त्‍वचा के लिये खुद बनाइये होममेड साबुन

हमारे शरीर का सबसे संवेदशील भाग त्‍वचा है जिसका अच्‍छी तरह से ख्‍याल ना रखा गया तो परेशानी हो सकती है। आजकल बाजार में मिलने वाले कैमिकल साबुन, त्‍वचा पर कठोर होने के साथ ही चेहरे की नमी भी चुरा लेते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद खुशबू भी पूरी तरह से नेचुरल नहीं होती। तो इतने सारे नुक्‍सान देखर आपको होमेड साबुन का ही प्रयोग करना चाहिये जिससे आप प्राकृतिक तौर पर अपनी त्‍वचा की देखभाल कर सके।

Handmade Soaps

1. रूखी त्‍वचा के लिये- प्राकृतिक साबुन जो कि बकरी के दूध, एक्‍स्‍ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल, सनफ्लार ऑयल और बी वैक्‍स से बनाया जाता है, जो कि बहुत ही कोमल और क्रीमी होता है। इसके साथ ही अगर इसमें कोको बटर और शिया मिलाएंगी तो यह रूखी त्‍वचा को नमी प्रदान करेगा।

2. झुर्रियों वाली त्‍वचा- इस प्राकृतिक सोप को बानने के लिये वीटजर्म, एवाकाडो और अरगन तेल का प्रयोग करें। इना पेड़ों में पाये जाने वाले एंटीऑक्‍सीडेंट त्‍वचा में छिपे फ्री रेडिक्‍ल से लड़ते हैं। जिससे त्‍वचा पर झुर्रियां कम पड़ती हैं और वह जवान दिखाने लगती है।

3. ऑयली त्‍वचा - इस त्‍वचा के लिये सोप बनाने के लिये आपको जरुरत होगी लेवेंडर, कैमोमाइल और टी ट्री ऑयल की, जो कि ऑयली स्‍किन के लिये बहुत ही लाभदायक होते हैं। इसके अलावा क्‍ले का प्रयोग, ग्रीन क्‍ले या पिंक क्‍ले डालने से लाभ होता है।

क्‍या है लाभ -

1. आवश्‍यक खनीज- कुछ प्राकृतिक साबुनों में डेड सी मड होती है जिसमें 21 तरह के खनीज पाए जाते हैं। साथ ही इसमें विटामिन ए, बी6, बी12 और इ शामिल होते हैं, जो कि त्‍वचा को चमकदार बनाने और स्‍वस्‍थ्‍य रखने में बहुत लाभदायक होते हैं।

2. प्रिजरवेटिव फ्री- इन साबुनों में ना तो कोई केमिकल होता है और यह ना ही त्‍वचा पर कठोर साबित होते हैं। यह त्‍वचा को रूखा नहीं बनाते साथ ही त्‍वचा को नमी भी प्रदान करते हैं।

3. त्‍वचा रोग में लाभदायक- प्राकृतिक साबुन उनके लिये बेहतरीन हैं जो किसी भी प्रकार के त्‍वचा रोग से जूझ रहे हों। एक्‍जिमा और सिरोसिस जैसी बीमारियों के लिये प्राकृतिक सोप का ही यूज करें। इससे त्‍वचा पर रैश और खुजली नहीं पड़ती।

Story first published: Friday, June 22, 2012, 12:26 [IST]
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