जानिये कच्चे और रोस्टेड नट्स खाने से क्या फायदे होते हैं

Posted By: Lekhaka
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यदि आप नट्स खाने के शौकीन हैं तो यह अच्छी आदत है क्यों कि नट्स में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और वसा पायी जाती है जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है। फिर भी आप इस दुविधा में होंगे कि कच्ची नट्स खाना ज्यादा फायदेमंद है या रोस्टेड नट्स।

कच्ची और रोस्टेड नट्स दोनों का अपना एक विशेष स्वाद है। इन्हें नियमित खाना स्वास्थ के लिए अच्छा होता है। लेकिन कच्ची और भूनी नट्स खाने के कुछ फायदे और नुकसान भी हैं।

 कैलोरी -

कैलोरी -

नट्स खाने से हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम रहता है। यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखता है। इसके अलावा नट्स में अधिक मात्रा में कैलोरी पायी जाती है। कच्ची नट्स की अपेक्षा भूनी हुई नट्स में ज्यादा कैलोरी होती है। नट्स में ऑयल भी पाया जाता है।

हालांकि रॉ और रोस्टेड नट्स में मौजूद कैलोरी में ज्यादा अंतर नहीं होता है। इससे आपको डरने की जरूरत नहीं है। एक औंस काजू में 157 कैलोरी मौजूद होती है। जबकि उतने ही मात्रा में ऑयल रोस्टेड काजू में 163 कैलोरी पायी जाती है।

मोनोअनसैचुरेटेड वसा-

मोनोअनसैचुरेटेड वसा-

बादाम में भरपूर मात्रा में मोनोअनसैटुरेटेड वसा होती है जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। इसकी वजह से हृदय रोग नहीं होते जो ज्यादातर लोगों की मौत का मुख्य कारण होता है।

फाइटिक एसिड-

फाइटिक एसिड-

नट्स में फाइटिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जो इसमें मौजूद फास्फोरस आयरन, जिंक और कैल्शियम के अवशोषण को रोकता है। ये मिनरल्स शरीर के लिए आवश्यक हैं इसलिए ज्यादा मात्रा में फाइटिक एसिड के सेवन से शरीर में इनकी कमी हो सकती है। भूनी नट्स में फाइटिक एसिड कुछ कम होता है जबकि कच्ची नट्स में पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। फाइटिक एसिड को कम करने के लिए कच्चे नट्स को भिगो कर खाना चाहिए।

बैक्टीरिया-

बैक्टीरिया-

चूंकि कच्चे नट्स में बैक्टीरिया अधिक मात्रा में उत्पन्न होते हैं इसलिए कच्चे नट्स को सीधे पका कर नहीं खाना चाहिए। इसमें वसा और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है और पानी बहुत कम होता है। अगर इन्हे अच्छी तरह से स्टोर करके न रखा जाए तो फंफूद लग जाता है और बैक्टीरिया भी तेजी से बढ़ जाते हैं। वास्तव में कच्चे बादाम में सोल्मोनेला नाम का बैक्टीरिया उत्पन्न होता है जिससे व्यक्ति फूड पाजनिंग का शिकार हो सकता है।

एक्रिलामाइड :

एक्रिलामाइड :

भूने हुए नट्स में एक्रिलामाइड होने की संभावना होती है। यह एक केमिकल है जो हाई टेम्परेचर पर इसे पकाने या भूनने से अपने आप उत्पन्न हो जाता है। स्टडी के अनुसार ज्यादा मात्रा में उत्पन्न एक्रिलामाइड से पशुओं में कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। एक्रीलामाइड बनने की मात्रा तापमान और एमीनो एसिड पर निर्भर करती है।

आपने देखा कि कच्चे और भूने दोनों तरह की नट्स के अपने फायदे और नुकसान हैं। इसलिए उचित मात्रा में दोनों को खाएं।

English summary

5 Important Benefits Of Raw And Roasted Nuts

There are pros and cons to raw and roasted. To weigh the benefits, here’s what you need to know.
Story first published: Monday, July 31, 2017, 11:00 [IST]
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