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कोरोनावायरसः इन तरीकों से जानें कि कोविड-19 का आपके पीरियड पर क्या असर हुआ है
कोरोनावायरस पैनडेमिक ने एक साल में बहुत कुछ बदल दिया है। जहां हमारे रहन सहन के ढंग से हमारे वर्किंग स्टाइल तक में बदलाव आया है वहीं इसके असर से महिलाओं की मेंस्ट्रल साइकिल भी अछूता नहीं है। यहां पढ़ें किस तरह कोविड19 ने आपकी मेंस्ट्रल साइकिल पर असर डाला है-

1. महिलाओं पर कोविड19 का असर
ऐसा माना गया कि कोविड 19 से महिलाओं को कम खतरा है, लेकिन असल में कोविड के लंबे समय तक रहने वाले कॉमनपलिकेशंस का ज्यादा रिस्क महिलाओं को ही है, इसमें मेंटल इलनेस के अलावा महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर इसका दुष्प्रभाव शामिल है। ऐसी कई केस स्टडीज हैं जिनमें महिलाओं ने यह माना है कि कोविड 19 की वजह से उनकी मेंस्ट्रल साइकिल में बदलाव आया है।

2. कोविड 19 का पीरियड्स पर असर
कुछ एक्सपर्ट्रस का मानना है कि मेंस्टुरेशन और फर्टिलिटी पर असर डालने वाले हॉर्मोनल और एंडोक्रिनल बदलाव महिलाओं में कोविड इंफेक्शन के शुरुआती लक्षणों को पकड़ने में मदद कर सकते हैं।

3. कोविड 19 की शिकार हो चुकी महिलाओं को हो रही है समस्या
मेडिकल न्यूज टुडे में पब्लिश हुई रिपोर्ट्रस के अनुसार कोविड की शिकार हो चुकी जिन महिलाओं को मेंस्ट्रल प्रॉब्लम्स हुईं उन्होंने अन्य समस्याएं जैसे कि मेंटल स्ट्रेस और क्वालिटी आॅफ लाइफ में कमी आना आदि भी सामने आईं। कोविड 19 के बाद महिलाओं ने कम से कम एक बार उनकी मेंस्ट्रल साइकिल में बदलाव की शिकायत जरूर की, यह साफ दर्शाता है कि इस वायरस का माहिलाओं की सेहत पर कितना विपरीत असर हो रहा है।

4. लंबे समय तक खिंच सकती है यह समस्या
कोविड 19 के बाद मेंस्ट्रल साइकिल में होने वाली यह समस्या लंबे समय तक चल सकती है और यह माहिलाओं के रिप्रोडिक्टव सिस्टम पर भी असर डाल सकती है। यहां पढ़ें कोविड 19 की शिकार हुई महिलाओं को किन तीन तरीकों से मेंस्ट्रल प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ सकता हैः
1. इररेगुलर पीरियड्स
कोरोना से रिकवर होने के बाद कई महिलाओं को अनियमित मेंस्ट्रल की समस्या सामने आई है। इररेगुलर पीरियड्स , मेंस्ट्रल पेन, हॉर्मोनल चेंजेस जैसी समस्याएं कोरोना से रिकवर होने के बाद महिलाएं झेल रही हैं। कुछ महिलाओं ने पीरियड्स मिस होने की भी शिकायत की है, जबकि कुछ के साथ हैवी ब्लीडिंग की समस्या भी हुई है। कई डॉक्टर्स का कहना है कि मेंस्ट्रल समस्याएं महिलाओं को स्ट्रेस और एंजाइटी की वजह से हो रही हैं।
2. ब्लड क्लॉटिंग
कोविड 19 के साइड इफेक्टस में ब्लडक्लॉटिंग भी शामिल है। मेंस्ट्रल क्लॉटस चितंजनक नहीं होते, लेकिन कोविड 19 के बाद होने वाले इन ब्लड क्लॉटस से खून की कमी व अन्य समस्याएं हो सकती हें।
3. पीएमएस
कोविड से रिकवर होने वाली जितनी भी महिलाओं के साथ यह सर्वे किया गया, उनमें से करीब करीब हर महिला ने यह कहा कि अब उनके मूड स्विंग्स ज्यादा होते हैं।



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