Latest Updates
-
World Lung Cancer Day 2026: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकता है लंग कैंसर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव -
August 2026 Vrat Tyohar: सावन शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक, देखें अगस्त में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट -
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम
रिसर्च: समुद्र में तैरने से हो सकते है आप बीमार, पेट और स्किन का इंफेक्शन होने का खतरा
समुद्र की लहरों पर छुट्टियां बिताना और तैरना हम में से कई लोगों को खूब पसंद होगा। लेकिन क्या आप जानते है कि समुद्र में तैरने से आपको कई तरह के इंफेक्शन हो सकते हैं। यह बात कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में सामने आई है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, समुद्र में तैरने के 24 घंटे बाद तक समुद्र के पानी में मौजूद बैक्टीरिया शरीर पर मौजूद रहते हैं। कुछ लोगों में ये बैक्टीरिया ज्यादा वक्त तक भी चिपके रहते हैं। ये स्किन, पेट और सांस से जुड़े संक्रमण की वजह बनते हैं।

माइक्रोबियोम में बदलाव के कारण समुद्री बैक्टीरिया से संक्रमण का खतरा बढ़ा
शोधकर्ताओं के मुताबिक रिसर्च में ऐसे समुद्री बैक्टीरिया मिले हैं जो संक्रमण की वजह बनते हैं। यह त्वचा के माइक्रोबियोम को बदल देते हैं। माइक्रोबियोम ऐसे सूक्ष्म जीव होते हैं जो स्किन को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
माइक्रोबियोम में बदलाव के कारण समुद्री बैक्टीरिया से संक्रमण का खतरा और भी बढ़ जाता है जो बाद में बड़ी बीमारियों का कारण बनता है। शोध के मुताबिक, समुद्री पानी में मौजूद बैक्टीरिया पेट, सांस, कान और स्किन में संक्रमण की वजह हैं।

ऐसा किया रिसर्च
समुद्री बैक्टीरिया को समझने के लिए शोधकर्ताओं ने नौ लोगों को रिसर्च में शामिल किया। इन नौ लोगों ने सनस्क्रीन का इस्तेमाल नहीं किया और 12 घंटों से नहीं नहाया था। इसके अलावा इन लोगों ने पिछले 6 महीने में किसी तरह की एंटीबायोटिक भी नहीं ली थी।
पानी में उतरने से पहले इनके शरीर से बैक्टीरिया के नमूने लिए गए। समुद्र में 10 मिनट तैरने के बाद अगले 6 और 24 घंटों में दो बार जांच की गई। इसमें पाया गया कि तैरने से पहले सभी में अलग-अलग तरह की बैक्टीरिया थे लेकिन तैरने के बाद सभी की स्किन पर एक जैसे जीवाणु थे। जो पहले वाले जीवाणु की तुलना में काफी अलग थे।
तैरने के बाद इनमें वायब्रियो नाम का बैक्टीरिया पाया गया। जो रॉड के आकार का होता है। इसकी कई प्रजाति अधपके समुद्री खाने में पाई जाती है। सी-फूड से होने वाले इंफेक्शन का कारण यही बैक्टीरिया है। शोध के मुताबिक, यह बैक्टीरिया समुद्र के मुकाबले स्किन पर तेजी बढ़ता है और संक्रमित करता है।

प्रदूषित हो रहा समुद्र का पानी
शोधकर्ताओं के अनुसार जब हम तैरते हैं तो सामान्य बैक्टीरिया शरीर से निकल जाते हैं जबकि समुद्री बैक्टीरिया शरीर में अपना घर बना लेते हैं। पिछली कई रिसर्च में समुद्री पानी में स्विमिंग और संक्रमण के बीच एक कनेक्शन पाया गया है। ऐसे मामलों का बड़ा कारण है गंदे पानी को समुद्र तटों पर बहाया जाना।



Click it and Unblock the Notifications