Latest Updates
-
कहीं आप भी तो नहीं पी रहे डिटर्जेंट वाला दूध? FSSAI के बताए इस सिंपल टेस्ट से मिनटों में करें चेक -
Indira Ekadashi 2026: 5 या 6 अक्टूबर, कब है इंदिरा एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक -
Captain Smit Machchhar: कैप्टन 'स्मित मच्छर' के सरनेम का क्या है मतलब? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी -
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि
अगर आपका बच्चा मोटा है तो उसे हो सकता है कोलन कैंसर का खतरा
हाल ही में इजराइल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी द्वारा किये एक रिसर्च के अनुसार ऐसे यंग बच्चे जिनका वजन सामान्य से काफी ज्यादा होता है उन्हें कोलन कैंसर का ख़तरा बहुत ज्यादा रहता है।
असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि जब कोलन, रेक्टल या दोनों में ही फैलती हैं, तो इस फैलाव को कोलन कैंसर कहते हैं। इसे कोलोरेक्टेल, बोवेल, रेक्टल कैंसर भी कहा जाता है। कोलन कैंसर को बड़ी आंत का कैंसर भी कहा जाता है।
जर्नल कैंसर में प्रकशित शोध के अनुसार ओवरवेट पुरुषों में इस कैंसर के होने की संभावना 53% और महिलाओं में 54% रहती है। आपको बता दें कि कोलन कैंसर के शुरुवाती लक्षणों के बारे में अधिकतर लोगों को पता ही नहीं चल पाता है जिस वजह से यह कैंसर जब पूरी तरह बढ़ जाता है तब जाकर इसका पता चलता है और तब तक काफी देर हो चुकी होती है।

इस शोध में यह भी बताया गया कि मोटापे के कारण यंग लड़कों में रेक्टल कैंसर का खतरा भी 71% बढ़ जाता है जबकि महिलाओं में यह अनुपात और ज्यादा होता है।
तेल अवीव यूनिवर्सिटी के जोहर लेवी बताते हैं कि इस शोध में बहुत बड़ी संख्या में लोगों को शामिल किया गया और 10 सालों तक उनकी जांच की गयी फिर जाकर हम निष्कर्ष पर पहुंचे हैं।
इस शोध में रिसर्चर की टीम ने 1,087,358 यहूदी पुरुष और 707,212 यहूदी महिलाओं को शामिल किया जिनकी उम्र 16 से 19 साल के बीच की थी और इन सभी लोगों के बीएमआई इंडेक्स की भी जांच की गयी।
10 सालों तक चलने वाले इस अध्ययन में 2967 कोलोरेक्टल कैंसर के मरीज पाए गये जिसमें 1977 मरीज तो पुरुष थे। वहीँ महिलाओं की संख्या 990 थी जिसमें से 764 महिलायें कोलन कैंसर से और 226 महिलायें रेक्टम कैंसर से पीड़ित थी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
