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परवल की तरह दिखने वाली ये सब्जी है बहुत गुणकारी, मोटापा और डायबिटीज की है दवा
अगर आपको कुंदरु की सब्जी खाने में पसंद है तो आप कुंदरु की सब्जी खाकर अपना ब्लड शुगर नियंत्रित रख सकते है। परवल की तरह दिखने वाला कुंदरु की सब्जी को खाने के कई सारे फायदें हैं।
कुंदरू में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, विटामिन बी 2 (रिबोफाल्विन) विटामिन बी 1 (थायमिन), विटामिन सी, विटामिन बी 3 (नियासिन) जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद हैं। कुंदरू की सब्जी को तिंदूरी भी कहा जाता है। यह ककड़ी वर्ग यानी कुकुरबिटेसी परिवार की सदस्य है। इसे पुरानी लताओं की कटिंग से बोया जाता है।

मोटापे से बचाता है
कुछ शोध बताते हैं कि कुंदरू में एंटी-ऑबेसिटी गुण पाए जाते हैं। ये गुण प्री-एडीपोसाइट्स को वसा कोशिकाओं में परिवर्तित करने से रोकता है। इस पौधे में चयापचय दर को बढ़ाने की क्षमता भी होती है और साथ ही यह ब्लड शुगर के स्तर को भी कम करने में मदद करता है। इस पौधे में संभावित एंटी-एडीपोजेनिक एजेंट की उपस्थिति मोटापे से प्रेरित चयापच रोगों को कम करने के लिए उपयुक्त हो सकती है।

उतर जाता है चश्मा
कुंदरू की सब्जी को अधकच्ची पकाकर लगातार कुछ दिनों तक खाने से आंखों से चश्मा तक उतर जाता है। साथ ही माना जाता है कि इसकी सब्जी के निरंतर उपभोग से बाल झड़ने का क्रम बंद हो जाता है। यह गंजेपन से भी बचा जा सकता है।

कम होती है डायबिटीज
कुंदरू खाने से डायबिटीज के नए रोगियों में शुगर का लेवल तकरीबन 16 फीसदी तक गिर जाता है। एक शोध में भी ये बात साबित हो चुकी है। कुंदरू डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण साबित हो सकता है। यह सब्जी ऐसे मरीजों के खून से शुगर का स्तर कम कर सकती है।

पाचन में है मददगार
कुंदरू में उपस्थित फाइबर, पोषक तत्व और फाइटोकेमिकल पाचन तंत्र को स्वस्थ्य रखने में मदद करते हैं। कुंदरू पाचन एंजाइमों की भी मदद करता है इस कारण इसका सेवन करने से पाचन संबंधित विभिन्न समस्याएं दूर होती हैं।

इम्यून सिस्टम बढ़ाता है
विटामिन सी, विटामिन बी2, विटामिन बी1 और विटामिन बी3 ये सभी कुंदरू में अच्छी मात्रा में उपलब्ध होते हैं। विटामिन सी और बी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत रहती है तो आपका शरीर बहुत सी बीमारियों को स्वत: ही खत्म कर देता है और जो आपको विभिन्न प्रकार के संक्रमणों से बचाता है।

प्रेगनेंसी में हड्डियो के लिए बढि़या
कुंदरु में अच्छी मात्रा में केल्शियम होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। इसके अलावा इसमें आयरन होता है। प्रेगनेंसी के दौरान इसके सेवन से महिलाओं की हड्डियां मजबूत तो बनाता है इसके साथ खून की कमी को भी पूरा करता है।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी है मददगार
कुंदरू में उचित मात्रा में राइबोफ्लेविन और नियासिन होते हैं जो कि मस्तिष्क से विभिन्न हार्मोन के कामकाज और उनके स्राव से संबंधित होती हैं जो सीधे मूड से संबंधित होते हैं। आमतौर पर यह माना जाता है कि रि राइबोफ्लेविन की पर्याप्त मात्रा बाले खाद्य पदार्थों का सेवन कर स्वाभाविक रूप से अवसाद का इलाज किया जा सकता है।



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