आयुर्वेद के अनुसार जानें, रात में दही खानी चाहिए या नहीं?

आपने अक्‍सर सुना होगा कि रात में दही नहीं खानी चाहिए। रात में दही खाना स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नुकसानदायक है। दही की वजह पेट संबंधी रोग हो सकते हैं। क्‍या वाकई इन बातों में सच्‍चाई है? दूध पसंद नहीं करने वालों के लिए दही एक स्‍वस्‍थ विकल्‍प है। हेल्‍दी बैक्‍टीरिया से भरपूर दही पेट के लिए बहुत अच्‍छी चीज होती है।

आमतौर पर डाइजेशन की समस्‍या होने पर पेट में हेल्‍दी बैक्‍टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है। दही हेल्‍दी बैक्‍टीरिया को बनाए रखने और पाचन में सुधार के लिए बेहतर स्‍त्रोत है। अगर आप रात को दही खाना चाहते है तो आयुर्वेद के हिसाब से इसके भी कई उपाय हैं। एग्जाम में दही खाने से ले कर उपवास रखने तक के ये 10 वैज्ञान‌िक कारण चौंका देंगे

रात में दही नहीं खानी चाहिए?

रात में दही नहीं खानी चाहिए?

आयुर्वेद के अनुसार, दही खाने से कफ की समस्‍या हो सकती है। रात के समय म्यूकस (mucus) के कारण कफ बनता है। इसलिए आयुर्वेद के अनुसार, रात को दही नहीं खानी चाहिए।

Yogurt (Dahi) दही | Health Benefits | सेहत और सुंदरता का मिश्रण सिर्फ दही | Boldsky
 रात में दही नहीं खानी चाहिए?

रात में दही नहीं खानी चाहिए?

आयुर्वेद के अनुसार, दही खाने से कफ की समस्‍या हो सकती है। रात के समय म्यूकस (mucus) के कारण कफ बनता है। इसलिए आयुर्वेद के अनुसार, रात को दही नहीं खानी चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार नहाने का पानी चुनने के तरीके

 इन लोगों को नहीं खाना चाहिए?

इन लोगों को नहीं खाना चाहिए?

ये नियम हर किसी पर लागू नहीं होता है। लेकिन कोल्‍ड और कफ से ग्रस्‍त लोगों को रात को दही के सेवन से बचना चाहिए। हालांकि जिन लोगों को कफ संबंधी कोई परेशानी नहीं है, वो रात के समय दही और छाछ का सेवन कर सकते हैं। दही के अन्‍य फायदे भी हैं। ये आपके दांतों और हड्डियों के लिए सही होती है और सुबह में सूजन जैसी समस्‍या से बचाने में सहायक होती है।

अगर आप रात में दही रात के खाने में दही शामिल करने के आसान उपाय

दही चीनी-

दही चीनी-

अगर आपको मीठा पसंद है, तो आप दही में चीनी मिलाकर खा सकते हैं। डिनर के बाद दही खाने से पेट शांत रखने में मदद मिलती है।

छाछ-

छाछ-

ये रात को खाने के बाद पिये जाने वाला अच्‍छा पेय पदार्थ है। ये आपके पेट को ठंडा रखने के साथ-साथ बैक्‍टीरिया बदलने में भी सहायक होता है।

लस्‍सी-

लस्‍सी-

लस्‍सी छाछ का ही मीठा वर्जन है। ये टेस्‍टी होने के साथ-साथ फायदेमंद भी होती है।

कढ़ी-

कढ़ी-

इसे बेसन, नमक और छाछ के मिश्रण से तैयार किया जाता है। आप इसमें थोड़ी मिर्च, कड़ी पत्‍ता और जीरा भी मिला सकते हैं।

फ्रूट सलाद- केले, सेब और अनार को काटकर उसमें दही मिलाकर खा सकते हैं।

रायता-

रायता-

रायता खाने में स्‍वादिष्‍ट होता है। इसे और ज्‍यादा स्‍वादिष्‍ट बनाने के लिए इसमें प्‍याज, टमाटर, खीरा, लौकी और हरी मिर्च काटकर डाल सकते हैं।

दही चावल-

दही चावल-

चावल में दही मिलाकर उसमें थोड़ा नमक और काली मिर्च का पाउडर मिलाकर खा सकते हैं। इसे थोड़ा स्‍वादिष्‍ट बनाने के लिए इसमें कड़ी पत्‍ते और लाल मिर्च का तड़का लगा सकते हैं।

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