Latest Updates
-
Mahavir Jayanti 2026 Wishes:अहिंसा का दीप जलाएं…इन संदेशों के साथ अपनों को दें महावीर जयंती की शुभकामनाएं -
Mahavir Jayanti Quotes 2026: 'जियो और जीने दो', महावीर जयंती पर अपनों को शेयर करें उनके अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 31 March 2026: मार्च के आखिरी दिन इन 4 राशियों का खुलेगा भाग्य, जानें आज का भविष्यफल -
Mahavir Jayanti 2026: महावीर जयंती कब है? जानें तिथि, महत्व और भगवान महावीर के प्रमुख सिद्धांत -
कौन थे राहुल अरुणोदय बनर्जी? शूटिंग के दौरान डूबने से हुई मौत, 43 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा -
बिग बॉस फेम रजत दलाल ने रचाई गुपचुप शादी, फोटोज पोस्ट करके सबको किया हैरान, जानें कौन है दुल्हन? -
Vastu Tips: घर में आर्थिक संकट आने से पहले दिखते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज -
40 की उम्र में दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी, जानिए बेटा हुआ या बेटी -
घर में छिपकलियों ने मचा रखा है आतंक? भगाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, फिर कभी नहीं दिखेंगी दोबारा -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई
अंडे के सफेद भाग को खाने से होते हैं ये 4 साइड इफेक्ट
क्या आप रोजाना अंडे का सफ़ेद आवरण खाते हैं। यदि हाँ तो आप इसके फायदे भी जानते होंगे। लेकिन क्या आपको इसके साइड इफ़ेक्ट्स पता हैं?
क्या आप जानना चाहेंगे कि अंडे का सफ़ेद आवरण फायदेमंद है या नहीं? अंडे स्वादिष्ट और हैल्दी होते हैं। फिर भी खास तौर पर इसके सफेद भाग के बहुत से साइड इफ़ेक्ट्स हैं जो कि शरीर पर विपरीत असर डालते हैं।

आइये देखते हैं अंडे के सफ़ेद हिस्से के साइड इफ़ेक्ट्स ...
1. साल्मोनेला का अधिक खतरा
कच्चे अंडे और एल्बुमिन बैक्टीरिया द्वारा दूषित किए जाते हैं। साल्मोनेला एक बैक्टीरिया है जो कि मुर्गियों की आंतों में पाया जाता है। यह अंडे के बाहरी आवरण और उसके अंदर भी पाये जाते हैं। साल्मोनेला को खत्म करने के लिए इन्हें ज्यादा देर तक और ज्यादा तापमान पर पकायें। अंडे के ऊपरी हिस्से और कम उबले हुये अंडों में भी बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं।
READ: अंडे के पीले भाग में छुपी है सेहत !

2. बायोटीन की कमी होना
नियमित रूप से अंडे का सफ़ेद हिस्सा खाने से बायोटीन की कमी होती है। बायोटीन को विटामिन एच और विटामिन बी7 के रूप में भी जाना जाता है। इसकी कमी से बच्चों में क्रेडल टॉप और बड़ों में सेबोरीक जैसी त्वचा की समस्याएँ पैदा होती हैं। बियोटीन की कमी से त्वचा का रंग खराब होना, शरीर में तालमेल की कमी, मांसपेशियों में जकड़न और दर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा होती है।

कच्चे एल्बुमिन में एविडिन होता है जो कि प्रोटीन है। चूंकि यह शरीर से ही बायोटीन लेता है अतः यह जहरीला पदार्थ नहीं है। लेकिन जब हम नियमित रूप से अंडे का सफ़ेद भाग खाते है तो यह शरीर से बायोटीन लेता रहता है और शरीर में इसकी कमी हो जाती है। इससे कुछ सप्ताह में स्वास्थ्य से संबन्धित समस्याएँ पैदा होती हैं और अगर समाधान नहीं कराया जाये तो यह बड़ी बीमारी का रूप ले सकती हैं।

3. एलर्जी
बहुत से मामलों में जिन लोगों को अंडे के सफ़ेद हिस्से से एलर्जी होती है उन्हें एल्बुमिन प्रोटीन से भी एलर्जी होती है। पित्ती, दाने निकलना, त्वचा की सूजन, नजला, दस्त, उल्टी, साँस की घरघराहट, खांसी, छींक, ऐंठन, आदि इस तरह की एलर्जी के कुछ सामान्य लक्षण हैं।
READ: क्यूं होती है एलर्जी और क्या होते हैं उसके लक्षण

4. प्रोटीन की ज्यादा मात्रा
डॉक्टर्स के अनुसार यदि आपको किडनी की समस्या है तो प्रोटीन आपके लिए नुकसानकारी है। जिन लोगों का ग्लोमरगुलर फिल्टरेशन रेट (फ़्लो रेट जो किडनी फिल्टर कर पाती है) कम है उन्हें खास तौर पर अंडे के प्रोटीन से खतरा है।
जिन लोगों को गुर्दे से संबन्धित समस्या है उन्हें 0.6 से 0.8 ग्राम प्रोटीन लेने की सलाह दी जाती है। फिर भी डॉक्टर्स कहते हैं कि चाहे कम ग्लोमरगुलर फिल्टरेशन रेट वाला व्यक्ति हो या सामान्य व्यक्ति हो, प्रोटीन की 60 प्रतिशत मात्रा अंडे से ही आती है। यदि आपको लिवर से संबन्धित समस्या है तो अपने आहार में अंडे को शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले लें ।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











