पुरुषों के लिए क्यों अच्छा नहीं है बीफ?

By Shakeel Jamshedpuri

हालांकि बीफ जैसे रेड मीट को खाने के बहुत सारे फायदे हैं, फिर भी ऐसे कई कारण हैं, जिससे आपको इससे बचना चाहिए। बहुत ज्यादा बीफ खाने से शरीर को होने वाला नुकसान चौंकाने वाला होता है। बीफ कोलेस्टेरोल से भरा होता है और इससे कई तरह के डिसॉर्डर की संभावना रहती है। साथ ही जो लोग हर रोज बीफ का सेवन करते हैं, उन्हें वजन को लेकर भी समस्या आती है।

वैसे तो बीफ से बड़े पैमाने पर नुकसान होता है, पर आपको इसे पूरी तरह से नहीं छोड़ देना चाहिए। कम मात्रा में इसका सेवन करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। रेड मीट और प्रोसेस्ट मीट से हाइपरटेंशन और हाई कोलेस्टेरोल का खतरा रहता है। कई अध्ययन से यह बात सामने आई कि बीफ से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही भुने और झुलसे हुए बीफ से प्रास्टेट कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। मासपेरिशां बनाने वाले आहार

जो लोग ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करते हैं उन्हें अपने नियमित आहार में बड़ी मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है। पर यह जरूरी नहीं कि आप इसके लिए रेड मीट की मदद लें। आपके पास मछली, सोया और स्प्राउट के विकल्प खुले हुए हैं। रेड मीट में बीफ सबसे ज्यादा पौष्टिक और बहुत ज्यादा कोलेस्टेरोल वाला होता है। शोध से पता चला है कि ज्यादा बीफ खाने से मोटापा और कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम के ठीक से काम न करने का खतरा बढ़ जाता है।

1. अल्जाइमर का खतरा

1. अल्जाइमर का खतरा

बीफ जैसा रेड मीट आइरन से भरा होता है। अगर आप इसका बहुत अधिक सेवन करेंगे तो शरीर में आइरन जमा होने लगेगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि जब टाउ और बीटा-एमेलाइडल प्रोटीन मस्तिष्क में जमा होता है तो यह या तो नर्व सेल्स को नष्ट कर देता है या इसे मार देता है। यही अल्जाइमर का कारण भी बन जाता है।

2. कार्डियोवेस्कुलर बीमारी

2. कार्डियोवेस्कुलर बीमारी

लंबे शोध के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि ज्यादा मात्रा में रेड मीट खाने से दिल की बीमारी का खतरा रहता है। बाद में एक हालिया शोध से पता चला कि बीफ जैसे रेड मीट से एथ्रोसक्लेरोसिस का खतरा रहता है। दरअसल यह बीमारी सैचुरेटेड फैट और कोलेस्टेरोल से नहीं होती, बल्कि आंत के जीवाणु मीट में पाए जाने वाले कार्निटाइन को ब्रेक डाउन कर देते हैं, जो कि ट्रिम-इथइलामाइन-एन-ऑक्साइड पैदा करता है। इसी से एथ्रोसक्लेरोसिस होता है।

3. कोलोन कैंसर का खतरा

3. कोलोन कैंसर का खतरा

कई शोध से यह बात सामने आई कि बीफ जैसे रेड मीट से कोलोन कैंसर का खतरा रहता है। अमेरिका में 50 से 74 वर्ष के 148,610 लोगों पर किए गए एक शोध से यह बात सामने आई कि ज्यादा मात्रा में रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट के सेवन से कोलोन कैंसर हो सकता है।

4. टाइप 2 मधुमेह

4. टाइप 2 मधुमेह

एक हालिया शोध के अनुसार बीफ और पोर्क जैसे रेड मीट के सेवन से टाइप 2 मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। शोध से पता चला कि हर सफ्ताह तीन बार रेड मीट ज्यादा खाने से मधुमेह का खतरा 50 प्रतिशत बढ़ जाता है। यह उन लोगों के लिए अच्छी खबर नहीं है जो नियमित रूप से रेड मीट का सेवन करते हैं।

5. प्रोसेसिंग

5. प्रोसेसिंग

आज के समय में मीट इंडस्ट्री जिस तरह से मुनाफा कमाने के लिए बीफ और पोर्क को तैयार कर रहे है, वह बेहद डरावना है। जानवरों को बढ़ाने के लिए कई तरह के हार्मोन का इस्तेमाल किया जाता है। बाद में कुछ अच्छे और बुरे मीट को मिलाकर इसका प्रोसेसिंग किया जाता है।

6. मोटापा

6. मोटापा

हालांकि बीफ जैसा रेड मीट अकेले मोटापा का कारण नहीं होता है, पर यह पेट पर कई तरह की परत को बढ़ा देता है। बीफ के ज्यादा सेवन और कम फिजिकल एक्टिविटी से आज बच्चे भी मोटापा से ग्रस्त हो रहे हैं।

Story first published: Thursday, February 20, 2014, 11:00 [IST]
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