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क्या आप भी रोजाना नाश्ते में ब्रेड खाते हैं, जानिए इसके नुकसान

हम में से कई लोगों का फेवरेट ब्रेकफास्ट ब्रेड होता हैं। क्योंकि ये बहुत हल्का होता है और हम में से कई लोगों को ये हेल्दी नाश्ता लगता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह का नाश्ता हेल्दी होना चाहिए, सुबह की भागदौड़ में हम में से अक्सर लोग सैंडविच, बेड जैम या फिर ब्रेड-मक्खन खा लेते हैं। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना नाश्ते में ब्रेड को खाना नुकसानदायक हो सकता है।
क्योंकि इसमें ग्लूटेन की अधिक मात्रा होती है जो स्वास्थय के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, अगर आप ब्रेड खाने के ज्यादा शौकीन है तो आपको मालूम होना चाहिए कि कैसे ब्रेड बनती है और कौनसा ब्रेड खाना ज्यादा आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते है कि कैसे ब्रेड खाना हो सकता है आपके लिए नुकसानदायक।

कैसे बनती है ब्रेड
ब्रेड में आमतौर पर आटा, मैदा, नमक, शुगर, ओट्स, दूध, ऑइल, प्रिजर्वेटिव्स आदि डाले जाते हैं। इसके अलावा टेस्ट के अनुसार चीजें शामिल की जाती हैं। ब्रेड को यीस्ट की मदद से खमीर उठाकर बनाया जाता है। मार्केट में आज व्हाइट, ब्राउन और मल्टीग्रेन जैसे कई वैरायटी के ब्रेड मिलती है।

नमक की अत्यधिक मात्रा
ज्यादातर ब्रेड में बहुत अधिक मात्रा में नमक होता है, इससे शरीर में सोडियम की मात्रा के संतुलन पर असर पड़ता है।आप चाहे तो घर पर ब्रेड तैयार कर सकते हैं और उसमें नमक की मात्रा को संतुलित रख सकते हैं।

वजन बढ़ाता है
अगर आप ब्रेड के बहुत शौकीन हैं तो आपका वजन बढ़ना लगभग तय है, इसमें मौजूद नमक, चीनी और प्रीजरवेटिव्स वजन बढ़ाने वाले कारक होते हैं।

ग्लूटोन से होता है भरपूर
जिन लोगों को ग्लूटोन इंटॉलरेंस हो, उन्हें भी ब्रेड नहीं खानी चाहिए। ग्लूटोन वह होता है जो किसी खाद्य पदार्थ को चिपचिपा बनाता है। इसके साथ ही उन लोगों को, जिनका ब्लड प्रेशर हाई रहता है, उन्हें भी ब्रेड कम खानी चाहिए। दरअसल ब्रेड में कार्बोहाइड्रेट होता है। खासकर रिफाइंड व्हाइट ब्रेड खाने से अचानक ब्लड का शुगर लेवल बढ़ जाता है और फिर थोड़े समय बाद एकदम गिर जाता है, जिससे शरीर में ऊर्जा का स्तर कम हो जाता है इसलिए हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीडि़त लोगों को इसका कम से कम सेवन की सलाह दी जाती है। अगर ब्रेड खाना जरूरी हो तो होलव्हीट ब्रेड ले सकते हैं।

हाई फ्रूक्टोस कॉर्न सिरप
यह कृत्रिम स्वीटनर अक्सर आनुवंशिक रूप से संशोधित कार्न से बनाया जाता है और आपकी पसंदीदा ब्रेड में इसे मिलाया जाता है। यह हानिकारक संघटक सुक्रोज की जगह लेता है। यह बहुत सस्ता होता है, जो ब्रेड निर्माताओं को अतिरिक्त रुपये कमाने का एक अच्छा अवसर देता है।

व्हाइट ब्रेड
व्हाइट ब्रेड को मैदे से तैयार किया जाता है। इसे बनाने की प्रक्रिया में इसकी न्यूट्रिशन वैल्यू काफी कम हो जाती है क्योंकि गेहूं का छिलका और ऊपरी कोने वाला हिस्सा आदि निकल जाते हैं। इससे फाइबर और दूसरे पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। ऐसे में सिर्फ स्टार्च से भरपूर हिस्सा बचता है। यानी इसे खाने से पोषण नहीं मिलता। व्हाइट ब्रेड खाना चाहते हैं तो इसके साथ अंडा, पनीर, हरी सब्जियां (टमाटर, प्याज, खीरा) एवोकैडो (नाशपाती जैसा फल) आदि खाएं। इससे आपके ब्रेकफस्ट की न्यूट्रिशनल वैल्यू बढ़ जाती है।

कलर मिलाकर बनाई जाती है ब्राउन ब्रेड
ब्राउन ब्रेड को आमतौर पर लोग आटा ब्रेड समझ कर खरीदते हैं, लेकिन यह भी ज्य़ादातर मैदे से ही तैयार की जाती है। कई कंपनियां इसे बनाते वक्त आर्टिफिशियल कलर या कैरेमल डालती हैं, जिससे इसका कलर ब्राउन हो जाता है। यह जान लें कि कोई भी ब्राउन ब्रेड जो रोटी के रंग से गहरी हो तो उसमें कलर मिलाया गया है। आमतौर पर न्यूट्रिशन के लिहाज से यह व्हाइट ब्रेड से खास बेहतर नहीं होती इसलिए ब्रेड खरीदते समय उसमें शामिल की गई सामग्री को अच्छी तरह पढऩा चाहिए।

होलव्हीट ब्रेड
यह ब्रेड गेहूं के आटे से बनाई जाती है। इसमें फाइबर ज्य़ादा मात्रा में होता है। इसके एक स्लाइस में 2-3 ग्राम तक फाइबर होता है। यह पाचन और पोषण दोनों लिहाज से बेहतर है, लेकिन अगर ब्रेड सॉफ्ट और लाइट है तो इसमें होलव्हीट होने की सम्भावना कम होती है। होलव्हीट ब्रेड खरीदते समय पैकेट पर सामग्री को जरुर देखें, जिसमें होलव्हीट ज्य़ादा, हो उसे ही खरीदना चाहिए।

मल्टीग्रेन ब्रेड
इसमें आटे के अलावा ओट्स (जौ), फ्लैक्स सीड्स (अलसी), सनफ्लार सीड्स, बाजरा और रागी शामिल होते हैं। इसे भी आटे और मैदे से मिलकर तैयार किया जाता है, इसे खरीदने से पहले देखें।



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