हर्निया की सर्जरी के बाद जरूर करें ये योगासन, हेल्थ के लिए है फायदेमंद

Yoga for Hernia

जब पेट की मसल्स की वॉल में खाली जगह बनने के कारण मसल्स कमजोर हो जाती हैं, तो ये हर्निया होता है। लेकिन अगर आपको हर्निया की प्रॉब्लम है इसके बाद भी आप हैवी चीजें उठा रहे हैं, और ज्यादा प्रेशर वाला काम कर रहे हैं। तो यह हर्निया के अन्य समस्याओं में भी बदल जाता है। जो आपके हेल्थ को ज्यादा परेशना कर सकता है। हर्निया होने पर आपको ऑपरेशन करवाना ही पड़ेगा। लेकिन कुछ उपायों की मदद से आप अपनी मसल्स को ज्यादा मजबूत कर सकती है। ऐसे में अगर आपका हर्निया का ऑपरेशन हुआ है, और आप रिकवर हो रहे है, तो ऐसे में आप कुछ योग आसन करके खुद को मेंटली और फिजिकल मजबूत कर सकते हैं। आइए जानते हैं हर्निया में कौन से योग आसन आपके लिए फायदेमंद हैं-

उत्तानपादासन

यह आसन आपके एब्डोमिनल मसल्स को मजबूती देता है। अगर आप हर्निया की सर्जरी से रिकवर हो रहे हैं तो दिन में 2 से 3 बार इस आसन को करना चाहिए। इस आसन को करने से पेट के दर्द से राहत मिलती है। पाचन संबंधी समस्या में भी आपको राहत मिलेगी। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों हाथों को साइड में रख कर जमीन पर लेट जाएं। इसके बाद अपना बाए पैर उठाएं और घुटने को न मोड़ें। अब आप सांस छोड़ते हुए पैर को नीचे करें। सर्जरी होने के कुछ दिन बाद तक एक पैर से ये योग आसन करें।

वज्रासन

हर्निया को ठीक करने में वज्रासन सबसे अच्छे योग आसन है। हर्निया के अलावा ये योगासन पाचन क्रिया को भी दुरुस्त करने में मदद करता है। पीठ के निचले हिस्से में भी दर्द को आराम देता है। ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करने में फायदेमंद है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर बैठ जाएं और पैरों को पीछे की ओर मोड़ लें। लेकिन अपने पैरों को हिप्स के नीचे रखें। अब आप अपनी आंखें बंद कर लें और अपने दोनों हाथों को घुटनों के ऊपर रख दें। लंबी सांस लेते हुए इस मुद्रा में 15 से 30 सेकंड तक बनें रहे।

नौकासन

ये योगासन हर्निया के पेशेंट्स के लिए बहुत लाभकारी होता है। इसके साथ ही पेट और साइड की चर्बी को कम करने में भी काफी मददगार है। कमर और गर्दन के दर्द में भी ये योगासन बहुत फायदेमंद है। नौकासन करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल पर लेट जाएं। अब दोनों पैरों को एकसाथ जोड़ लें। अपने हाथों को भी शरीर के पास ही रखें। इस दौरान आप सांस लेने और थोड़ने की प्रक्रिया जारी रखें। इस दौरान सिर पीठ को ऊपर उठा कर रखें। लेकिन अपने हाथ और पैर बिल्कुल सीधे रखें और घुटनों को न मोड़ें। अपने पैरों को पेट में खिंचाव महसूस होने तक ऊपर उठाएं। और फिर धीरे धीरे पैर को नीचे रखकर रिलेक्श मोड में आ जाएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, November 20, 2022, 12:00 [IST]
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