Latest Updates
-
Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
शाम होते-होते फूल जाता है आपका पेट? ये बैली फैट नहीं ब्लोटिंग है, जानें 5 बड़े कारण और सही डाइट -
Jagannath Rath Yatra 2026: पुरी की रथ यात्रा में जा रहे हैं? इन 7 मशहूर लोकल फूड्स का स्वाद लेना न भूलें -
PM मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, जानें स्पीड, रूट और कितना होगा किराया -
Relationship Tips: लाइफ पार्टनर से कभी न बोलें ये 5 बातें, वरना टूट सकता है आपका रिश्ता -
कितने पढ़े-लिखे हैं सोनम वांगचुक और कितनी है उनकी नेट वर्थ? जानें कहां-कहां से होती है कमाई -
Sonam Wangchuk की 20वें दिन भी भूख हड़ताल जारी, बिना खाना खाए कितने दिन जीवित रह सकता है इंसान? -
Jagannath Rath Yatra 2026: कौन हैं भगवान जगन्नाथ की मौसी? जिनसे मिलने के लिए हर साल रथ से निकलते हैं महाप्रभु -
World Emoji Day 2026: क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड इमोजी डे, कैसे पड़ा 'Emoji' नाम? जानिए इसका दिलचस्प इतिहास -
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: जगन्नाथ रथ यात्रा पर अपनों को भेजें ये दिल छू लेने वाले शुभकामना संदेश
अगर आपका बच्चा मोटा है तो उसे हो सकता है कोलन कैंसर का खतरा
हाल ही में इजराइल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी द्वारा किये एक रिसर्च के अनुसार ऐसे यंग बच्चे जिनका वजन सामान्य से काफी ज्यादा होता है उन्हें कोलन कैंसर का ख़तरा बहुत ज्यादा रहता है।
असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि जब कोलन, रेक्टल या दोनों में ही फैलती हैं, तो इस फैलाव को कोलन कैंसर कहते हैं। इसे कोलोरेक्टेल, बोवेल, रेक्टल कैंसर भी कहा जाता है। कोलन कैंसर को बड़ी आंत का कैंसर भी कहा जाता है।
जर्नल कैंसर में प्रकशित शोध के अनुसार ओवरवेट पुरुषों में इस कैंसर के होने की संभावना 53% और महिलाओं में 54% रहती है। आपको बता दें कि कोलन कैंसर के शुरुवाती लक्षणों के बारे में अधिकतर लोगों को पता ही नहीं चल पाता है जिस वजह से यह कैंसर जब पूरी तरह बढ़ जाता है तब जाकर इसका पता चलता है और तब तक काफी देर हो चुकी होती है।

इस शोध में यह भी बताया गया कि मोटापे के कारण यंग लड़कों में रेक्टल कैंसर का खतरा भी 71% बढ़ जाता है जबकि महिलाओं में यह अनुपात और ज्यादा होता है।
तेल अवीव यूनिवर्सिटी के जोहर लेवी बताते हैं कि इस शोध में बहुत बड़ी संख्या में लोगों को शामिल किया गया और 10 सालों तक उनकी जांच की गयी फिर जाकर हम निष्कर्ष पर पहुंचे हैं।
इस शोध में रिसर्चर की टीम ने 1,087,358 यहूदी पुरुष और 707,212 यहूदी महिलाओं को शामिल किया जिनकी उम्र 16 से 19 साल के बीच की थी और इन सभी लोगों के बीएमआई इंडेक्स की भी जांच की गयी।
10 सालों तक चलने वाले इस अध्ययन में 2967 कोलोरेक्टल कैंसर के मरीज पाए गये जिसमें 1977 मरीज तो पुरुष थे। वहीँ महिलाओं की संख्या 990 थी जिसमें से 764 महिलायें कोलन कैंसर से और 226 महिलायें रेक्टम कैंसर से पीड़ित थी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications