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Viral Fever vs Dengue डेंगू और वायरल फीवर होते है एक दूसरे से अलग, जानें इनके लक्षण और कारण

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डेंगू बुखार को सिर्फ वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज न करें। दोनों एक दूसरे से काफी अलग हैं। शुरुआत में, यह जानना मुश्किल हो सकता है कि आप वास्तव में किससे पीड़ित हैं। हालांकि, इन दोनों के शुरुआती लक्षण समान हो सकते हैं, फिर भी दोनों के होने के तरीके में कुछ ऐसे अंतर होते है जो सामने नजर आते है। आइए जानते है डेंगू और वायरल फीवर में क्‍या अंतर हैं।

कैसे होता है वायरल बुखार?

कैसे होता है वायरल बुखार?

वायरल बुखार तीव्र बुखार है जो तीन से पांच दिनों तक रहता है, साथ में तेज ठंड लगना और शरीर में दर्द होता है। यह आमतौर पर तीन से पांच दिनों तक रहता है और ये बुखार आते ही चला जाता है। यह आमतौर पर संक्रमित लोगों की बूंदों या संक्रमित स्राव को छूने से हवा के माध्यम से फैलता है।

कैसे होता है डेंगू बुखार?

कैसे होता है डेंगू बुखार?

दूसरी ओर, डेंगू बुखार टाइगर मच्छर (एडीज इजिप्टी) के जरिए फैलता है। इस मच्छर की पहचान ये है क‍ि इसमें काली और पीली धारियां होती हैं इसी वजह से इसे टाइगर मच्‍छर कहा जाता है। और यह सुबह के समय ही काटता है। वायरस सफेद रक्त कोशिकाओं में प्रवेश करके वहां प्रजनन करता है।

देर से दिख सकते है डेंगू के लक्षण

देर से दिख सकते है डेंगू के लक्षण

बहुत से लोग डेंगू संक्रमण के चपेट के बाद भी लक्षणों को अनुभव नहीं करते हैं। आमतौर पर मच्छर के काटने के चार से 10 दिन बाद लक्षण दिखने शुरू होते है। डेंगू बुखार तेज बुखार का कारण बनता है - 104 एफ (40 सी) तक और निम्न में लक्षण दिखाई देते हैं।

सिरदर्द

मांसपेशियों, हड्डी या जोड़ों का दर्द

मतली

उल्टी

आंखों के पीछे दर्द

ग्रंथियों में सूजन

गंभीर डेंगू तब होता है जब आपकी रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त और लीक हो जाती हैं। और आपके रक्तप्रवाह में थक्का बनाने वाली कोशिकाओं (प्लेटलेट्स) की संख्या कम हो जाती है। इससे सदमा, आंतरिक रक्तस्राव, अंग विफलता और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है।

लक्षणों के आधार पर

लक्षणों के आधार पर

वायरल और डेंगू बुख़ार में अंतर पहचाने के ल‍िए लक्षणों के आधार पर भी आप पहचान सकते हो। वायरल फीवर में मरीज़ को बुख़ार के साथ नाक बहना, गले में दर्द, शरीर में दर्द, कमज़ोरी जैसे लक्षण दिखते हैं। वहीं, डेंगू में बुख़ार तेज़ होता है, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द होता है। इसके अलावा बुखार के 24 या 48 घंटों के भीतर शरीर में गुलाबी रंग के चकत्ते बनने लगते है।

टेस्‍ट से कैसे मालूम करें

टेस्‍ट से कैसे मालूम करें

मेडिकल तौर पर वायरल बुख़ार और डेंगू में फर्क समझने के लिए हीमोग्राम ( पूरा ब्लड टेस्ट) के साथ डेंगू NS1 एंटीजन टेस्ट किया जाता है। अगर टेस्ट पॉज़ीटिव आए, तो मतलब डेंगू है।

खतरा

खतरा

गंभीर डेंगू बुखार आंतरिक रक्तस्राव और अंग क्षति का कारण बन सकता है। रक्तचाप खतरनाक स्तर तक गिर सकता है, जिसकी वजह से झटके लगने लगते है। कुछ मामलों में, गंभीर डेंगू बुखार मौत का कारण बन सकता है।

डॉक्टर के पास कब जाएं है?

यदि आपने हाल ही में ऐसी क‍िसी जगह के दौरे पर थे, जहां डेंगू बुखार का प्रकोप था, तो आपको तुरंत डॉक्‍टर से मिले। अगर आपको बुखार के अलावा ये संकेत नजर आते है जैसे गंभीर पेट दर्द, उल्टी, सांस लेने में कठिनाई, या आपकी नाक, मसूड़ों, उल्टी या मल में खून तो बिल्‍कुल भी देर न करें।

English summary

Difference Between Viral Fever vs Dengue Fever : Causes and Symptoms in Hindi

viral fever is the intense fever that lasts for three to five days, accompanied by severe chills and body ache. Dengue fever, on the other hand, is transmitted by the tiger mosquito
Story first published: Tuesday, September 14, 2021, 14:19 [IST]