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वजन कम करने की 15 गलत धारणाएं
वजन कम करने का मतलब सिर्फ कम खाना और ज्यादा एक्सरसाइज करना ही नहीं है। कई लोग इसी का पालन करते हैं जो कि वजन कम करने का एक गलत तरीका है।
हमारे में से जो लोग फिटनेस के प्रति जागरूक हैं उन्हें वजन कम करने के सच और झूठ (गलत धारणा) के बारें में जानकारी आवश्यक है। वज़न कम करने में आयुर्वेद किस प्रकार सहायक है
वेट मैनेजमेंट कंसलटेंट हमें वजन कम करने की गलत धारणाओं के बारें में बता रहे हैं।

1. मिथक - खाना कम करना डाइटिंग और वजन कम करने का अच्छा तरीका है।
सच - भोजन नहीं करने से शरीर की पाचन क्षमता कम हो जाती है। यह ज्यादा कैलोरी का इस्तेमाल नहीं कर शरीर में जमा कैलोरी को संचय करने जैसा है। यदि आपने एक समय का खाना नहीं खाया तो दूसरी बार थोडा ज्यादा खाएं। दिन में तीन बार खाना खाएं और यदि आप वजन कम करना चाह रहें हैं तो हर तीन घंटे के अंतराल से थोडा थोडा खाते रहें।

2. मिथक - वजन कम करने के लिए आपको एक्सरसाइज करने की जरुरत नहीं हैं सिर्फ डाइटिंग ही काफी है।
सच - डाइटिंग के साथ ही एक्सरसाइज भी जरुरी है। वजन कम करने के लिए आपको अपनी इच्छाएं दबाने की जरुरत नहीं है और हम आपको खाना खाने से भी नहीं रोकेंगे। हम एक्सरसाइज द्वारा कैलोरीज बर्न कर सकते हैं। रोजाना की दिनचर्या में एक्सरसाइज को शामिल करने से वजन कम करने में ज्यादा मदद मिलेगी। रोजाना तीस मिनट एक ही गति से पैदल चलने से हमारी ह्र्दय गति बढ़ती है जो कि वजन कम करने के लिए बहुत मददगार है। एक्सरसाइज करने के कई अन्य फायदे भी हैं जैसे कि स्वस्थ ह्र्दय, लौ ब्लड प्रेशर और स्वस्थ शरीर का एक अच्छा एहसास।

3. मिथक - कार्बोहायड्रेट आपके शरीर के लिए सही नहीं है।
सच - कार्बोहायड्रेट शरीर के इंजन का एक मुख्य ईन्धन है। कार्बोहायड्रेट में फैट के मुकाबले कैलोरीज आधी ही होती हैं। लोगों के आहार की समस्या यह है कि वे शुगर और हाई फ्रूटोज कॉर्न सिरप लेते हैं। जब लोग लौ - कार्ब डाइट लेते हैं तो वे हाई कैलोरी कार्बोहायड्रेट नहीं लेते हैं जिससे उन्हें वजन कम करने में मदद मिलती है। इसके कई और भी फायदे हैं। रिसर्च से पता चला है कि लौ फैट और ज्यादा कार्बोहायड्रेट वाले आहार जैसे आनाज और स्टार्च आदि शरीर के लिए अच्छे होते हैं।

4. मिथक - लौ फैट और फैट फ्री फूड्स में कैलोरी कम होती है।
सच - यह जरूरी नहीं है कि लौ फैट और फैट फ्री फूड्स में कैलोरी कम हो। बहुत से फूड्स के बारें में कहा जाता हैं कि इनमे 0 प्रतिशत फैट है लेकिन इनमे हो सकता है अलग प्रकार से कार्ब या शुगर हो जो कि फुल फैट फूड्स से भी ज्यादा हो सकती है। सेव एक लौ फैट खाद्य है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसमें कैलोरीज नहीं हैं। जिस भी खाद्य पदार्थ का आप सेवन कर रहें हैं उसकी कैलोरीज जरूर जांच लें।

5. मिथक - एक्सरसाइज का ज्यादा फायदा उठाने के लिए कम से कम 45 मिनट वर्कआउट जरूर करें।
सच- सिर्फ 30 मिनट की वाकिंग से भी आप कैलोरीज बर्न कर सकते हैं। आप रोजाना 5 बार 30 मिनट टहलने के साथ इसकी शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद आप समय बढ़ा दें और तेज क़दमों से वाक करें।

6. मिथक - रात में देर से खाना खाने या खाना खाते ही सो जाने से वजन बढ़ता है।
सच - कैलोरीज तो कैलोरीज हैं। यदि आप ज्यादा खाते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो आपका वजन बढ़ेगा ही। देर से खाने या खाना खाते ही सोने से कोई फर्क नहीं पड़ता। यदि आप ज्यादा खाते हैं तो आपकी बॉडी में फैट के रूप में अतिरिक्त कैलोरीज को स्टोर करने कि क्षमता होती है। देर से खाना खाने का मतलब कई लोग समझते हैं कि उन्होंने ज्यादा कैलोरीज का सेवन किया है।

7. मिथक - मेरे मोटे होने का कारण है कि मेरी पाचन क्षमता कम है।
सच - जब लोगों का मोटापा बढ़ता है तो सिर्फ बॉडी फैट ही नहीं बढ़ता बल्कि उसके साथ सपोर्ट के लिए मांसपेशियों का फैट भी बढ़ता है। लगभग 20 से 30 प्रतिशत ज्यादा फैट मांसपेशियों में होता है। मांसपेशियों के ऊतकों से भी कैलोरीज बर्न होती हैं इसलिए मांसपेशियां जितनी ज्यादा होंगी पाचन क्षमता उतनी ही ज्यादा होगी । इस प्रकार ज्यादा वजन होने पर पाचन क्षमता उतनी ही ज्यादा होती है । शारीरिक एक्टिविटीज से बर्न कैलोरी से इसका कोई सम्बन्ध नहीं है।

8. मिथक - सनकी आहार से वेट कम होता है।
सच - रिसर्च से पता चला है कि सप्ताह में ½ से 2 किलो वजन कम करने के लिए हेल्दी भोजन करना, भोजन को मध्यम टुकड़ों में खाना और रोजाना मेहनत व एक्सरसाइज करना ये सब वजन कम करने के अच्छे तरीके हैं। स्वस्थ खाना खाने और शारीरिक व्यायाम आदि की आदत डालने से टाइप 2 डायबिटीज, हार्ट डिजीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां दूर रहती हैं।
मिथक - हाई- प्रोटीन का सेवन वजन कम करने का अच्छा तरीका है।

9. मिथक - वजन बढ़ना आनुवंशिक है। यह आपको अपने माता - पिता से आनुवंशिक रूप में मिल सकता है।
सच - फैट जीन नाम का कोई जीन नहीं है जो माता -पिता से बच्चों में और परिवार के किसी अन्य व्यक्ति में चला जाए। ऐसा हो सकता है कि यदि माता - पिता मोटे हैं और वे अनहेल्थी लाइफस्टाइल अपनाते हैं तो बच्चों में भी उसकी शिक्षा पड़ सकती है। इस प्रकार अनहेल्थी लाइफस्टाइल माता -पिता से बच्चों में आ जाती है।

10. मिथक - यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो कार्डिओ एक्सरसाइज ज्यादा करें।
सच- वजन कम करने के लिए बॉडी को झटके देना और हिलाना जरूरी है। यदि आपने पहले कभी एक्सरसाइज नहीं की और आप रोजाना दौड़ना शुरू करते हो तो इससे शरीर हिलेगा और वजन एक बार तो कम हो जायेगा लेकिन यह कितने दिन रहेगा इस पर संदेह है। कुछ समय बाद आप वजन घटाने की अंतिम सीमा में पहुँच जायेंगे और लगातार वर्क आउट से वापस से वजन बढ़ना शुरू हो जायेगा। इसकी बजाय अलग-अलग एक्सरसाइज जैसे योगा, वेट ट्रैनिंग, कार्डिओ आदि करें। आप शुरू में वजन बढ़ा लें फिर सही प्रकार वर्कआउट करें और वर्क आउट में परिवर्तन करते रहें, यह एक दम सही वेट मैनेजमेंट होगा।

11. मिथक - मैं सब कुछ सेवन कर सकता हूँ बशर्ते कि वह फ्राई किया हुआ नहीं हो, चाहे बेक किया हुआ हो।
सच- बाजार में बहुत से हेल्थी बेक्ड स्नैक्स के नाम से प्रचारित अनेक प्रोडक्ट्स हैं और भोले लोग इससे खुश होते हैं कि वे कोई फ्राई और टला हुआ पदार्थ सेवन नहीं कर रहे हैं। एक नजरियें से देखें तो यह सही है, यह निर्भर करता है कि आप किस प्रकार के बेक्ड स्नैक का सेवन कर रहें हैं। उदाहरण के लिए यदि आप फ्राइड नट के बजाय बेक्ड नट लेते हैं, फ्राइड चिकन के बजाय बेक्ड चिकन और फ्राइड चिप्स के बजाय बेक्ड चिप्स ले रहें है तो यह एक अच्छी चॉइस है कि आप ऑयली खाना नजरअंदाज कर रहें हैं। लेकिन दूसरी तरफ आप यदि बेक्ड चक्रिस या बेक्ड भाकरवाडिस सेवन कर रहें तो यह याद रहे की आप हाई परिष्कृत खाद्य का सेवन कर रहें हैं जिनमें अधिक मात्रा में सोडियम और मैदा मौजूद है। इसे मैं हेल्थी स्नैक नहीं कहूंगा यदि आप वाकई में वजन कम करना चाहते हैं।

12. मिथक - पोषक पदार्थों के सप्लीमेंट इस्तेमाल करना वजन कम करने के लिए सुरक्षित है।
सच- वजन कम करने के लिए इन सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करने का सुझाव नहीं दिया जा सकता है। पहले तो अधिकतर वेट लॉस सप्लीमेंट हमारे मल त्याग की आवर्ती बढ़ा देते हैं जो शरीर की प्राकृतिक मल त्याग क्रिया के लिए नुकसानकारी है। इससे निर्जलीकरण होता है साथ ही शरीर में अन्य पोषक तत्वों की भी कमी हो जाती है। दूसरा, कुछ सप्लीमेंट्स हमारी डाइट में से सारा फैट मल द्वारा निकाल देते हैं। ये फैटी एसिड शरीर के अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है इसलिए वजन कम करने के लिए इन सप्लीमेंट्स की सलाह नहीं दी जाती है।

13. मिथक - वार्म अप और कूल डाउन जरूरी है।
सच- सही प्रकार वार्म अप किये बिना आप अपने शरीर को काम में लगा देता हैं जब कि ऑक्सीजन और ब्लड कि सही मात्र मांसपेशियों तक पहुंची ही नहीं है, इससे मांसपेशियों में चोट पहुँच सकती है। एक वार्म अप में 5 से 10 मिनट बिताने से शरीर के तापमान को अंदर बाहर से बढ़ाने में मदद मिलती है, मांसपेशियों के सही प्रदर्शन के लिए यह बहुत जरुरी है। कूल डाउन भी इसी प्रकार काम करता है जब आप वर्क आउट की चोटों से बचना चाहते हैं। यदि आप कूल डाउन नहीं करते हैं तो आप मांसपेशियों को खतरें में डाल रहें हैं क्यूँ कि आपने अपने शरीर से लैक्टिक एसिड बाहर नहीं निकाला है। कूल डाउन से हार्ट रेट नॉर्मल करने में और पूरे दिन जोश से काम करने के लिए ऊर्जा का संचार होता है।

14. मिथक - केले से वजन कम नहीं होता है।
सच- केला एक हेल्थी डाइट है और यह फैट लॉस डाइट का हिस्सा होना चाहिए। वैसे भी कोई एक अकेला खाद्य पदार्थ वजन कम नहीं कर सकता। वजन कम करने के लिए कैलोरी कम करना जरुरी है इसलिए एक दिन में उपभोग की जाने वाली कलोरी की तुलना में अधिक कैलोरी बर्न करें। अधिकतर मामलों में 10 से 15 प्रतिशत कैलोरी की कमी करना सही है इससे ज्यादा कमी करने पर फैट लॉस कि बजाय मसल लॉस हो सकता है।

15. मिथक - डिटॉक्स डाइट मेरे लिए एक अच्छा डाइट प्लान है।
सच- यदि आपको लगातार रात में देर तक काम करना पड़ रहा है और यदि आप जंक फूड खाते खाते बोर हो गए हैं और वजन भी कम करना चाहते हैं तो एक अच्छी संतुलित डिटॉक्स डाइट आपके लिए सही है। लेकिन ध्यान रहे डिटॉक्स डाइट से हमारा मतलब माग्रे, जूस, मास्टर क्लीनसे, पानी जैसी हल्की डिटॉक्स डाइट से नहीं है। हमारा तात्पर्य एक संतुलित डाइट से है जिसमे कि सभी पोषक तत्व हों , लेकिन परिष्कृत भोजन नहीं हो (जिसमे कि शुगर और ट्रांसफैट होता है), और दिन में सही अंतराल में सही मात्रा ली जाए।



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