता है, लेकिन हम आपको बता रहे हैं कुछ खादय पदार्थ जिनसे इस समय नफरत सी हो जाती है:
दूध, दूध से बनी चीजें, अंडे, मांस, मछली, पॉल्ट्री, लहसुन, मसाले वाली चीजें, चाय, कॉफी और ग्रेसी फूड्स। कुछ महिलाओं की इनमें से कुछ चीजों की इच्छा भी हो सकती है।
एचसीजी – ह्यूमन क्रोनिक गोनाडोट्रोपिन
यह एक हार्मोन है जो प्रेगनेंसी में भिन्न भूमिकाएं निभाता है। ऐसा कहा जाता है कि यह 11 सप्ताह तक ज़्यादा सक्रिय रहता है। इसके बाद इसका लेवल कम हो जाता है। 11वें सप्ताह के लगभग बहुत सी महिलाओं को खाने से घृणा होती है। इसलिए, यह संभव है कि इस हार्मोन के कारण प्रेगनेंसी में खाने से नफरत होती है।

सुबह तबीयत खराब होना
ऐसा भी देखा जाता है कि महिलाओं को खाने से नफरत तब होती है जब उनकी सुबह तबीयत खराब होती है। यह सोचा जाता है कि प्रेगनेंसी में खाने के प्रति घृणा इसी सामान्य लक्षण के कारण होती है।

सुगंध और स्वाद के प्रति ज़्यादा संवेदनशीलता
महिलाएं प्रिग्नेंसी के समय सुगंध और स्वाद के प्रति ज़्यादा संवेदनशील होती हैं। जो भी खाना तेज सुगंध वाला होता है उसे देखकार उबाक और उल्टी आने लगती है। यह भी खाने से नफरत का कारण है।

प्रेंगनेंसी में लार का बढ़ना
कई हार्मोन्स के कारण प्रिग्नेंसी के दौरान लार ज़्यादा बनती है। इस बढ़ी लार से धातु जैसा स्वाद आता है। इस कड़वे स्वाद के कारण भी महिलाओं को खाना नहीं भाता है।

किसी कारण से खाने से घृणा करना
ऐसा अक्सर कहा जाता है कि हमें हमारे शरीर की सुननी चाहिए। शरीर हमें कहता है कि यह चीज हमारे लिए सही है और यह नहीं। ऐसा ही प्रिग्नेंसी में भी होता है। थ्योरी से पता चला है कि शरीर में यह घृणा प्रेग्नेंसी में सुरक्षा के लिहाज से पैदा करता है। यह हमें यह बताता है कि यह खाना भ्रूण के लिए सही नहीं है। यह बात भी इसकी पुष्टि करती है कि आंकड़ों के अनुसार जिन महिलाओं में खाने के प्रति घृणा होती है उनमें गर्भपात या अपरिपक्व बच्चे का जन्म जैसे घटनाएँ नहीं होती हैं। यह घृणा पहली तिमाही में होती है। इस समय बच्चा बनने लगता है। इस तरह या थ्योरी सही लगती है।

खाने से नफरत का सामना कैसे करें?
हालांकि प्रिग्नेंसी में इस चीज से निपटना आसान नहीं है, यह याद रहना ज़रूरी है कि जिन खाने की चीजों से आपको नफरत है वे आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगी।

अपने शरीर की सुनें
अपने शरीर की सुनना अच्छी बात है। दिमाग में यह बात बिठायें कि संयम ही जीवन है। अपनी इच्छाओं में भी संयम रखें। आपको शरीर को इसकी आवश्यकता है। जिनसे आपको नफरत होती है उनसे दूर रहें। ऐसी चीजें आपके शरीर को नहीं चाहिए। उल्टी या उबाक से अपने आपको बचाएं।

जिन चीजों से घृणा होती है उनकी जगह दूसरी चीजें लें
कई बार जिन चीजों से आपको घृणा होती है उनमें कुछ ज़रूरी पोषक तत्व होते हैं, जिन्हें नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता है। ऐसे में आप उस खादय पदार्थ की जगह दूसरा पदार्थ ले सकती हैं। यदि आपको पालक से घृणा होती है, तो आप अमरान्थ की पत्ती और मेथी की पत्तियाँ ले सकती हैं।

उस खाने से अन्य चीजों में मिलाकर गायब कर दें
उस चीज को दूसरी चीज में मिलाकर लेने की कोशिश भी आप कर सकती हैं। इससे उस चीज की सुगंध दब जाएगी और आपको उसके पोषक तत्व भी मिल जाएँगे। यदि आप कुछ सब्जियाँ नहीं ले सकती हैं, तो उन्हें फलों की स्मूदी में मिला लें।

पेट को खाली ना रखें
ऐसा भी देखा गया है कि ज़्यादा देर पेट खाली रखने से भी खाने के प्रति घृणा ज़्यादा होती है। चाय या हर्बल टी जैसी चीजों से पेट को व्यस्त रखें। आप नट्स, फ्रूट्स और नमक वाले क्रेकर्स भी खा सकती हैं।

सप्लिमेंट के लिए पूछें
यदि ऊपर बताई टिप्स काम नहीं करती हैं, और आप जिन खाद्य पदार्थों से घृणा करती हैं उनका सेवन नहीं कर पाती हैं, तो आप डॉक्टर से सलाह लें कि इन चीजों की जगह क्या सप्लिमेंट लें जिनसे पोषक तत्वों की पूर्ति हो। आप प्री-नटल विटामिन्स, नियसिन टेबलेट, आइरन और कैल्शियम ले सकती हैं। इसके अलावा आपका डॉक्टर आपको कॉड लिवर ऑयल या अन्य सप्लिमेंट भी दे सकता है।



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